आदत (habit) किसी प्राणी के उस व्यवहार को कहते हैं जो बिना अधिक सोच के बार-बार दोहराया जाये। आदत या स्वभाव मनुष्य की अर्जित प्रवृत्ति है।
साधारणतः आदतें दो प्रकार की होती हैं –
अच्छी आदतें
बुरी आदतें
बुरी आदतों पर विशेष रूप से ध्यान आकर्षित किया जाता है। चूंकि लोग उनसे सबसे अधिक समस्याओं का अनुभव करते हैं। बुरी आदतें एक व्यक्ति को कई तरीकों से सीमित कर सकती हैं।
आदतें हमें दुनिया की हमारी आंतरिक तस्वीर का विस्तार करने से रोकती हैं, क्योंकि उनकी वजह से हम उन चीज़ों को महत्व नहीं देते हैं जो हमारी पहले से गठित आंतरिक छवियों के साथ मेल नहीं खाती हैं और इस तरह से हम एक बड़ी मात्रा में मूल्यवान जानकारी खो देते हैं जिसका उपयोग हम अपनी भलाई के लिए कर सकते हैं।
बुरी आदतें – क्या आप अपने जीवन में सफलता के लिए संघर्ष कर रहे हैं? हो सकता है जाने अनजाने में आप कुछ बुरी आदतों का शिकार हो गए हैं जो आपको जीवन में आगे बढ़ने से रोक रही हैं। आज ही इन बुरी आदतों को छोड़ें।
यहां मैं किसी की भी जिंदगी को बर्बाद करने वाली 10 बुरी आदतों के बारे में बता रहा हूं। जो इंसान को आगे नहीं बढ़ने देती हैं। इन आदतों में सुधार करके आप अपने जीवन में सफलता हासिल कर सकते हैं।
1 - अपनी तारीफ खुद करना:
कोई भी व्यक्ति अपनी बुराई सुनना पसंद नहीं करता है पर बहुत से लोग ऐसे होते हैं जो हमेशा अपनी तारीफ खुद ही करते रहते है, जो उनकी आदत में शामिल होता है। मैं बहुत अच्छा हूं कहने और दिखाने वाले लोग अक्सर ही नेगेटिविटी को अपने अंदर दबाए रहते हैं। ये उस समय तो सही लगता है क्योंकि लोग आपको अच्छा कह रहे होते हैं लेकिन यही बुरी आदत कुछ समय के बाद आपके मन पर गलत असर करने लगती है। इसके चलते निगेटिविटी आपके मन पर इतनी हावी हो जाती है कि आपको अवसाद, एंग्जाइटी जैसी मानसिक दिक्कतें घेरने लगती हैं। लेकिन हां, हम ये भी नहीं कह रहे कि आप बुरे बन जाएं। लेकिन बहुत ज्यादा और हमेशा अच्छे बने रहने के चक्कर में कई बार खुद की भावनाओं को दबाना पड़ जाता है। फिर एक समय के बाद यही भावनाएं मन पर हावी होकर आपको मानसिक तौर पर बीमार करने लगती हैं। इसके लिए आप एक नियम अपना सकते हैं कि हमेशा न्याय करने की कोशिश करें। बात प्रोफेशनल मामले की हो तो खुद को बिल्कुल स्पष्ट रखने की कोशिश करें।
2 -कम्फर्ट जोन में रहना :
अगर आप वहां नहीं है, जहां आप अपनी जिंदगी में पहुंचना चाहते हैं तो इसका सबसे बड़ा कारण आपका कंफर्ट जोन से बाहर नहीं निकलना है। कंफर्ट जोन एक ऐसी स्थिति जहां से आप बाहर नहीं आना चाहते हैं, जहां पर रहना आपको आरामदायक लगता है। आप सुकून महसूस करते हैं और कोई रिस्क नहीं लेना चाहते हैं। एक ही जगह रहकर एक जैसा काम करके जिंदगी तो काटी जा सकती है, लेकिन जिंदगी में तरक्की नहीं की जा सकती। कम्फर्ट जोन में रहने के कारण लोगों में आत्मविश्वास की कमी हो जाती है। आप लोगों से मिलने में कतराने लगते हैं। आपकी कम्युनिकेशन स्किल भी खराब हो जाती है। दृढ फैसले लेने की क्षमता बहुत कम हो जाती है। क्या आप अभी ऐसी स्थिति में हैं? अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकलें और नए विकल्पों की तलाश करें जो आपको ज्यादा मूल्यवान बना दें। जहां आपके लिए ज्यादा प्रतिस्पर्धी का माहौल हो। इसी से आपकी स्किल बढ़ेंगी। आपका विकास होगा। दरअसल कुछ कमाल करने के लिए आपको अपने कंफर्ट जोन से बाहर आना ही होगा। इस बात को समझने के लिए उस दोस्त के बारे में सोचिए, जो बहुत मोटा था लेकिन उसने अब अपना वजन कम कर लिया है। सोचिये अगर वह अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलकर मेहनत नहीं करता तो क्या वह कभी अपना वजन कम कर पाता। इसलिए यदि जीवन में सफल होना है तो अपनी इस आदत से जल्द से जल्द छुटकारा पाइये। अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलिए।
3 - विषाक्त दोस्ती (Toxic Friendships):
दोस्तों से हमें प्यार और समर्थन हासिल होता है। यदि आप जिस व्यक्ति को अपना मित्र कहते हैं, वह आपके लिए यह सब कुछ नहीं कर रहा है, तो वह वास्तव में आपके लिए जहर के अलावा कुछ नहीं हैं। ऐसे विषाक्त दोस्तों को अपने जीवन से बाहर निकालना ही आपके बेहतर जीवन के लिए आवश्यक है। आपके बचपन के दोस्त जो आज भी आपके दोस्त हैं। इन दोस्तों में कई आज सफल हैं लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो असफल हो चुके हैं और आपको भाते भी नहीं हैं, लेकिन आप उनके साथ दोस्ती बनाये हुए हैं आप उनसे पीछा नहीं छुड़ा पा रहे हैं।ऐसे दोस्त जो आपकी किसी भी योजना में मीन - मेख निकालकर आपको आगे बढ़ने से रोकते हों उनसे दूरी बना लेना ही आपके जीवन को बेहतर बना सकता है। यदि जीवन में सुखी रहना चाहते है तो बुरे लोगों की संगत में रहने की आदत में सुधार कर लें।
4 - आलसीपन :
आलस्य को आमतौर पर इंसान का सबसे बड़ा शत्रु कहा जाता है, क्योंकि शरीर में आलस्य आने से कई काम बनते-बनते बिगड़ जाते हैं। आलस्य के कई कारण हो सकते हैं। लोग अक्सर आलस्य के कारण आज के काम को कल के लिए टाल देते हैं। लेकिन यह आदत धीरे-धीरे एक लत बन जाती है।आलस्य में यूंहीं एक जगह पड़े रहना किसे अच्छा नहीं लगता है,लेकिन यही आलस्य जब आपकी हमेशा की आदत बन जाती है तो मामला गड़बड़ हो जाता है। यदि हमने सावधानी नहीं बरती तो आलस्य हमारे जीवन की गति को धीमा और विफल बनाने का कारण बन सकता है। आलसी होने का हमारी हेल्थ और हमारे जीवन पर बहुत गंभीर असर पड़ता है। आलस्य का हमारे जीवन पर नेगेटिव प्रभाव पड़ता है। अगर आप इससे बचना चाहते हैं तो आज के काम को कल पर टालना छोड़ दें। वैसे सफलता उन्हें ही मिलती है, जो आलस्य छोड़कर मेहनत करते हैं।
हम यह भी जानते हैं कि आलस्य से हमारा बहुत नुकसान होता है किन्तु फिर भी आलस्य से पीछा नहीं छुटता कहीं न कहीं हमारे जीवन में यह आ ही जाता है।
आलस्य में हम अपने कार्यों और परेशानियों आदि को भूल जाते हैं और जब टाइम निकल जाता है तो फिर हम टाइम का रोना रोते हैं, अपने आपको दोष देते हैं और पछतावा करते है। आलस्य में हम अपना वर्तमान और भविष्य दोनों को ही लगभग नष्ट कर देते हैं। जीवन में सफलता पाने के लिए हमें आलस्य को त्यागना चाहिए।
5- अपनी गलती को स्वीकार न करना :
दरअसल ज्यादातर लोग अपनी गलती जानते हुए भी उसे स्वीकार नहीं करना चाहते। गलती करने के बाद ज्यादातर लोग इसकी जिम्मेदारी किसी और पर थोपने की कोशिश करते हैं। यह एक निगेटिव एप्रोच है। इससे आपकी छवि खराब हो सकती है। गलती किसी से भी हो सकती है।लेकिन कामयाब वे लोग होते हैं जो अपनी गलतियों को स्वीकार करते हैं और उसमें सुधार करते हैं। जो लोग अपनी गलतीयों को स्वीकार कर के उसे सुधारते नहीं हैं, वे जिंदगी में कभी भी कामयाब नहीं होते। जो व्यक्ति खुद की गलती को नहीं स्वीकारते उनमें धीरे धीरे नकारत्मक गुण आने लगते है। अपनी गलती को छिपाने के लिए वह झूठ बोलने लगता है और फिर झूठ उसके जीवन का अंग बन जाता है। जो लोग अपनी गलती को स्वीकारने का साहस नहीं जुटा पाते वे लोग नफरत ईर्ष्या और अनजाने डर से जूझते रहते हैं। उनके अंदर हमेशा एक खालीपन रहता है, हीनभावना रहती है। दरअसल इंसान गलतियां करता है लेकिन गलतियों से कुछ सबक भी लेता है। इंसान अपनी बुद्धि और विवेक के आधार पर ही अपनी पिछली गलतियों से कुछ सीखता है और भविष्य में ऐसी गलतियां न करने के प्रति सचेत रहता है। छोटी छोटी गलतियों से सीखकर ही इंसान बड़ा बनता है। जो सहजता से अपनी गलती मान लेता है वह सकरात्मक सोच और उन्नति की तरफ कदम बढ़ाता है।
याद रखिए मित्रों गलती होने पर उसे स्वीकार कर लेना आपको आगे ले जाने वाले गुणों में से एक है।
सुधार तभी होते हैं, जब गलती की जाए और मानी भी जाए। अगर गलती मानेंगे नहीं तो गलती करते भी रहेंगे और कभी कुछ नया सीखने की नौबत आएगी ही नहीं। इसलिए अभी गलती न मानने की बुरी आदत को छोड़ दीजिए।
6 - दूसरों की बुराई करना:
दूसरों की निंदा करना। सदैव दूसरों में दोष ढूंढते रहना मानवीय स्वभाव का एक बड़ा अवगुण है। दूसरों में दोष निकालना और खुद को श्रेष्ठ बताना कुछ लोगों का स्वभाव होता है। इस तरह के लोग हमें कहीं भी आसानी से मिल जाएंगे। इंसान का स्वभाव है कि वह अपने से श्रेष्ठ किसी व्यक्ति को नहीं समझता है। अगर उसे कोई चीज पसंद नहीं है तो, वह उसकी बुराई करने लगता है । यह आदत इंसान को हैवान बनाती है । इंसान अपना आपा खो देता है, उसका चित्त स्थिर नहीं रहता। ऐसे लोग ऑफिस हो या घर या समाज हर जगह पाये जाते हैं। दूसरा चाहे वास्तव में कैसा भी क्यों न हो पर हमें उसकी बुराई करने का कोई हक़ नहीं है। दूसरों की बुराई करना सबसे ख़राब आदत है। इसलिए इस आदत को जल्द से जल्द बदल लें।
7 - नकारात्मक सोच रखना:
नकारात्मक विचार हमारे मन के अंदर की भावना होती हैं, जो हमारे साथ - साथ दूसरों को भी नुकसान पहुंचाती हैं। मस्तिष्क में भय मनुष्य को बहुत छोटा बना देता है एवं वह स्वयं को असुरक्षित महसूस कराता है। किसी एक घटना, व्यक्ति या स्थिति को आधार मानकर हम उसी आधार पर पूर्वाग्रह बना लेते हैं। ऐसे वाक्यों के साथ 'हमेशा मेरे साथ ही ऐसा क्यों होता है?' 'मैं कभी सही काम नहीं कर सकता', 'मैं अकेला हूँ ', 'कोई मेरा साथ नहीं देता' , शुरु होता है। नकारात्मक विचार और भाव दिमाग को गलत तरह के निर्णय लेने के लिए उकसाते हैं। ये विचार मन पर कब्जा करके दूसरे अच्छे विचारों को आने से रोक देते हैं। हम खुद को सुरक्षित रखते हुए फैसला लेने लगते हैं। इंसान का जीवन सोच पर निर्भर है जैसी आपकी सोच होगी वैसे ही आप बन जाते है अगर आप नकारात्मक सोच के शिकार है तो ये आदत आपकी लाइफ को बर्बाद कर सकती है। इसलिए किसी भी तरह से हमेशा अपनी सोच को सकारात्मक बनाने की कोशिश करें।
8 - गलती माफ ना करना:
जीवन में गलतियाँ होना स्वभाविक है। जिंदगी में लोग जाने-अंजाने गलतियाँ करते रहते है। भूल होना कोई गलत बात नही है लेकिन भूल को स्वीकार ना करना या क्षमा ना माँगना यह गलत है। आज के दौर में सबसे बड़ी विडंबना यह है कि लोग दूसरों में गलतियां ढूढ़ते रहते हैं और उनकी छोटी से छोटी गलती तूल देते हैं और वहीँ पर अपनी गलती को गलती मानने के लिए तैयार नहीं होते हैं। बहुत से लोग किसी की छोटी सी गलती को माफ नहीं करते हैं और उससे उस गलती का बदला लेने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। यदि आप भी उनमें से है तो समझ लीजिये आप अपनी प्रगति के रास्ते में ख़ुद रोड़ा अटकाने का काम करते हैं। बदला लेने की भावना एक ऐसी बीमारी है जिसका शारीरिक और मानसिक ख़ामियाजा सबसे ज़्यादा हमें ही भुगतना पड़ता है। दूसरों को माफ करने से हम उनकी ज़िन्दगी में एक अलग जगह बना लेते है। दूसरों को माफ करने वाला आदमी हमेशा बड़ा होता है और माफ़ करने के लिए बहूत साहस की जरुरत होती है। दूसरों को माफ करने से हमारे मन में एक पॉज़िटिव एनर्जी पैदा होती है जो हमें आंतरिक शुकून देती है। हमारी सोच सकारात्मक बन जाती है। सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है हमें खुशी प्राप्त होती है। एक बार किसी को दिल से माफ करके देखिए आपको आंतरिक खुशी की अनुभूति अवश्य होगी।
9 - दूसरों से अपनी तुलना करना:
अक्सर हमारे अंदर एक सबसे खतरनाक आदत दूसरों से अपनी तुलना करने की होती है। हम अपनी गाड़ियाँ, घर, नौकरियां, पैसा, सामाजिक प्रतिष्ठा और ऐसी कई चीजों की दूसरों से तुलना करते हैं, और फिर अंत में हम अपने अंदर सारी नकारात्मक ऊर्जा और नकारात्मक भावनाएं भर लेते हैं, जिनका बहुत बुरा असर हमारी जिंदगी पर पड़ने लगता है। अक्सर हम अपनी तुलना दूसरों से करने की वजह से दुखी रहते हैं। बहुत से लोगों की दूसरों से तुलना करने की आदत मरते दम तक खत्म नहीं होती है। अपने आपको दूसरों से तुलना करने की वजाय अपनी तुलना खुद से करने की आदत डालें। दूसरों से अपनी तुलना करना छोड़ दें और जो आपके पास है उसी में खुश रहना सीखें।
10 - हमेशा अतीत को याद करते रहना :
लोगों की एक आदत यह है कि वे हमेशा अपनी अतीत की यादों में खोये रहते हैं। अगर आप भी अपने अतीत की यादों में खोये रहते हैं तो आपको सावधान रहने की जरुरत है। यदि आप अपने अतीत की अच्छी बातें याद करके उससे प्रोत्साहित हो रहे हैं तो यह अच्छी बात है, लेकिन अगर आप अपने अतीत की बुरी घटनाओं या ख़राब परिणामों को याद करके अपने आप को कोस रहे हैं तो आपकी जिंदगी नीरस हो जायेगी। आप जीवन का आनंद नहीं उठा पायेंगे, जिंदगी में कभी भी आगे नहीं बढ़ पायेंगे। इसलिए हमेशा वर्तमान में रहें, वर्तमान में जियें, वर्तमान का आनंद उठायें। भविष्य के लिए प्लान जरुर बनायें और उस पर काम करें, परिणाम की चिंता छोड़ें। यदि आपने अपने प्लान को अपना 100 प्रतिशत दिया तो आपको सफल होने से कोई रोक नहीं सकता।
11 - सेहत पर ध्यान नहीं देना:
आज कल लोगों की व्यस्त दिनचर्या के कारण लोग अपनी सेहत पर ध्यान नहीं दे पाते हैं। बहुत से लोग काम -धंधे के चक्कर में खान-पान पर ध्यान नहीं दे पाते हैं, जिससे उनकी सेहत बिगड़ जाती है। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि अच्छी सेहत के बिना हम अपनी जिंदगी में कुछ भी नहीं कर सकते। कहावत है कि "काया ही माया है" यानि शरीर अच्छा है तो आप जितनी चाहे उतनी माया जोड़ सकते हैं। इसलिए काम काज कि व्यस्तता के बावजूद अपने खान-पान और अन्य स्वस्थ्य दिनचर्या पर विशेष ध्यान देने की जरुरत है।
12 - धुम्रपान करना:
हम सभी जानते हैं कि धुम्रपान सेहत के लिए हानिकारक और जीवन के लिए खतरनाक हो सकता है। आपकी जिंदगी बर्बाद हो सकती है, लेकिन फिर भी लोग धूम्रपान करने से बाज़ नहीं एते हैं। अगर आप अच्छी सेहत चाहते हैं और अपनी जिंदगी में ख़ुशहाली पाना चाहते हैं तो आप अपनी इस आदत से जितना जल्दी हो सके छुटकारा पाने की कोशिश करें।
ये बुरी आदतें किसी की भी लाइफ को बर्बाद कर सकती है अगर आपमें इनमें से कोई आदत है तो आपके लिए बेहतर होगा की उस आदत को अपने अंदर से खत्म कर दें तभी आप अपनी जिंदगी में आगे बढ़ सकते हैं, उन्नति कर सकते हैं।
निष्कर्ष
अब आपको पता चला गया होगा की बुरी आदतें कौन-कौनसी है जो किसी की भी जिंदगी को बर्बाद कर सकती हैं अगर आप जीवन में कामयाब होना चाहते है तो इन आदतों को आज से ही छोड़ दीजिये।
अगर आपको लगे की इन बुरी आदतों के अलावा भी कोई और भी आदतें हैं जो किसी की जिंदगी को बर्बाद कर सकती है तो उसके बारें में कमेंट में जरुर लिखें। जितना आप मुझसे सीखते हैं उतना ही मैं आपसे सीखता हूँ।