बुधवार, 8 जुलाई 2020

अपने जीवन को बेहतर बनाने के 21 तरीके। 21 ways to improve your life.

क्या हम नाटकीय रूप से अपने परिणामों को, जीवन की परिस्थतियों को बदल सकते हैं ? यह सवाल काफी हद तक काल्पनिक कार्य जैसा लगता है। लेकिन यह संभव है।


क्या कोई भी 1960 के दशक में, बाहरी अंतरिक्ष की यात्रा के बारे में कल्पना कर सकता था। क्या यह तकनीकी रुप से संभव था। उस समय अंतरिक्ष यात्रा की बात करने वाला पागल घोषित कर दिया जाता। लेकिन 10 साल के भीतर ही यह संभव हो पाया, इस दुनियां के पहले व्यक्ति ने चंद्रमा की सतह पर कदम रखा।


साहसिक ढंग से चुनौती को स्वीकार करने से असंभव कार्य भी वास्तविकता में बदल जाते हैं। यही सिद्धांत हमारे जीवन के हर क्षेत्रों पर भी लागू होता है।



अब सवाल उठ सकता है कि क्या चुनौती स्वीकार करने से कोई गरीब आदमी अमीर बन सकता है ? तो इसका जबाब है, बेशक बन सकता है। इच्छाशक्ति, नियोजन, प्रयास और दृढ़ता का अनूठा संयोजन हमेशा जादुई ढंग से काम करता है। सवाल यह नहीं है कि सफलता का सूत्र काम करेगा या नहीं, बल्कि सवाल यह है कि व्यक्ति सूत्र के अनुसार काम करेगा या नहीं। वह एक अज्ञात परिवर्तनशील विषय है। यही वह चुनौती है जिसका हम सभी सामना करते हैं। हम जहां भी होना चाहते हैं, वहां पहुंच सकते हैं। कोई भी सपना असंभव नहीं है बशर्ते हम पहले उस पर विश्वास करने का साहस रखें।


दोस्तों, आज मैं आपको अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए कुछ बातें बताने वाला हूं। हो सकता है इनमे से अधिकतर बातों के बारे में आपने पहले से ही सुना या पढ़ा होगा। इनमे से आप पहले से ही कुछ बातों का पालन भी कर रहे हों।  मैं एक बात दावे के साथ कह सकता हूँ कि यहां बताई गयी सभी बातों का अनुसरण आप पूरा का पूरा नहीं कर रहे होंगे। 

आपको सच में अपनी जिंदगी में बदलाव लाने के लिए, अपनी जिंदगी को पहले से बेहतर बनाने के लिए आपको इन बातो को अपनी जिंदगी में उतारना पड़ेगा। आपको इन्हें अपनी जिंदगी का एक हिस्सा, एक आदत बनाना पड़ेगा।

यकीन मानिये अगर आपने इसे अपनी आदत बना लिया तो यह आपकी जिंदगी को पूरी तरह से बदल कर रख देगा।

यहां बताये गए 21 तरीकों को अपनाकर आप अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं:


1. अपने डर का सामना करें।


आपके मन में जो भी डर है उसका सामना करना सीखें, उन्हें खारिज मत करो।  डर से भागकर कभी भी किसी का भला नहीं हुआ है। भागने की बजाय यह सोचें कि आप अपने डर को कैसे जीत सकते हैं। 

डर पर विजय पाने के लिए अपने आप से कहो,  मुझे क्या और किस बात का डर है। सोचिये कि , मुझे आश्चर्य है कि इस डर को भगाने के लिए, मैं बहुत कुछ कर सकता था लेकिन नहीं कर पाया। आज और अब से डर का सामना करुंगा।


2. खुद पर विश्वास रखें।


आप संभावनाओं पर विश्वास करें। इस बात पर यकीन करिये कि आने वाला कल आज से बेहतर होगा। अपने आप पर यकीन रखो। यहां कोई ऐसा कौशल नहीं है, जिसे आप नहीं सीख सकते। ऐसा कोई अनुशासन नहीं है, जिसे आप आज़मा नहीं सकते। ऐसा कोई ज्ञान नहीं है जिसे आप सीख नहीं सकते। ऐसी कोई पुस्तक नहीं है जिसे आप नहीं पढ़ सकते। यहां कुछ भी असंभव नहीं है। आत्मविश्वास आप को बेहतर बनाने में बहुत महत्वपूर्ण है।


3. अपने लक्ष्यों को परिष्कृत करें।



कुछ उच्च लक्ष्य निर्धारित करें। समय - समय पर लक्ष्यों को परिष्कृत करते रहें। कुछ अच्छे उद्देश्य का विस्तार करें। आपको लगता है कि जो आप आसानी से कर सकते हैं उससे परे हट कर कुछ नया करने के बारे में विचार करें। अपने लक्ष्यों का मूल्यांकन करें आवश्यक होने पर उसमें सुधार करें। किसी भी चीज़ के लिए लक्ष्य बनाना हमें उस चीज़ पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है। लक्ष्य हमें किसी काम को करने का उद्देश्य बताता है और उस काम को करने के लिए दिशा निर्धारण करता है। इसलिए अपनी जिन्दगी का एक मुख्य लक्ष्य बनाइये कि आपको जिंदगी में करना क्या है? आपको जिन्दगी में बनना क्या है? आप जिंदगी में क्या पाना चाहते हैं?

फिर उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, अपने मुकाम को हासिल करने के लिए, अपनी मंजिल तक पहुँचने के लिए अपनी जिन्दगी में छोटे छोटे कदम उठाइये। मेहनत से उन लक्ष्यों को हासिल कीजिये। फिर देखते ही देखते आप अपनी मंजिल को प्राप्त कर लेंगे।


4. दिशा बदलने के लिए अपनी इच्छा शक्ति का प्रयोग करें।



यदि आप जो कुछ पिछले पांच - छः वर्षों से कर रहे हैं और उससे आपको वांछित लाभ नहीं मिल पा रहा है तो, आपको वह काम नहीं करना चाहिए, तुरंत वह काम बंद करके नई मंजिल और नए रास्ते की तलाश करना चाहिए। नयी मंजिल और नयी राह को चुनने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए अपनी इच्छाशक्ति का उपयोग करें। आपने पिछले वर्षों में जो गलतियां की है उसे पुनः दोहराना नहीं है। गलतियों को सुधारें। गलतियों से सीखकर नए साल में नए गंतव्य पर पहुँचने के लिए नए रास्ते के चुनाव के लिए अपने अनुभवों का उपयोग करें। देखिये इससे फर्क जरूर पड़ेगा।


5. अपना समय बर्बाद ना करें 


समय की कद्र करें और अपना हर काम समय पर करें। किसी भी काम को करने में आलस्य न दिखाएं और कल के भरोसे ना रहे जो कुछ करना है आज ही करें। समय की कदर आपको एक बेहतर इंसान बनाने में मदद करती है। अपनी जिंदगी में कभी - कभी हम अपने आपको ठगा सा महसूस करते हैं । ज्यादातर लोग यह कहते हैं कि, ''मुझे यह काम करते हुए 20 साल हो गए हैं।'' इसका अर्थ है कि आपको बीस बार कुछ करने का मौका या अवसर मिला। इसका मतलब कतई यह नहीं होता है कि २० वर्षों का अनुभव है। मान लीजिये आप कोई काम साल में एक बार करते हैं तो २० वर्षों में २० बार ही वह काम कर पाएंगे न कि २० साल तक आपने वह काम लगातार किया है। इसी को ठगा हुआ या उल्लू बनना कहते हैं ।


6. अपनी गलतियों को स्वीकार करें।



अपनी गलती मानने वाला इंसान महान होता है। कभी-कभी आपको अपनी गलतियों को दूसरों के सामने स्वीकार करना चाहिये। इसके लिए अंग्रेजी में एक बढ़िया और उपयुक्त शब्द है , ''आई ऍम सॉरी।'' यह शब्द एक नए रिश्ते की शुरुआत कर सकता है। क्षमा मांगने से दो लोगों के संबंधों को एक नई दिशा मिल सकती है। अपनी गलतियों को खुद से स्वीकार करें। आपको अपनी गलतियों के बारे में पुरे मोहल्ले में ढिंढोरा नहीं पीटना है, बल्कि अगर लोगों को आपकी गलतियों के बारे में पता चल जाता है तो उससे आपको परेशान होकर मुँह छिपाने की जरुरत नहीं है। अपने आपसे बातचीत कीजिये और कहिये कि, मैंने अपना खुद का मजाक उड़ाने के लिए अपनी गलती को स्वीकार नहीं किया बल्कि मैं कहाँ खड़ा हूं यह जानने के लिए लिए किया है। गलती मानने से आप अपराध बोध से बचते हैं। आपको झूठ नहीं बोलना पड़ता है। आपके अंदर विनम्रता बढती है और आपको आगे बढ़ने में मदद मिलती है।

7. रोजाना पढने की आदत डालें।


पढने से आपके ज्ञान में वृद्धि होती है। जिससे जिंदगी से जुडी हर चीज,  हर समस्या को देखने का आपका नजरिया बदल जाता है। आप नए ढंग से जीवन जीने का आनंद उठा पाते हैं। इसलिए हर दिन कुछ ना कुछ नया पढ़ने की आदत डालें। अपनी पसंदीदा किताबें, पत्रिकायें पढ़ें, या इन्टरनेट पर कुछ प्रेरणादायक चीजें खोजें और पढ़ें। मोटिवेशनल लेख पढ़ें या वीडियो देखें। सफल लोगो की जीवनी पढ़िए। देश दुनिया में घटने वाली घटनाओं पर नजर रखें। हमारा दिमाग असीमित जानकारियों को ग्रहण करने की क्षमता रखता है। अपने दिमाग को खुला रखिये। कुछ नया सीखने की आदत आपकी जिंदगी को उत्साह से भर देती है। नये नये काम करते रहिये। नयी नयी चीजें सीखिये। नयी भाषा सीखिये, नया कौशल सीखिये। 

जिंदगी में बहुत कुछ है सीखने के लिए, जो आपको नहीं आता है। कुछ नया सीखने की आदत से एक तो आपका ज्ञान बढ़ता है, सामाजिक प्रतिष्ठा बढती हैं और जिन्दगी में उत्साह और ऊर्जा बना रहता है।


8 . अपने आपको पहचाने



खुद को समझे , अपने आपको पहचाने। अपनी सामर्थ्य को जानें। अपने कौशल को पहचाने। अपने जिंदगी का अर्थ समझें। जब आपको यह पता चल जाता है कि आप अपनी जिंदगी में क्या हासिल करना चाहते हैं, तो आपका खुद को बेहतर बनाना बहुत आसान हो जाता है।

अगर आप अपने असली रूप को पहचान लोगे तो आपकी जिंदगी बहुत आसान हो जाएगी और आप एक बेहतर जिंदगी जी सकोगे।


9 . नकारात्मक चीजों से बचें



खुद को बेहतर बनाने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि आप नकारात्मक चीजों से बचें और ज्यादा से ज्यादा सकारात्मक रहने की कोशिश करें।


बुरी संगति से बचें, बुरे लोगों से बचें, बुरी आदतों से बचें, बुरा व्यवहार करने से बचें, बुराइयों से बचें। ऐसी सभी चीजों से बचें जो आपको सही नहीं लगती और सिर्फ और सिर्फ अपने लक्ष्य पर ध्यान दें।



नकारात्मकता को अपनी जिन्दगी से बाहर निकाल फेंकिए। आपकी जिन्दगी आपके विचारों से ही झलकती है। जैसे आपके विचार होंगे वैसी ही आपकी जिन्दगी होगी, वैसा ही आपका व्यक्तित्व बनेगा। इसलिये चाहे कितनी भी ख़राब परिस्थिति क्यों न हो, चाहे कितनी भी मुश्किलें हों, मुसीबतें आयें, कभी भी अपने मन में नकारात्मक भाव न लाएं।

नकारात्मक बात करने वाले लोगों से दूरी बनायें। हमेशा सकारात्मक विचार रखने वाले लोगों के साथ दोस्ती बढ़ायें। उनके साथ ज्यादा समय बिताने की कोशिश करें जो हर मुश्किल घड़ी में, हर मुसीबत के समय में आपका हौसला बढ़ाये। हर मुश्किल का हिम्मत के साथ दृढ़ता के साथ मुकाबला करें और सकारात्मक होकर अपनी मंजिल को पाने के लिए मेहनत करते रहें।


10. दूसरों का सम्मान करें



एक अच्छे आदमी की पहचान होती है कि वह सबकी इज्जत करता है। किसी के साथ गलत भाषा का इस्तेमाल न करें। हर छोटे- बड़े सभी के साथ इज्जत से बात करें।  सम्मान के साथ पेश आएं। अगर आप लोगों की इज्जत करेंगे तो लोग भी आपकी इज्जत करेंगे। 

अगर आपको बेहतर इंसान बनना है तो आप सब का सम्मान करना सीखें। किसी को गाली ना दें, किसी को बुरा ना बोले, किसी का बुरा ना करें और हर किसी का सम्मान करें।

11 . कभी भी अपनी तुलना दूसरों से न करें। 


हर इंसान की अपनी अलग क्षमता होती है, सामर्थ्य होती है। लोगों की अपनी अपनी योग्यता होती है। सभी लोग अपनी क्षमता ,सामर्थ्य और योग्यता के अनुसार मेहनत करते हैं और अपनी सुख सुविधायें अर्जित करते हैं। इसीलिए हमें कभी भी किसी भी मामले में अपनी तुलना दूसरे लोगों के साथ नहीं करनी चाहिए। जब भी आप किसी दूसरे से अपनी तुलना करेंगे तो जो लोग आपसे बेहतर स्थिति में होंगे उन्हें देखकर आप परेशान होंगे, दुखी होंगे और उनसे ईर्ष्या करने लगेंगे। यदि किसी ऐसे आदमी से अपनी तुलना करेंगे जो आपसे ख़राब परिस्थिति में है तो आपके अंदर अहंकार आने की संभावना बढ़ जाती है। अहंकार और ईर्ष्या दोनों ही  आपके व्यक्तित्व को और आपकी जिंदगी को नुकसान पहुंचाती है।  

इसलिये आपके पास 
जो कुछ भी, जितना भी  है उसे लेकर अहंकार (ego) न करें और न ही जो आपके पास नहीं है उसके लिये परेशान या दुखी हों। आपके पास जो कुछ भी है, जितना भी है उसी में खुश और संतुष्ट रहें। और जिस चीज को पाने की आप चाहत रखतें हैं, ख्वाहिश रहते हैं उसके लिये अपनी योग्यता बढायें, अपनी सामर्थ्य बढ़ाएं।  आप उस लायक बने जिससे कि आप उस चीज को अपने मेहनत, लगन और ईमानदारी से हासिल कर सकें।


12 . आशावादी बनें। 


एक निराशावादी व्यक्ति को हर काम मुश्किल दिखता है। उसे हर जगह केवल मुश्किलें, कठिनाइयाँ ही दिखाई देती हैं। जबकि आशावादी व्यक्ति को हर मुश्किल, हर कठिनाई में भी एक अवसर दिखाई देता है। आशावादी व्यक्ति का जीवन संभावनाओं से भरा होता है। वो हर एक मुश्किल से, हर मुसीबत से बाहर निकलने का रास्ता ढूँढता है। आशावादी हर चीज को, हर बात को सकारात्मक नजरिये से देखता है। चाहे कितना भी बुरा वक्त क्यों न हो, चाहे राह में कितनी भी मुश्किलें क्यों न आयें, कभी भी उम्मीदों का दामन ना छोड़ें, आशा की किरण को कभी भी फीकी ना पड़ने दें। जिंदगी की हर समस्या पर सकारात्मकता के साथ विचार करें, आपको रास्ते अपने आप मिलने लगेंगे।


13 . हमेशा ख़ुशहाल रहें, हंसते रहें, मुस्कारते रहें। 


कहते हैं मुस्कराहट हर मर्ज का इलाज होता है। शोध से भी यह बात साबित हो चुकी है कि, मुस्कुराने से, दिल खोलकर हंसने से बहुत सी बीमारियों से बचा जा सकता है। हंसना, मुस्कुराना एक तरह की कसरत है जो दवा की तरह काम करता है। अपनी हर छोटी बड़ी उपलब्धियों का जश्न मनाएं। जब भी किसी से मिलें, किसी से बात करें तो मुस्कुरायें। हंसने वाली बातों पर दिल खोलकर हंसे। हंसने, मुस्कुराने का माहौल बनायें। हँसने, हँसाने के बहाने ढूँढे। जोक्स, चुटकले पढ़े और दूसरों को भी सुनायें।

आपके चेहरे की मुस्कुराहट दूसरों के चेहरे पर भी मुस्कुराहट ला सकती है। हँसने, मुस्कुराने को अपनी जिन्दगी का एक हिस्सा बना लीजिये। हँसने मुस्कुराने से, हमेशा खुश रहने से आप अपने आपको हर पल ऊर्जावान महसूस करेंगे, तरोताजा महसूस करेंगे, जिससे आप हर काम को पूरी क्षमता और लगन से कर पायेंगे।

14 . हर छोटी से छोटी कामयाबी का जश्न मनाएं। 


अपनी हर छोटी से छोटी सफलता के लिए, कामयाबी के लिए, उपलब्धि के लिए खुद को शाबाशी दें। अपनी खुद की पीठ थपथपाएं। अपनी हर सफलता का, हर खुशी का जश्न मनाएं। रोजाना अपनी उपलब्धियों को याद करें। ये काम आपको उत्साह से भर देगा और जिन्दगी में और भी बड़े काम करने के लिए प्रेरित करेगा।

15 . दूसरों से ज्यादा उम्मीदें ना रखें।


अपेक्षायें रखना मानव का स्वभाविक गुण है। कुछ हद तक अपेक्षा रखना सही भी है। क्योंकि बिना अपेक्षाओं और उम्मीदों के जिन्दगी उदासीन हो जाती है। लेकिन जब हम दूसरों से कुछ ज्यादा ही अपेक्षायें रख लेते हैं या कुछ ज्यादा ही उम्मीदें लगा लेते हैं तो यही अपेक्षायें हमारे दुखों का कारण भी बनती हैं। जब कोई हमारी अपेक्षाओं पर खरा उतरता है तो हमें खुशी मिलती है। जब हमारी अपेक्षायें पूरी नहीं होती है तो हम दुखी भी हो जाते हैं, व्यथित हो जाते हैं, अन्दर से टूट जाते हैं।


इसलिए कभी भी दूसरों से अपेक्षा मत रखो कि जो आप चाह रहे हैं, जो आप कर रहे हैं उससे सभी लोग हमेशा सहमत ही होंगे।  यह जरुरी नहीं है कि आपकी हर बात से, हर विचार से लोग सहमत ही हों। लोग आपके हिसाब से सोंचे, आपके अनुसार काम करें ऐसा बिलकुल भी संभव नहीं है। यह अपेक्षा रखना कि लोग हमेशा सही ढंग से काम करेंगे, वे कोई गलती नहीं  करेंगे, यह आपके लिए तकलीफदेह हो सकता है। लोग आपके लिये अपने आपको बदल नहीं सकते।

16. अपनी जगह बनायें ।


यदि आप नौकरी करते हैं, तो इस बात का ध्यान रखें कि आप जिस काम में पारंगत हैं, जिसमे आप अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं, जो कौशल आप के अंदर है उसका पूरा का पूरा उपयोग करें।  इससे आपके काम के स्थान पर आपका मान बढ़ेगा। लोग 
निश्चित रूप सेआपको पसंद करेंगे। अच्छा काम करते रहो, जो आप कर सकते हैं। आपको अपनी जगह बनाने का यह सबसे अच्छा तरीका है।

17. स्वयं से प्यार करें


खुद को बेहतर बनाने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है आपका स्वस्थ रहना। अपने शरीर की देखभाल अच्छी तरह से करें और खुद को स्वस्थ रखें। खुद को बेहतर बनाने और शीर्ष पर पहुंचाने में आपका स्वस्थ शरीर हमेशा आपकी मदद करेगा।

स्वस्थ रहने के लिए रोजाना कुछ देर के लिए शारीरिक श्रम करें, पसीना बहाएं ,व्यायाम करें। अपने आपको स्वस्थ रखने के लिए 
व्यायाम के साथ - साथ अच्छा और पौष्टिक भोजन करें। अपने खाने में हरी पत्तेदार सब्जियों को, फल, दूध, दही, दालें और प्रोटीन से भरपूर चीजों को शामिल करें। रोजाना 6 से 8 घंटे की नींद लें। सुबह जल्दी उठने और रात को जल्दी सोने की आदत डालें। रोजाना कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पियें।शराब सिगरेट का नशा करने से बचें।

18. अपने लाभ का निवेश करें।


यदि आप इस समय नौकरी या व्यवसाय कर रहे हैं और आपके पास आय का नियमित स्रोत है।  लेकिन रिटायर होने के बाद आपकी आय कम होगी और आपके खर्च बढ़ेंगे। क्योंकि बड़ी उम्र में बीमारियों के बढ़ने का खतरा अधिक होता है। इस समस्या से निज़ात पाने का सही विकल्प है निवेश करना। निवेश से आपको बुढ़ापे के दौरान आय का स्रोत विकसित करने में मदद मिलती है। हर व्यक्ति भविष्य की जरूरतों के लिए  छोटी-मोटी बचत तो कर लेता है, लेकिन उसे सही ढंग से निवेश नहीं कर पाता। निवेश से आपकी संपत्ति का निर्माण होता है और उससे आपकी आमदनी बढ़ जाती है। 

19. अनुशासित जिंदगी जीने की आदत बनायें। 


 जीवन के हर क्षेत्र में अनुशासन का होना जरुरी है। अनुशासन अलग अलग तरह के होते हैं।  जैसे - रहन सहन का अनुशासन, भोजन का अनुशासन जीवन जीने के तौर तरीको का अनुशासन आदि।
  
अनुशासनों का निर्धारण मनुष्य स्वयं करता हैं, इनमें आवश्यकतानुसार फेर बदल भी करता हैं। अनुशासन से जीवन को सही दिशा दिया जा सकता है।इससे जीवन की ऊर्जा का अनावश्यक व्यय नही होता है। 

यदि जीवन में कुछ विशेष करना हैं तो हमें जीवन को अनुशासित ढंग से जीना होगा।  छोटे छोटे संकल्प लें और उन्हें अनुशासित रहकर पूरा करें और अपने जीवन को बेहतर बनायें। 

20. अपने प्रति ईमानदार बनें ।


ईमानदार होना कठिन है क्योंकि यह हमें अपनी गलतियों को स्वीकार करने के लिए मजबूर करता है । आपको अपने बारे में क्या पसंद है? आपको किस चीज़ पर काम करने की जरूरत है? अपनी ताकत को पहचानें । आप किस चीज़ में अच्छे हैं? जिन लोगों को आप जानते हैं उनकी तुलना में आप उनसे बेहतर क्या कर सकते हैं? आप अपने दैनिक जीवन को अच्छा बनाने में क्या योगदान करते हैं? आपको किस चीज़ पर गर्व है? किन मायनों में आप खुद की तुलना में पहले से बेहतर हैं?

अपनी कमजोरियों को पहचानें । आपका कौन सा कृत्य आपको शर्मिंदा करता है? आप क्या बेहतर कर सकते हैं? पिछले कुछ वर्षों में आपके अंदर क्या खामियां आयी हैं ? उसके लिए अपने अंदर सुधार करें। 


21. अन्याय के विरूद्ध आवाज उठाओ। 


कहावत सटीक और स्पष्ट है। अन्याय करने वाला जितना दोषी होता है, उससे ज्यादा सहने वाला। लिहाजा हर नागरिक का कर्तव्य है कि अन्याय को न सहें, बल्कि उसके खिलाफ आवाज उठाएं।

अन्याय के विरूद्ध हर स्तर पर संघर्ष करना आवश्यक है और शुरूआत उस पहले अन्याय से की जा सकती है, जिसे देखकर आपको गुस्सा आता है-क्योंकि संभावना यही है कि उस अन्याय को देखकर उन लोगों को भी गुस्सा आएगा, जिन्हें आप जानते हैं। 

अन्याय से लडऩे के लिए ‘आंतरिक शक्ति’ की आवश्यकता होती है। हमारी नजर में जो सत्य और सही है, उसे समझने और अपनाने का प्रयास करना चाहिए। हमें दूसरों के कार्यों और इरादों का मूल्यांकन उदारतापूर्वक और अपने कार्यों और इरादों का कड़ाई से करना होगा। अन्याय से लडऩे के लिए हम जिन साधनों का उपयोग करेगें वे भी शुद्ध और न्यायपूर्ण  होने चाहिए।  हमें जो सही है, उसे करने की कीमत अदा करने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।  

अन्याय के विरूद्ध संघर्ष, शब्दों और कार्यों दोनों के जरिए किया जाता है। हमें यह हमेशा याद रखना चाहिए कि हमारी लड़ाई व्यक्तियों के विरूद्ध नहीं है, क्योंकि व्यक्ति हमेशा बदल सकते हैं। अंतत: हमारी सबसे बड़ी जीत यही होगी कि हमारे सबसे कटु शत्रुओं को उनकी गलती का एहसास हो और वे सत्य और न्याय की राह पर लौट आएं।  कोई हमारे साथ गलत कर रहा है तो उसे तत्काल टोकें ताकि उसकी हिम्मत न बढ़े।