बुद्धिमत्ता, प्रतिभा और आकर्षण महान हैं, लेकिन प्रायः इसकी वज़ह से हमारे बीच के सबसे दौलतमंद और सबसे गरीब के बीच के अंतर को परिभाषित नहीं किया जा सकता। बुद्धिमान, प्रतिभाशाली और आकर्षक व्यक्ति होने का मतलब यह नहीं हैं कि वह अमीर ही होगा। गरीबों में भी बुद्धिमत्ता प्रतिभा और आकर्षित करने की क्षमता हो सकती है।
इसके बजाय, हमारी दैनिक आदतों की वजह से हम गरीब या अमीर होते हैं। क्या आपको इसका एहसास है कि हम जितना समय तक जागते हैं और जो भी गतिविधि करते हैं उसमें से हमारी 40% गतिविधि हमारे अवचेतन मन की वज़ह से अपने आप होती हैं। इसका मतलब है कि हर दिन के पूरे दिन भर में हर पांच मिनट में से दो मिनट, हम ऑटोपायलट मोड अर्थात स्वचालित ढंग या बिना सोचे अप्रत्यशित ढंग से काम करते हैं। यह सच है:कि हमारी आदतें हमारे अवचेतन मन में गहरे में बैठी रहती हैं। अपनी आदतों की वजह से हम स्वचालित रुप से कुछ काम करते रहते हैं।
यह अवचेतन मन या तंत्रिका तंत्र हमारे मस्तिष्क की ऊर्जा को बचाने के लिए बनी है। जब हमारी कोई एक आदत बनती है और अवचेतन मन में संग्रहीत हो जाती है, तो हमारे मस्तिष्क के हिस्से को गहन निर्णय लेने वाले गतिविधि में पूरी तरह से भाग लेने से बचाती हैं। हालाँकि, हम सभी जानते हैं कि आदतें अच्छी और बुरी दोनों ही तरह की होती हैं।
अमीर और गरीब लोगों की आदतों के बीच के अंतर का अध्ययन करते हुए सैकड़ों लोगों से पूछताछ करने के बाद उनके द्वारा व्यक्त की गयी प्रतिक्रियाओं और दिए गए जबाबों का विश्लेषण करने पर पता चला की कौन सी ऐसी आदतें हैं जिसकी वज़ह लोग अमीर या ग़रीब बनते हैं। कौन सी ऐसी आदतें हैं जिसकी वजह से धनवान और समृद्धि पाते हैं और गरीब ,गरीब ही रह जाते हैं।
अमीरों की आदतों और गरीबों की आदतों के बीच की खाई चौंका देने वाली हैं। यदि आप पहले से ही अच्छी आदतों का अनुसरण करते हैं, तो संभावना है कि आप इनमें से अधिकांश अमीर आदतों (रिच हैबिट्स) का पालन कर रहे होंगे। इनमें से जिन आदतों की आपने अब तक नहीं अपनाया होगा उन्हें अपनाकर आप उन्नति कर सकते हैं, आगे बढ़ सकते हैं, अमीर बन सकते हैं। लेकिन आश्वस्त रहें ; यदि आप इन सिद्धांतों को ध्यान में रखे बिना भी अब तक ठीक कर रहे होंगे, तो यह आपको और अधिक मजबूत बनाएगा, समृद्ध बनायेगा।
अमीर और गरीब के बीच के कुछ अंतर स्पष्ट हैं, जबकि कुछ बहुत ही अधिक आश्चर्यजनक हैं। यहां कुछ सबसे महत्वपूर्ण अमीर आदतें हैं जिन्हें आप अपने धन की क्षमता तक पहुंचने और बनाए रखने के लिए अपना सकते हैं, अमल में ला सकते हैं।
1. अपनी संपत्ति पर जियो।
धनवान लोग अपनी प्रतिमाह की आय का 20 प्रतिशत हिस्सा निकालकर पहले अपने भविष्य की आय के लिए संपत्ति बनाने के लिए भुगतान करके फ़िजूलखर्ची से बचते हैं, और अपनी शुद्ध आय का 20 प्रतिशत निकालने के बाद शेष बचे 80 प्रतिशत पर अपना जीवन - यापन करते हैं।
आज जो लोग भी आर्थिक रूप से संघर्ष कर रहे हैं, उनमें से लगभग सभी लोग अपने संसाधनों से अधिक ख़र्च कर रहे होते हैं। वे जितना कमाते हैं उससे अधिक खर्च करते हैं, और उनका कर्ज उन्हें भारी पड़ता है। यदि आप अपने वित्तीय संघर्षों को समाप्त करना चाहते हैं, तो आपको अपने खर्चों को कम करने और बजट बनाने की आदत बनाने की आवश्यकता है। यहां आपके मासिक शुद्ध वेतन के लिए बजट के कुछ तरीकों के बारे में बताया गया है।
- आवास पर 25 प्रतिशत से अधिक खर्च न करें, भले ही घर आपका ख़ुद का हो या किराए पर रह रहे हों।
- भोजन पर 15 प्रतिशत से अधिक खर्च न करें।
- मनोरंजन को सीमित करें- मधुशाला या शराबख़ाना, फिल्में, ख़ेल - कूद या जो कुछ भी आप मनोरंजन के लिए करते हों , उस पर आपके खर्च का 10 प्रतिशत से अधिक ख़र्च नहीं होना चाहिए। छुट्टियां मनाने या पिकनीक आदि पर आपके वार्षिक शुद्ध वेतन के 5 प्रतिशत से अधिक ख़र्च नहीं होना चाहिए।
- मोटर कार के ऋण पर 5 प्रतिशत से अधिक खर्च न करें, और न ही कभी कार को भाड़े पर लेने की कोशिश करें। चौरानबे प्रतिशत अमीर लोग लीज या भाड़े पर गाड़ी लेने के बजाय खरीदते हैं। ये लोग अपनी कारों को तब तक रखते हैं जब तक कि वह एकदम से ख़राब न हो जाय। वे बहुत सावधानी बरतते हैं ताकि लंबे समय में पैसे बचा सकें।
- क्रेडिट कार्ड ऋण का भुगतान समय पर करते रहें। क्रेडिट कार्ड ऋण के बकाये का अंबार न जमा होने दें। यदि आप ऐसा कर रहे हैं, तो यह एक स्पष्ट संकेत है कि आपको कहीं न कहीं कटौती करने की आवश्यकता है।
- बचत और निवेश को दो पूरी तरह से अलग चीजें हैं। आपको अपनी बचत पर हमेशा ध्यान देना चाहिए। कभी भी बचत के पैसों को ख़र्च नहीं करना चाहिए। यदि आप अपनी नौकरी खो देते हैं या आपके व्यवसाय में घाटा हो जाता है, तो ऐसे आपातकालीन परिस्थिति के लिए आपके निधि में छह महीने के जीवन-यापन के खर्च के लिए आवश्यक रक़म बचत करने की कोशिश करें।
- सेवानिवृत्ति योजना के लिए जितना हो सके उतना अंशदान का निवेश करें। यदि आप एक ऐसी कंपनी में काम करते हैं, जो एक निश्चित प्रतिशत तक आपके अंशदान के बराबर सेवानिवृत्ति योजना में निवेश करती हो तो या बहुत ही अच्छी बात है। आप इस सुविधा का लाभ उठायें और जितना हो सके हमेशा उस नि: शुल्क धन का लाभ लेने का प्रयास करें।
2. जुआ मत खेलो।
वित्तीय संघर्ष करने वाले 77 प्रतिशत लोग हर हप्ते लॉटरी खेलते हैं। वे भाग्य के भरोसे निर्भर रहते हैं। लेकिन शायद ही कोई ऐसा धनवान हो जो इस तरह से जुआ खेलता हो। धनवान लोग अपने धन के लिए इस तरह के बेतरतीब सौभाग्य पर भरोसा नहीं करते हैं। वे अपना सौभाग्य खुद बनाते हैं। यदि आप जोखिम जानने के बाद भी दांव लगाना चाहते हों, जुआ खेलना या लॉटरी खेलना चाहते हों तो अपने मनोरंजन बजट में से धन का उपयोग करें।
3. हर दिन कुछ पढ़ें।
ऐसी चीजों के बारे में पढ़ना चाहिए जो आपके व्यवसाय या कैरियर के बारे में आपके ज्ञान को बढ़ाये, जिससे आप सहयोगियों, कर्मचारियों और ग्राहकों की नज़रों में अधिक मूल्यवान बनेंगे। अमीर लोगों में, 88 प्रतिशत हर दिन 30 मिनट या उससे अधिक पढ़ते हैं। वे अपने पढ़ने के समय का अच्छा उपयोग करते हैं। अपनी दिनचर्या में पढ़ने को महत्वपूर्ण स्थान देते हैं।
- 63 प्रतिशत लोग अपने आवागमन के दौरान ऑडियोबुक सुनते हैं।
- 79 प्रतिशत लोग शैक्षणिक, ज्ञानवर्धक और कैरियर से संबंधित सामग्री पढ़ते हैं।
- 55 प्रतिशत लोग अपने व्यक्तिगत विकास के लिए पढ़ाई करते हैं।
- 58 प्रतिशत लोग सफल लोगों की आत्मकथाएँ पढ़ते हैं।
- 94 प्रतिशत लोग वर्तमान की घटनाओं को पढ़ते हैं।
- 51 प्रतिशत लोग इतिहास के बारे में पढ़ते हैं।
- 11 प्रतिशत - हां मात्र 11 प्रतिशत लोग ही विशुद्ध रूप से मनोरंजन प्रयोजनों के लिए पढाई करते हैं।
सफल लोगों के पढ़ने का कारण खुद को बेहतर बनाना होता है। यह उन्हें प्रतियोगिता से अलग करता है।अपने ज्ञान में वृद्धि करके, वे अधिक अवसरों को देखने में सक्षम हो पाते हैं, जिसकी वजह से अधिक धन कमा पाने में समर्थ होते हैं। तुलनात्मक रूप से देखें तो, संघर्ष करने वाले 50 लोगों में से केवल एक व्यक्ति ही इस दैनिक स्व-सुधार पठन - पाठन में संलग्न होते हैं। यही कारण है कि गरीब लोग पेशेवर रूप से विकसित नहीं हो पाते हैं और अमीरी की दौड़ से बहार हो जाते हैं। हमेशा तंगहाली में जीने के लिए मजबूर होते हैं।
4. टीवी और इंटरनेट पर व्यर्थ में समय न बितायें।
आप अपने मूल्यवान समय का कितना हिस्सा टीवी या इंटरनेट पर गवां देते हैं ? दो तिहाई अमीर लोग एक दिन में एक घंटे से भी कम टीवी देखते हैं और लगभग 63 प्रतिशत लोग एक दिन में एक घंटे से भी कम समय इंटरनेट पर खर्च करते हैं जब तक कि यह उनके नौकरी या व्यवसाय से संबंधित न हो।
इसके बजाय, ये सफल लोग अपने खाली समय का उपयोग, अपने व्यक्तिगत विकास करने में, संपर्को और रिश्तों को बनाने, बढ़ाने और मजबूत करने में, स्वयंसेवी गतिविधियों में, साइड जॉब या साइड बिज़नेस करने में करते हैं, या कुछ ऐसे लक्ष्यों को हासिल करने का प्रयास करते हैं जिससे समाज में सम्मान प्राप्त हो सके। लेकिन आर्थिक रूप से संघर्ष कर रहे लोगों में से लगभग 77 प्रतिशत लोग टीवी देखते हुए प्रतिदिन एक घंटा या उससे अधिक समय बिताते हैं, और 74 प्रतिशत से अधिक लोग एक दिन में एक घंटा या उससे अधिक समय इंटरनेट पर व्यर्थ में व्यतीत करते हैं।
5. अपनी भावनाएं नियंत्रित करें।
आपके मन में आये हर विचार को आपके मुंह से बाहर आने देने की जरूरत नहीं है। हर भावना को व्यक्त करने की आवश्यकता नहीं है। जब आप आपके दिमाग में जो कुछ भी है, उसे कहते हैं तो आप उससे दूसरों की भावना को चोट पहुंचाने का जोखिम उठाते हैं। आर्थिक रूप से संघर्ष करने वाले 69 प्रतिशत लोगों की, कहीं भी, कभी भी कुछ भी बोलने की आदत होती है। इसके विपरीत, 94 प्रतिशत अमीर लोग अपनी भावनाओं को नियंत्रित करते हैं। वे इस बात का ध्यान रखते हैं और समझते हैं कि उनकी कौन सी बात उनके व्यक्तिगत, व्यवसायिक और घरेलू रिश्तों और संबंधो को नष्ट कर सकता है। वे समझते हैं कि भावनाओं को नियंत्रित करने से उन्हें व्यक्तिगत, व्यवसायिक और घरेलू रिश्तों और संबंधो को मजबूत बनाने में सहायता मिल सकती है। जब तक आपका मन शांत नहीं होता है और आप स्थिति को निष्पक्ष रूप से देखने में समर्थ नहीं होते हैं या परिस्थिति का विश्लेषण निष्पक्ष रुप से नहीं कर पाते हैं तब तक आपको अपने मन में चलने वाली बात कहने के लिए, अपनी भावना को व्यक्त करने के लिए इंतजार करना चाहिए, प्रतीक्षा करना चाहिए ।
डर सबसे महत्वपूर्ण नकारात्मक भावना है जिसे नियंत्रित करने की जरुरत है। कोई भी बदलाव, यहां तक कि सकारात्मक बदलाव भी जैसे शादी या पदोन्नति, भय की भावनाओं को प्रेरित कर सकते हैं, बढ़ा सकते हैं। धनवान लोगों ने इन विचारों को दूर करने के लिए अपने दिमाग को अनुकूलित किया है, जबकि जो लोग आर्थिक रूप से संघर्ष करते हैं, वे डर को अपने मन में बिठा लेते हैं और वे डर के मारे अपने आपको आगे बढ़ने से रोकते हैं।
चाहे आप बदलाव से डरते हों, गलतियाँ करने से, जोखिम उठाने से या आपके मन में असफलता का डर हो, इन भावनाओं पर विजय पाना थोड़े समय के लिए मुश्क़िल काम हो सकता है, जब तक कि आप अपने अंदर आत्मविश्वास का निर्माण नहीं कर लेते हैं। आत्मविश्वास, आश्चर्यजनक रुप से इन भावनाओं पर विजय पाने में मदद करता है।
6. नियमित रूप से लोगों से संपर्क बढ़ाने और स्वयंसेवक के रुप में कार्य करने के लिए समय निकालें ।
7. अपने कार्य और व्यवसाय की जिम्मेदारी से अधिक करने की कोशिश करें।
8. लक्ष्य निर्धारित करें, इच्छाएं नहीं।
आप अपनी किसी इच्छा के परिणाम को नियंत्रित नहीं कर सकते, लेकिन आप अपने एक लक्ष्य के परिणाम को नियंत्रित कर सकते हैं।
हर साल, 70 प्रतिशत अमीर कम से कम एक प्रमुख लक्ष्य को पाने के लिए प्रयास करते हैं। जबकि आर्थिक रुप से संघर्ष करने वालों में से मात्र 3 प्रतिशत लोग ही ऐसा करते हैं।
9. टालमटोल करने से बचें।
सफल लोग यह समझते हैं कि शिथिलता गुणवत्ता को प्रभावित करती है; नियोक्ता, ग्राहकों या साथ में जुड़े सदस्यों को असंतुष्ट बनाता है; और अन्य गैर-व्यावसायिक रिश्तों को भी नुकसान पहुंचाता है। यहां पांच रणनीतियां दी गई हैं जो आपको शिथिलता से बचने में मदद करेंगी -
1 - दैनिक रूप से किये जाने वाले कार्यों की(टू-डू) सूची बनाएं, जो आपके दैनिक लक्ष्य हैं। आप हर दिन अपने "टू-डू" सूची का 70 प्रतिशत या उससे अधिक कार्य पूरा करने की कोशिश करें।
2 - "हर दिन पांच" के नियम का पालन करें। ये गतिविधियाँ उन महत्वपूर्ण चीज़ों का प्रतिनिधित्व करती हैं जो आपको किसी बड़े उद्देश्य या लक्ष्य को साकार करने में मदद करेंगी।
3 - कृत्रिम समय सीमा तय करें और उसे लोगों के साथ साझा करें । भले ही आप उसे जल्दी खत्म कर लें। इसमें कोई बुराई नहीं है।
4 - जवाबदेही भागीदार बनायें। ये वे लोग होते हैं जिनके साथ आप एक बड़े लक्ष्य को पाने के लिए कोशिश करते हैं। हर हफ्ते कम से कम एक बार उनके साथ संवाद स्थापित करें, और यह सुनिश्चित करें कि वे आपको आगे बढ़ने में मदद करें, आपको प्रोत्साहित करें।
5 - "इसे अभी करो" कहें और उसके लिए प्रतिबद्ध रहें। यह एक स्व - छिद्रान्वेषी, ख़ुद का अवगुण ढूंढ़नेवाली तकनीक है। जब तक आप किसी कार्य या परियोजना को शुरू नहीं करते हैं, तब तक बार - बार "इसे अभी करो" जैसे शब्दों को दोहराएं।
10. बातें कम करें और सुनें अधिक।
5 और 1 का अनुपात सही है। अर्थात आपको अपने जीवन में एक मिनट बोलने और पांच मिनट दूसरों की बात सुनने के नियम का पालन करना चाहिए। धनवान लोग अच्छे संचारक अर्थात अपनी बात को प्रभावी ढंग से रखने वाले होते हैं, क्योंकि वे अच्छे श्रोता होते हैं। वे समझते हैं कि, केवल दूसरे लोगों द्वारा कही गयी बातों को सुनकर ही सीख सकते हैं और अपने आप को शिक्षित कर सकते हैं। जितना ही अधिक आप अपने रिश्तों के बारे में सीखते हैं, उतना ही आप उनकी मदद कर सकते हैं।
11. विषाक्त लोगों से बचें।
हम जिनके साथ अपना सबसे अधिक समय बिताते हैं केवल उतने ही सफल हो सकते हैं। धनवान और सफल लोगों में से, 86 प्रतिशत लोग अन्य सफल लोगों के साथ जुड़े होते हैं। लेकिन आर्थिक रूप से संघर्ष करने वाले 96 प्रतिशत लोग अपने जैसे आर्थिक रूप से संघर्ष करने वाले लोगों के साथ ही चिपके रहते हैं।
यदि आप अपने वित्तीय संघर्षों को समाप्त करना चाहते हैं, तो आपको अपने प्रत्येक रिश्ते का मूल्यांकन करने और यह निर्धारित करने की आवश्यकता है कि क्या वे आपको समृद्ध बनाने में समर्थ हैं, आपको अमीर बना सकते हैं या आपको वित्तीय संघर्षों से बाहर निकालने में मदद कर सकते हैं, या आपको एक गरीब और वित्तीय संघर्षों में ही जकड़े रहने के लिए बाध्य करता है। आप अपना अधिक से अधिक समय सफल और धनवान लोगों के साथ बिताना शुरू करें और अपने जैसे गरीब और वित्तीय संघर्षों वाले लोगों के साथ कम से कम संबंध रखें। अमीर और सफ़ल लोगों के साथ रिश्ते आपको एक बेहतर अवसर को खोजने में मदद कर सकते हैं, आपके लिए नए व्यवसाय का सुझाव दे सकते हैं या नये अवसर के द्वार खोल सकते हैं।
12. कभी भी हार मत मानो
जो लोग जीवन में सफल होते हैं उनमें तीन चीजें समान होती हैं: फोकस, दृढ़ता और धैर्य। वे बस अपने बड़े लक्ष्यों का पीछा कभी भी नहीं छोड़ते हैं जब तक उसे हासिल न कर लें। जबकि जो लोग आर्थिक रूप से संघर्ष करते हैं वे थोड़ी सी भी अड़चन, परेशानी आने पर अपने लक्ष्यों को छोड़ देते हैं और नया कुछ करने लगते हैं।
13. आपके रास्ते में रुकावट पैदा करने वाले आत्म-सीमित विश्वासों को अपने से अलग रखें।
यदि आप आर्थिक रूप से परेशान हैं, तो शायद आपने अपने जीवन में जरुर कभी न कभी खुद को इनमें से कुछ असत्य के बारे में बताया हो, मानते हों, जैसे - ''गरीब लोग कभी भी अमीर नहीं बन सकते'' , ''अमीर लोगों की किस्मत अच्छी होती है और गरीब लोगों की किस्मत खराब होती है'' , ''मैं स्मार्ट नहीं हूँ'' , ''मैं कुछ भी ठीक ढंग से नहीं कर सकता'' या ''मैं अपनी हर कोशिश में हमेशा नाकाम ही रहा हूं।''
इन आत्म-सीमित विश्वासों में से प्रत्येक आपके व्यवहार को नकारात्मक तरीके से बदल देता है। पाँच में से लगभग चार धनी लोग जीवन में अपनी सफलता का श्रेय अपनी मान्यताओं को देते हैं। नेपोलियन हिल, डेल कार्नेगी और जिम रॉन जैसे व्यक्तिगत विकास के महान लोगों की किताबें पढ़ें और उनसे सबक लेकर अपनी नकारात्मक मान्यताओं को सकारात्मकता में बदलें।
14. एक संरक्षक(मेंटर) खोजें।
93 प्रतिशत अमीर लोगों के पास जरुर कोई न कोई एक शिक्षक, संरक्षक (मेंटर) था, जिसे उन्होंने अपनी सफलता के लिए जिम्मेदार ठहराया। शिक्षक, संरक्षक (मेंटर्स) नियमित रूप से और सक्रिय रूप से आपकी उन्नति में भाग लेते हैं जो आपको सिखाते हैं कि क्या करना है और क्या नहीं करना है। इस तरह के शिक्षक संरक्षक (मेंटर)को खोजना अमीर बनने का सबसे अच्छा और कम से कम तकलीफदेह रास्ता है।
यदि आप अपने लक्ष्यों को जानते हैं, तो किसी ऐसे व्यक्ति को खोजें जो उन्हें पहले ही हासिल कर चुका हो। आप इस बात से हैरान होंगे कि कितने ही लोग आपकी मदद करने के लिए तत्पर रहते हैं, आपके साथ सहयोग करने के लिए तैयार रहते हैं और आपको मदद करना चाहते हैं।
15. अपनी शब्दावली से "बुरी किस्मत" को हटा दें।
जीवन में आर्थिक रूप से संघर्ष करने वालों के पास खुद के लिए ''बुरी किस्मत'' बनाने का एक तरीका है, वह है उनकी आदतें। उनकी आदतों का प्रतिफल है कि वे जीवन भर आर्थिक रुप से संघर्ष करते हैं। जैसे किसी पहाड़ी पर बर्फ के टुकड़े बार - बार गिरकर बड़ी - बड़ी चट्टानों का रुप पकड़ लेती हैं और जब अपरिहार्य रुप से हिमस्खलन होता है तो विषम परिस्थितियां पैदा हो जाती हैं। ठीक उसी तरह से ग़रीबी की आदतें भी बार - बार दोहराने से विचारों में संकीर्णता रुपी चट्टानें बन जाती हैं। जो हमारे विकास को अवरुद्ध करती हैं। जिसके परिणामस्वरूप नौकरी के छूटने, असफ़ल शादी, चिकित्सा संबंधी समस्या, दिवालियापन और टूटे हुए व्यापारिक संबंध जैसी समस्याएं पैदा हो जाती हैं।
इसके विपरीत, सफल लोग अपने स्वयं के अनूठे प्रकार का सौभाग्य बनाते हैं। उनकी सकारात्मक आदतें पदोन्नति, बोनस, नए व्यवसाय और अच्छे स्वास्थ्य जैसे अवसरों को जन्म देती हैं।
16. अपने मुख्य उद्देश्य को जानें।
यह अमीर बनाने वाली अंतिम आदत है, लेकिन यह सबसे महत्वपूर्ण आदत है। वे लोग जो जीवन में एक सपने या किसी एक मुख्य उद्देश्य को पाने के लिए प्रयत्न करते हैं, वे ही हमारे बीच सबसे अमीर और सबसे खुशहाल व्यक्ति हैं। क्योंकि वे जीवित रहने के लिए जो कुछ भी करते हैं उससे बहुत प्यार करते हैं, वे अपने उद्देश्य को पाने के लिए हर दिन अधिक समय तक कार्य करने के लिए समर्पित रहते हैं और खुश रहते हैं।
यदि आप अपनी नौकरी में पर्याप्त आय अर्जित नहीं कर पा रहे हैं, तो इसका मतलब है कि आप कुछ ऐसा कर रहे हैं जो आपको विशेष रूप से पसंद नहीं है। लेकिन वहीं जब आप पर्याप्त आय अर्जित कर रहे हों और उसको करने में आपको आनंद मिल रहा हो, मजा आ रहा हो, तो आपको अपना मुख्य उद्देश्य मिल जाता है। यही है आपका मुख्य उद्देश्य जिसे करने में आपको संतुष्टि मिले, आनंद आये, थकावट व बोरीयत महसूस न हो।
मानो या न मानो, इस उद्देश्य को खोजना आसान है। यहाँ एक प्रक्रिया दी गई है, जिससे आप अपने मुख्य उद्देश्य को आसानी से पा सकते हैं :-
1. आपको जिन कामों को करने से खुशी मिलती हो उन सभी कार्यों को याद करें और उनकी एक सूची बनाएं।
2 - अपनी बनायीं गयी सूची में से उन वस्तुओं को हाइलाइट करें, चिन्हित करें, जिसे पूरा करने के लिए आपको एक कौशल की जरुरत हो, उस कौशल की पहचान करें।
3 - आपके द्वारा चिन्हित किये गए वस्तुओं को रैंक करें। उन्हें 1 से 10 तक क्रमांक दें जिससे आपको सबसे अधिक आनंद मिलता हो, ख़ुशी मिलती हो उसे 10 अंक दें।
4 - अब जितने भी कार्यों को आपने हाइलाइट किया है, चिन्हित किया है उन वस्तुओं को उनकी आय क्षमता के संदर्भ में क्रमांक दें। सभी आकर्षक और लाभदायक कौशल को 10 अंक दें।
5 - उच्चतम स्कोर वाले दो वस्तुएं ही आपके जीवन के संभावित मुख्य उद्देश्य का प्रतिनिधित्व करते हैं।
जैसा कि आप देख सकते हैं, अमीर और गरीब के बीच के अंतर करना सरल है। कभी-कभी सहज हैं, लेकिन महत्वहीन नहीं हैं। यदि आपने इन 16 आदतों को पूरा करने का लक्ष्य रखा, और उसे अपनाया तो इस बात की पूरी गारंटी है कि आप सफलता के चरम पर पहुंचेंगे, उपलब्धियां हासिल करेंगे।




