मंगलवार, 21 जुलाई 2020

आपके प्रगति में बाधा डालने वाले की मौत की कहानी।

नमस्कार दोस्तों 
आज मैं  इस लेख के माध्यम से आपको बताने वाला हूं, कि आपके विकास में  रोड़ा कौन अटकाता है।
दोस्तों एक दिन की बात है , एक कार्यालय के बाहर नोटिस बोर्ड पर बड़े अक्षरों में लिखा था कि , "कल जो व्यक्ति इस कंपनी में आपके विकास को रोक रहा था, आज उसकी मौत हो गयी है । आप सभी लोगों को उसकी शवयात्रा में शामिल होना है।ताबूत में उसकी लाश रखी है। आप अपने दिवंगत साथी का अंतिम दर्शन एक - एक करके कर लें, फिर शवयात्रा शुरु होगी।"

   सभी कर्मचारी अपने साथी की मौत के लिए दुखी हुए, लेकिन वे यह नहीं समझ पा रहे थे कि मरा कौन है, क्योंकि नोटिस बोर्ड पर किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिखा था।

अब सभी कर्मचारियों के मन में यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई कि, वह कौन व्यक्ति था जिसने हमारे विकास के रास्ते में रोड़ा अटकाया था औऱ आज उसकी मृत्यु हो गई है ।
 दुःख के साथ - साथ  लोगों के मन में यह विचार भी आया कि चलो अच्छा हुआ, "कम से कम हमारे विकास के रास्ते में रोड़ा अटकाने वाले की मृत्यु तो हुई।"
 अब एक के बाद एक सभी रोमांचित कर्मचारी ताबूत के पास पहुंचकर उसके अंदर झांककर देखा तो सभी लोग अवाक रह गए।  वे सभी खामोश खड़े थे, मानो किसी ने उनकी आत्मा के गहरे हिस्से को छू लिया हो।  ताबूत के अंदर एक दर्पण रखा हुआ था और जो भी ताबूत के अंदर देखता था उसे खुद अपनी सूरत ही उसमें दिखाई देती थी।
वहीं दर्पण के बगल में एक तख़्ती पड़ी थी , जिस पर लिखा था, "केवल एक ही व्यक्ति है जो आपके विकास की सीमा निर्धारित करने में सक्षम है ...और वह  ख़ुद आप हैं। आप ही एकमात्र वह व्यक्ति हैं जो आपकी खुशी, सफलता और प्रगति को प्रभावित कर सकते हैं।"

 जब आप नौकरी , दोस्त या कंपनी बदलते  है तो आपका जीवन नहीं बदलता है ..... जब आप बदलते हैं तो आपका जीवन बदलता है ...जब आप अपने सीमित विश्वासों से बाहर निकलते हैं और आपको एहसास होता है कि आप ही अपने जीवन के लिए जिम्मेदार हैं, तब आप प्रगति करतेहैं, विकास करते हैं।
 यही जीवन जीने का और उपलब्धियां हासिल करने का तरीका है । इसी  तरीके से आपकी जिंदगी में फर्क पड़ता है ।

 अगर कोई अंडा बाहर की ताकत से टूटता है तो उसमें पलने वाला जीवन समाप्त हो जाता है, लेकिन अगर यह अंदर की ताकत से टूटता है तो एक नए जीवन की शुरूवात होती है।
 बड़ा परिवर्तन हमेशा हमारेअंदर से शुरू होता है।