शनिवार, 11 जुलाई 2020

कोरोना से जंग जीतने के लिए आपको कैसी जीवन शैली को अपनाना चाहिए। What lifestyle should you adopt to win the battle against Corona?


अचानक से आई एक नई बीमारी के लिए विश्व के किसी भी देश में कोई तैयारी नहीं थी। कोरोना महामारी के बाद जीवनशैली में व्यापक बदलाव होंगे। यह महामारी मानव मन, जीवन और उसके पूरे भविष्य को गंभीर व दीर्घकालिक रूप से परिवर्तित कर देगी। कोरोना का संकट विश्व को एक नई दिशा देगा।  ऐसा भी कहा जा सकता है कि  कोरोना कहर से मुक्ति के बाद भी लाखों-करोड़ों लोगों का जीवन कभी भी पहले के जैसा नहीं हो पाएंगा। कोरोना मानव मन पर लघुकालिक एवं दीर्घकालिक प्रभाव  छोड़ेगा। कोरोना का प्रभाव केवल स्वास्थ्य तक ही सीमित नहीं हैं। इसका  प्रभाव सामाजिक, मनोवैज्ञानिक, राजनीतिक और सबसे प्रमुख आर्थिक क्षेत्रों पर वृहद रूप से पड़ने वाला है। कोरोना कहर के बीच हर व्यक्ति स्वयं को दूषित और दमघोंटू वातावरण में टूटा-टूटा सा अनुभव कर रहा है।

ध्यान रखिये कोरोना वायरस खत्म नहीं होगा। हमें कोरोना के साथ जीने की शैली अपनानी होगी। कैसे जिया जाए, यह हमारी भारतीय संस्कृति और परम्परा में है। लॉकडाउन की समाप्ति के साथ फिर से थमी हुई दुनिया तेज रफ्तार से पटरी पर दौड़ने लगेगी। बदली हुई परिस्थितियों में सब कुछ पहले जैसा नहीं होगा। ऐसा न हो कि भागदौड़ में जिंदगी की पटरी से हमारी गाड़ी ही उतर जाए। सरकार की तरफ से लगाई गई पाबंदियों के बीच हमें खुद अपने को संयम में रखकर महामारी से यह जंग जीतनी होगी। सामाजिक सरोकार बनाते हुए हमें शारीरिक दूरी का पालन करना होगा। कोरोना वायरस को लेकर रिसर्च में जुटे वैज्ञानिकों ने पाया है कि महामारी का प्रकोप अभी कम होगा, पर पूरी तरह समाप्त नहीं होगा।

कोरोना से पीड़ित हर व्यक्ति के लिए जरूरी है। अगर वो ट्रीटमेंट के दौरान एक अच्छी और हेल्दी लाइफस्टाइल फॉ़लो करेंगे, तो उन्हें कोरोना पर आसानी से जीत मिलेगी। तो आइए हम आपको बताते हैं कि कोरोना से जंग जीतने के लिए आपको कैसी लाइफस्टाइल फॉलो करनी चाहिए।




सकारात्मक रहें


अगर आप कोरोना के मरीज हैं, तो बीमारी से डरें नहीं बल्कि सकारात्मक बने रहें। डट के लड़ें। आज के इस कोरोना कहर के वातावरण में सकारात्मक होना, ऊर्जावान होना एक बेहतरीन बात है और इसी के माध्यम से हम मानव जीवन को पूर्ववत बना सकेंगे। यह सकारात्मकता एवं ऊर्जस्विलता ही है, जिससे हम कोरोना महामारी को परास्त कर पायेंगे, और सामान्य जीवन जी पायेंगे। इस संकटकालीन क्षणों में भी जब आप महसूस करते हैं कि, आप ऊर्जा से भरे हुए और परिपूर्ण हैं तो उस समय आपके चेहरे पर एक विशिष्ट आभा झलकती है, आँखों में चमक होती है, मन में प्रसन्नता होती है, और दिल में कुछ कर गुजरने की तमन्ना पैदा होती है। यही जिजीविषा है जो कोरोना जैसे महासंकट से हमें बचा सकेंगी। सकारात्मक रहने का असर आपके दिल और दिमाग दोनों पर होगा। ये आपको हर तरह से स्वस्थ रखेगा। ये इसलिए भी असरदार होता है क्योंकि स्ट्रेस या तनाव से हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) कमजोर होती है। वहीं अगर हम अगर  सकारात्मक रहेंगे तो हमारी सेहत पर अच्छा और सकारात्मक असर होगा। आप पाएंगे कि आप आसानी से ठीक हो रहे हैं।


साफ-सफाई का रखें ज्यादा ध्यान


बार - बार हाथ धोना कोरोना वायरस को भगाने का सबसे आसान तरीका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO और सभी बड़े वैज्ञानिक बार बार यही बात कह रहे हैं कि कोरोना वायरस को दूर भगाने के लिए आप अपने हाथों को अच्छी तरह से साबुन पानी या अल्कोहल मिश्रित द्रव से बार - बार ठीक ढंग से साफ करें। यदि आप कोरोना पॉजिटिव हैं तो आप अपनी सफाई पर विशेष ध्यान दें। अपने कपड़ों और अन्य सामानों को लोगों से दूर रखें और उसे अच्छी तरह से साफ करते रहें। जहाँ तक हो सके लोगों से दूरी बनाये रखें। तब भी अपने और बाकी लोगों के लिए पानी से हाथ धोते रहें, कपड़ो और चीजों का ध्यान रखें और लोगों से बचने से दूर रहें। 

विशेषज्ञों की मानें तो हाथ धोने और साफ-सफाई का ध्‍यान रखने से आप खुद को और दूसरों को जानलेवा कोरोना वायरस से बचा सकते हैं। कोरोना वायरस के दौरान घर पर ही रहने की हिदायत दी गई है, लेकिन अगर आपका घर ही साफ नहीं होगा तो फिर आप इस मुसीबत से कैसे बच सकते हैं। कोरोना वायरस को लेकर एक शोध से यह पता चला है कि कोरोना वायरस हवा में तीन घंटे तक जिन्दा रहता है और कार्डबोर्ड जैसी चीजों पर 24 घंटे एवं प्‍लास्टिक और स्‍टील के बर्तनों पर 3 दिनों तक रहता है। ऐसे में आपको अपने घर में मौजूद सभी चीजों की सफाई करनी चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, सही तरह से की गई साफ सफाई से कई तरह के कीटाणुओं को दूर किया जा सकता है। आपके घर में कई ऐसे जगहें हैं जिनकी ठीक तरह से सफाई करना आपके और आपके परिवार के लिए बहुत जरूरी है।



खान-पान में न करें कोई कमी


कोरोना से बचाव के लिए सबसे जरूरी है कि आप अपने खानपान पर विशेष ध्यान दें ,खान - पान  में कोई कमी न करें। पौष्टिक और संतुलित आहार लें। अपनी डाइट में विटामिन ए व सी युक्त संतरा, आंवला, नींबू, अन्नानास, बेल, पपीता लें। दही, अदरक, हल्दी, लहसुन, हरी पत्ते वाली सब्जियां, दालें, ओट्स, अलसी, फलियां अपने भोजन में शामिल करें। चिकन सूप इम्युनिटी बढ़ाने के लिए सर्वोत्तम है। जिंक  का भी शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में बड़ा हाथ है। जिंक का सबसे बड़ा स्त्रोत सीफूड है, लेकिन ड्राई फ्रूट्स में भी जिक भरपूर मात्रा में पाया जाता है। विटामिन डी धूप से और दूध, दही, अंडा, दलिया, मशरूम व मछली से मिल सकता है। संतुलित आहार लें। अधिक तेल-मसालों के सेवन से बचें। प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड से जितना हो सके, बचना चाहिए। ऐसी चीजें जिनमें प्रिजरवेटिव्स मिले हों, उनसे भी बचना चाहिए। गर्म पानी पिएं। तरल पदार्थो का सेवन अधिक करें। 


व्यायाम और योग करें


अक्सर लोग व्यायाम और योग को एक समझने की गलती कर बैठते हैं, जबकि दोनों बिल्कुल अलग तरह की विधा हैं।  व्यायाम से जहां आप सिर्फ शारीरिक रूप से मजबूत होते हैं, वहीं योग आपको मानसिक और भावानात्मक रूप से प्रबल बनाता है।  योगासन शरीर की स्थिरता को बनाए रखता है जबकि व्यायाम शरीर की गतिशीलता को बढ़ाता है। साथ ही यह आपकी इम्यूनिटी को भी बढ़ाता है।  

कोरोना पॉजिटिव इंसान की सबसे बड़ी जरूरत है कि वह अपने जीवन शैली (लाइफस्टाइल) को लेकर जागरूक रहे। व्यायाम और योग ये दोनों आपको मानसिक और शारीरिक दोनों तरीके से स्वस्थ रखते हैं। अगर आप कोरोना पॉजिटिव हैं, तो आइशोलेशन वॉर्ड में रहते हुए भी योग और व्यायाम करें। आप ध्यान की मदद से अपने मन को शांत कर सकते हैं।  इससे आपके मन में कोरोना को लेकर पनपने वाली चिंता में कमी आती है।