जब आप व्यस्त होते हैं, और किसी कारण से परिस्थितियां आपके प्रतिकूल हो जाती हैं, और आप व्याकुल होते हैं तो आप अपने आप को आसानी से दोषी मान लेते हैं। हालाँकि, ऐसा कोई नियम नहीं है जो कहता है कि आपको दुनिया भर का भार अपने कंधों पर उठाना चाहिए - वास्तव में, इन क्षणों में, ऐसी परिस्थितियों में अपने आपको एक कदम पीछे ले जाना, अपने ऊपर दया करना और अपना ख़ुद का ध्यान रखना विशेष रुप से महत्वपूर्ण होता है।
यहाँ पर व्यस्त लोगों के लिए, अपनी ख़ुद की देखभाल करने के लिए कुछ अच्छे सुझाव अनुशंसित किये गए हैं :-
1. अपनी ख़ुद की देखभाल के लिए अपनी सुबह की दिनचर्या स्थापित करें।
मैं अपने आप को अभिभूत या व्याकुल होने की अनुमति कभी भी नहीं देता और न तो किसी एक दिन आत्म-देखभाल करने की कोशिश करता हूं बल्कि इसके विपरीत, मैंने हर सुबह अपने आपको स्वस्थ और ख़ुशहाल रखने के लिए नियमित रुप से ध्यान, व्यायाम करना और पौष्टिक आहार लेना शुरू किया। प्रत्येक सुबह नियमित रुप से अपने लिए समय निकालने और अपने ऊपर ध्यान देने के कारण, मैं तनावमुक्त हो जाता हूं और खुद को ऊर्जावान महसूस करता हूं। काम करने के लिए हमेशा तैयार रहता हूं। यदि आप भी स्वस्थ ख़ुशहाल और ऊर्जावान रहना चाहते हैं तो आपको भी अपनी ख़ुद की दिनचर्या बनानी चाहिए।
2. अपने आप को पुरस्कृत करें।
अपने आप को समय-समय पर अपनी छोटी से छोटी उपलब्धियों के लिए एक व्यक्तिगत पुरस्कार से सम्मानित करें, खासकर तब जब आप एक कठिन परियोजना पर बहुत अच्छा काम करते हैं या किसी न किसी कठिन परिश्रम या तरकीब के माध्यम से अपने व्यवसाय को ऊचाईओं पर पहुंचाते हैं या व्यवसाय में सफलता प्राप्त करते हैं। इससे आपके बजट पर कोई विशेष फर्क नहीं पड़ने वाला है, बल्कि आप पुरस्कार पाकर एक नई ख़ुशी पाते हैं और उत्साह के साथ अगले परियोजना पर कार्य करने के लिए तैयार हो जाते हैं।
3.अवकाश लेने की योजना बनायें।
मैं हप्ते में ६ दिन काम करता हूँ तो १ दिन विश्राम करता हूँ। मैं अपने साप्ताहिक दिनचर्या में एक दिन ऐसा रखता हूँ जिस दिन कोई भी काम नहीं करता हूं , बस आराम करता हूं। इससे मेरी जिंदगी में बड़ा फर्क पड़ा है। हमें कार्य के बीच में आवश्यकतानुसार अवकाश लेकर आराम करने से काम के तनाव से छुटकारा मिलता है और हम अधिक ऊर्जा के साथ काम करने के लिए तैयार हो जाते हैं। इसलिए काम कीजिये लेकिन साथ ही आराम भी ताकि आपके जीवन मे सकारात्मक सक्रियता बनी रहे।
4.आसान कार्यों को पहले करें।
व्यस्त व उच्च-तनाव वाले व्यक्तियों के लिए सबसे बड़ी समस्याओं में से एक समस्या यह है कि वे शुरू कहां से करें यही नहीं समझ पाते हैं। ऐसे लोगों के लिए हमारी सलाह है कि उन्हें सबसे पहले अपने कार्य सूची में से सबसे आसान कार्यों को पूरा करना चाहिए। इससे आपको ख़ुशी मिलती है,और आत्मविश्वास भी बढ़ता है तथा उत्पादकता भी बढ़ती है।
5. सकारात्मक भाषा का उपयोग और आत्म-चर्चा करें।
अपनी जिंदगी में मैंने एक सबसे महत्वपूर्ण सबक जो सीखा है, वह यह है कि सकारात्मक तरीके से खुद से और दूसरों से कैसे बात किया जाए। ध्यान दीजिये महत्वपूर्ण शब्द ''मैं हूं'' या ''तुम हो'' से उपयोग होने वाले नकारात्मक शब्दों से दुरी बनाएं। जैसे किसी भी चीज को समझ न पाने की अवस्था में अपने आप से कभी भी यह न कहें कि, ''मैं बेवकूफ हूं'' या दूसरों को कि, '' तुम बेवकूफ हो '' , बल्कि इसके बजाय हम इसे ऐसे कह सकते हैं कि, इसे मैं सीखूंगा या इसे तुम सीख सकते हो, हम ऐसा भी कह सकते हैं कि इसे सीखने के लिए मैं दूसरों से मदद लूंगा । भाषा बदलने से मन में आत्मविश्वास बढ़ता है। किसी भी नकारात्मक भाषा का प्रयोग करने से बचें। आपको लग सकता है कि आप बेवकूफ हैं, आपको कुछ नहीं समझता, लेकिन जबकि आप बेवकूफ नहीं हैं।
6 . परिवार और दोस्तों के लिए समय निकालें।
कई बार हम अधिक काम का भार होने की वजह से घर पर भी हमेशा बस काम ही करते रहते हैं और दिन ढलने के बाद हम इतना थक जाते हैं, काम के दबाव के कारण हम इतना टूट जाते हैं कि हम परिवार के सदस्यों और दोस्तों की तरफ ध्यान नहीं दे पाते हैं। उन्हें समय नहीं दे पाते हैं जिसकी वजह से रिश्तों में दूरी बढ़ती है तथा बेवजह का तनाव बढ़ता है। इसलिए परिवार और दोस्तों के लिए अपने व्यस्त समय में से थोड़ा समय निकालना महत्वपूर्ण होता है। कभी कभी परिवार व दोस्तों के साथ रात के खाने के लिए बाहर जाएं या कभी घर पर ही रात के खाने के लिए कुछ मेहमानों, दोस्तों को आमंत्रित करें। इससे आपसी सौहार्द बढ़ता है, प्रेम बढ़ता है, भरोसा बढ़ता है। आपको परिवार और दोस्तों से बिना शर्त समर्थन मिल जाता है, जिसकी आपको अपने मूड को अच्छा बनाने में आवश्यकता होती है।
7 . कुछ रचनात्मक कार्य करें।
जब आप काम करते हुए थकावट या बोरियत महसूस करने लगें , तो कुछ समय के लिए काम को छोड़कर कुछ रचनात्मक कार्य करने के लिए समय निकालें। चाहे वह पेंटिंग हो, रचनात्मक लेखन हो या आनंद के लिए कुछ डिजाइन बनाना हो, कुछ भी मनपसंद रचनात्मक कार्य करने से आपको थोड़ा आराम मिलता है और इससे नए विचारों को प्रेरित करने की क्षमता बढ़ती है। नया दृष्टिकोण और नई ऊर्जा मिलती है। जिससे हम नए उत्साह के साथ काम करने में सक्षम हो जाते हैं।
8 . जितना संभव हो अपने काम को स्वचालित (ऑटोमेटिक) करें।
हमारे जीवन को आसान बनाने में मदद करने के लिए हर दिन बहुत सारे नए उपकरण और तकनीक की खोज हो रही है। जिसकी वजह से हमारे व्यापार और घर के कामों को करने में आसानी होती है और हमारे समय तथा मेहनत में बचत होती है। जैसे हमारे घरों व कार्यालयों की सफाई के लिए रोबोट का उपयोग करना। ये आपके सहायक के रूप में कार्य करके आपके समय व मेहनत को बचाते हैं जिसका उपयोग करके आप अपनी व्यापारिक बैठकों (मीटिंगों) की संख्या को बढ़ा सकते हैं। उन तरीकों की तलाश करें, जिससे आपके अधिकतर कार्य स्वचालित रूप से हो सकें, जो आपको आराम पहुंचा सकें और आपका अधिक से अधिक समय बचा सकें। जिससे कि आप अपना अधिक ख्याल रख सकें।
9 . यथार्थवादी लक्ष्य निर्धारित करें और अपने आप को गतिशील करें ।
ध्यान रखें, आप एक साथ सब कुछ नहीं कर सकते। इसलिए हमेशा यथार्थवादी लक्ष्य निर्धारित करें और अपने आप को उन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करें और आगे बढ़ें, तत्पर रहें। अन्यथा, आपको उच्च-गुणवत्ता वाले परिणाम प्राप्त करना मुश्किल हो सकता है और आप थक हार कर बैठ जाते हैं । असफल हो जाते हैं। बड़ी तस्वीर देखने की बजाय छोटे छोटे कदम उठाने के बारे में थोड़ा समय देकर सोचना चाहिए। जिसे हासिल कर लेने से आप का उत्साह बना रहता है और नयी ऊर्जा और उत्साह के साथ आपको ताजगी का एहसास होता है और आप अधिक कार्यक्षम बनते हैं।
10 . भरपूर नींद लें।
मुझे हर रात कम से कम सात घंटे सोना पसंद है। मैं सुबह 5 बजे उठना पसंद करता हूं। जब तक 7 घंटे की नींद पूरी न हो, तब तक मैं अलार्म सेट नहीं करता। यह मुझे एक इष्टतम समय में जगाता है, बजाय इसके कि जब मैं गहरी नींद में हूं। नियमित रूप से, मैं व्यायाम करने के लिए समय निकालता हूं, रोजाना कुछ समय सूरज की रोशनी में बिताने की कोशिश करता हूं, स्वस्थ और पौष्टिक भोजन करता हूं और सप्ताह में कम से कम एक बार अपने शरीर के तापमान को 101 डिग्री तक ले जाने का प्रयास करता हूं।
11 . आज हुई तीन सबसे अच्छी चीजों पर चिंतन करें।
शाम में, आमतौर पर सोने से पहले, मैं उस दिन हुई तीन सबसे अच्छी चीजों को लिखता हूं। यह मुझे प्रशंसा और कृतज्ञता की स्थिति में पहुंचाता है। फिर मैं खुद से पूछता हूं कि मैं कैसे दिन को और बेहतर बना सकता था। मैं अगले दिन के लिए अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए इन 15 मिनटों का उपयोग करता हूं। इससे मेरी रात की नींद की गुणवत्ता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। मैं अपनी सुबह की दिनचर्या से प्यार करता हूं, लेकिन यह मेरी शाम की दिनचर्या है जहां मैं दिन भर की घटनाओं को प्रतिबिंबित कर सकता हूं।
12 . थेरेपिस्ट की मदद लें
अक्सर दौड़ भाग भरी जिंदगी और तनावपूर्ण कार्य की प्रकृति के कारण मैं अपने आप पर ध्यान नहीं दे पाता हूं। जो चीजें मुझे जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित करती हैं उन्हें समय न दे पाने के साथ मैंने समझौता कर लिया है। उत्पादकता आती जाती रहती है। इसलिए बुरे दिनों के लिए हमें अपना ध्यान रखने के लिए थोड़ा समय देना चाहिए। थेरेपी एक ऐसी चीज है जो हमें बहुत मदद करती है। इसलिए मेरी सलाह है कि हमें अपनी देखभाल के लिए समय समय पर थेरेपिस्ट की मदद लेनी चाहिए।
13 . दूसरों से ना और आत्म-देखभाल के लिए हाँ कहें।
ना कहना सीखना वास्तव में एक कठिन कार्य है। हम में से कई लोग जब कोई हमारे समय या ऊर्जा के लिए पूछता है तो हम ''ना'' कहने के लिए अपने आपको असहाय महसूस करते हैं। हालाँकि, यदि आप पहले से ही तनावग्रस्त हैं या अधिक काम कर रहे हैं, तो प्रियजनों या सहकर्मियों को हाँ कहने से आप अपने आपको संकट में डाल देते हैं। इससे आपके अंदर तनाव, चिंता और चिड़चिड़ापन पैदा हो सकता है। थोड़ा अभ्यास करने से ऐसा हो सकता है कि, आप लोगों को ''ना'' कह सकें। एक बार जब आप विनम्रता से नहीं कहना सीख लेते हैं, तो आप अधिक आत्मविश्वास महसूस करना शुरू कर देंगे, और आपके पास अपनी आत्म-देखभाल के लिए अधिक समय होगा।
