खुशी आपके भीतर से शुरू होती है। आप बाहरी दुनिया में खुशी की तलाश नहीं कर सकते। आप बाहर से ख़ुशी नहीं पा सकते। यदि आप खुश रहना चाहते हैं, तो आपको हर सुबह खुद से ये 10 सवाल पूछने की जरूरत है।
1 - मैं आज अपने जीवन में अपने मूल्यों और मान्यताओं के साथ तालमेल कैसे बिठा सकता हूं?
अपने गहरे मूल्यों और विश्वासों के साथ तालमेल बिठाने से अंततः आपको अधिक खुशहाली प्राप्त होती है। इंसान सबसे ज्यादा खुश तब होता है जब वह अपनी कल्पना की हुई जिंदगी जीता है। कल्पना करें कि यदि आप अपने मूल्यों और विश्वासों के साथ समायोजन बनाये रखते हैं तो आपका जीवन क्या होगा, कैसा होगा। क्या आप एक खुशहाल व्यक्ति नहीं होंगे? जब आप हर एक दिनअपने मूल्यों को पूरी तरह से जीने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्रवाई करते हैं और उस पर पूरा विश्वास करते हैं तो आपकी जिंदगी खुशियों से भर जाती है।
2 - मैं इस दुनिया में कैसा बदलाव लाना चाहता हूं?
हम सभी लोग इस दुनिया में अपने अनुसार बदलाव लाना चाहते हैं। चाहे वह बड़ा हो या छोटा। हम अपनी एक स्वतंत्र पहचान बनाना चाहते हैं। जीवन का अर्थ दूसरों को बेहतर जीवन जीने में मदद करना होता है।यह जानने के लिए समय निकालें कि आप इस दुनिया में कैसा बदलाव लाना चाहते हैं। यह गली में कूड़े के न होने जितना छोटा हो सकता है या संयुक्त राष्ट्र के राष्ट्रपति बनने जैसा बड़ा हो सकता है। यह आपके नियंत्रण में होता है। आपके पास एक खुशहाल जीवन जीने या आप जहाँ हैं, वहीं अटके रहने का विकल्प आपके पास मौजूद होता है। आपको यह तय करना होता है कि आप क्या चाहते हैं ।
3 - मैं अपने जीवनसाथी को आज कैसे अधिक प्यार कर सकता हूं?
यह प्रश्न हमेशा वैवाहिक जीवन को खुशहाल बनाने में उपयोगी होता है। यदि पति और पत्नी दोनों ही सुबह उठकर खुद से यह सवाल पूछते हैं और उसको पूरा करते हैं तो उनके जीवन में खुशियों की वर्षात होती है। जोड़े अपने "दैनिक दिनचर्या" में फंसकर अपने जीवन साथी से प्यार का इजहार करने वाली छोटी-छोटी चीजें करना भूल जाते हैं। जिससे उनके वैवाहिक जीवन में कठिनाइयां पैदा होने लगती हैं। इसलिए हर सुबह अपने आप से यह सवाल पूछें और अपने जीवन साथी से प्यार का इजहार करने का समय निकालें। यह निश्चित रूप से आपके रिश्ते को फिर से जगाने में मदद करेगा!
4 - मैं हर दिन काम पर क्यों जाता हूँ?
क्या आप जानते हैं कि आप हर दिन काम पर क्यों जाते हैं? क्या आपको ऐसा नहीं लगता है कि आप नियमित दैनिक क्रिया के कुचक्र में फंस गए हैं। आपको खुश रहने के लिए, आपको यह जानना होगा कि आप क्या करते हैं।आपके सुबह उठने और काम पर जाने का क्या कारण है? आपको अपने कार्यों के पीछे एक जुनून का अनुभव करना चाहिए। जुनून के बिना, एक उबाऊ और नीरस दिनचर्या में फंसने की संभावना ज्यादा रहती है। अपने भीतर गहरे तक पहुँचें और स्पष्ट रहें कि आप काम पर क्यों जाते हैं।
5 - क्या मैं भीतर से खुशी का अनुभव कर रहा हूं?
हममें से बहुत से लोग बाहरी दुनिया से खुशियाँ पाने के चक्कर में फंस जाते हैं। चाहे वह भौतिक संपत्ति हो या अन्य लोगों से कुछ भावनात्मक चाहत, हमें अपने स्वयं से यह प्रश्न पूछने के लिए समय निकालना चाहिए। आपके जीवन में खुशी कहाँ से आ रही है? आपके लिए यह महत्वपूर्ण है कि आप भीतर से खुशी का अनुभव करें क्योंकि इससे जब आप तनाव और हताशा में बने रहेंगे तब भी आप निरंतर अपने तरीके से खुशहाल बने रहेंगे। आपके भीतर एक ठोस आंतरिक आधार होगा। कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप जीवन में क्या अनुभव करते हैं, आप जानते हैं कि आप ठीक होंगे। जब खुशी आपके भीतर से होती है, तो आपको तनावपूर्ण या विषम परिस्थितियों से वापस बाहर निकलने में अधिक आसानी होती है।
6 - क्या मैं सकारात्मक लोगों के साथ अपना खुद का समय बिता रहा हूं?
जहाँ तक आपकी खुशी की बात है, तो वह आप जिन लोगों के साथ हमेशा घिरे रहते हैं, उनसे प्रभावित होती है। हम जिस मानसिकता वाले समूह में रहते हैं, उसी तरह की हमारी भी मानसिकता होने की अधिक संभावना रहती है। आप किस प्रकार के लोगों के साथ घूमते हैं? यदि आप नकारात्मक लोगों के साथ घिरे रहते हैं, तो उनकी नकारात्मकता आप पर हावी हो जाएगी। यदि आप अपने आप को सकारात्मक लोगों के साथ रखते हैं, तो उनके प्रभाव से आपके अंदर भी सकारात्मकता भर जाएगी। यह आपके ऊपर निर्भर करता है कि आप किस तरह के लोगों के साथ मित्रता बनाते हैं। यदि आप खुश रहना चाहते हैं, तो अपने दोस्तों का चुनाव बुद्धिमानी से करें।
7 - जहां मैं होना चाहता हूं, उसकी तुलना में अब मैं कहां हूं?
आपके खुशहाली के लिए यह महत्वपूर्ण है कि आप हमेशा इस बात के प्रति सजग रहें कि आप वर्तमान में कहां हैं और आप जीवन में कहां रहना चाहते हैं। सतर्कता पूर्वक इस बात का ध्यान रखें कि, जिससे आपको ख़ुशी मिलती है आप ऐसे लक्ष्यों के लिए काम रहे हैं। यह समझें कि आप अभी जहां हैं वहां केवल अस्थायी रूप से हैं। आप अपने दिमाग को लगातार बढ़ा रहे हैं, सीख रहे हैं और अपने आपको विकसित कर रहे हैं। अपने जीवन को प्रतिबिंबित करने के लिए समय निकालें। आप जहाँ होना चाहते हैं, उसकी तुलना में अब आप कहाँ हैं? क्या आप जानते हैं कि आप किस दिशा में जा रहे हैं? यदि नहीं, तो आप जिस दिशा में जाना चाहते हैं, उस दिशा में जाने के लिए आपको किन परिवर्तनों की आवश्यकता है?
8 - मुझे क्या खुशहाल बनाता है?
यह एक बहुत ही सरल सवाल है लेकिन बहुत ही कीमती सवाल है। कुछ समय लें और सोचें कि वास्तव में क्या चीज है जो आपको ख़ुशहाल बनती है। मैं भौतिक संपत्ति या सतही चीजों के बारे में बात नहीं कर रहा हूं, जैसे कि नवीनतम गैजेट खरीदना या किसी अन्य चीज की खरीदारी करना। मैं आंतरिक खुशी के बारे में बात कर रहा हूं। आपकी आत्मा को क्या बोलती है? अपने भीतर झांकें, अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनें, अपनी अंतरात्मा को पोषित करने पर ध्यान दें। यदि आप दीर्घकालिक खुशी की तलाश में हैं, तो इसकी शुरुवात आपके अंदर से होगी।
9 - मेरी विरासत क्या है?, धरोहर क्या है ?, किसके लिए याद किये जाना चाहते हैं ?
एक पल लें और इस सवाल पर अपना ध्यान केंद्रित करें, सोचें । यह प्रश्न आपके लिए महत्वपूर्ण है इस पर दीर्घकालिक विचार करना आवश्यक है। आप किसके द्वारा याद किया जाना चाहते हैं? क्या छोड़ना चाहते हैं जिसके लिए लोग आपको याद करें ? जब आप अपनी विरासत या धरोहर के बारे में स्पष्ट होते हैं, तो आप अपनी विरासत की दिशा में काम करने की अधिक संभावना रखते हैं। मुझे पता है कि मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से, लोगों को एक पूर्ण और खुशहाल जीवन जीने में मदद करने के लिए तथा एक सार्थक, सफल और खुशहाल जीवन जीने के रूप में याद किया जाना चाहता हूं। मैं हर एक दिन इस विरासत के साथ रहता हूं, जीता हूँ। अब आपकी बारी है। सोचिये आपकी विरासत क्या है? आप किस चीज के लिए याद किये जायेंगे ?
10 - अपनी मानवीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए मैं आज क्या कर सकता हूँ?
मानव की 6 ज़रूरतें हैं जो हम अनुभव करते हैं। जिसे हम पाना चाहते हैं। इन 6 मानवीय आवश्यकताओं में निश्चितता, विविधता, महत्व, संबंध और प्रेम, विकास और योगदान शामिल हैं। हर सुबह एक पल लें और सोचें कि आपको किन मानवीय आवश्यकता को पाने की जरुरत है। यह आपको स्पष्ट होना चाहिए। ये मानवीय ज़रूरतें आपके लिए सबसे ज्यादा मायने रखती हैं। मुझे पता है कि मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से, विकास और योगदान मेरी दो सर्वोच्च मानवीय आवश्यकताएं हैं। मैं इन दो मानवीय जरूरतों के साथ प्रत्येक दिन अपने आपको जोड़ता हूं और आपको बताता हूं, मैं अपने जीवन में बहुत खुश हूं। विचार करें और स्पष्ट करें कि आपकी मानवीय ज़रूरतें क्या हैं।
