शुक्रवार, 31 जुलाई 2020

क्या आप दिल और दिमाग से हमेशा युवा बने रहना चाहते हैं? Do you want to stay young forever with your heart and mind?

 



आजकल के युवा अपनी जवानी को यूं ही व्यर्थ गवां रहे हैं , या कहें कि, अगर वे जो कुछ भी कह  रहे हैं और संयोगवश वह सच होता है तो यह एक तरह से हास्यास्पद ही होता है। युवावस्था केवल मनुष्य के जीवन काल का एक समय सीमा ही नहीं है; बल्कि यह मन: स्थिति की एक अवस्था भी है। मैंने अपने 60 वें जन्मदिन के बाद अपनी जिंदगी के दिनों की गिनती करनी बंद कर दी है। मैं अभी भी अपने आप को युवा समझता हूं - और मैं सदैव इस तरह से अपने आपको बनाये रखने का इरादा रखता हूं।

आप बुढ़ापे में भी एक युवा दृष्टिकोण और मनोभाव रख सकते हैं, या जवानी में पुरातनपंथी विचारों को अपना सकते हैं। यह आपका चुनाव होता है।  

क्या आप दिल और दिमाग से हमेशा युवा बने रहना चाहते हैं? 

तो यहां पर आपकी सहायता के लिए कुछ विचार दिए जा रहे हैं, जिसे अपनाकर आप सदैव नौजवान बने रह सकते हैं :

1. केवल हंसमुख, सकारात्मक विचार वाले दोस्तों से ही संबंध रखें।

आप अपने दोस्तों को चुन सकते हैं, और मैं उन लोगों को चुनना पसंद करता हूं जो सकारात्मक हैं और जो मुझे हमेशा अच्छा करने की चुनौती देते हैं। जो मुझे अच्छा महसूस कराते हैं। जो मुझे नीचे की ओर, पीछे की ओर नहीं खींचते या दुनियां के बारे में ग़ुस्सा नहीं दिलाते। नकारात्मक लोग हर अवसर में कठिनाई देखते हैं, जबकि सकारात्मक लोग हर कठिनाई में अवसर देखते हैं।




2. सीखते रहो।

मुझे लगता है कि हेनरी फोर्ड ने इसे सबसे अच्छे ढंग से परिभाषित किया है उनका कहना है कि, "कोई भी जब सीखना बंद कर देता है तो वह बूढ़ा हो जाता है, चाहे वह 20 वर्ष का हो या 80 वर्ष का। जो कोई भी सीखता रहता है वह सदा युवा बना रहता है। जीवन में सबसे बड़ी बात, सबसे बड़ी उपलब्धि अपने दिमाग को सदा युवा बनाये रखना है।” मेरा हमेशा कहना है कि आपको पूरी जिंदगी स्कूल में रहना चाहिए - कभी भी सीखना बंद नहीं करना चाहिए।

3. साधारण और छोटी - छोटी चीजों का आनंद लें।

उन चीजों का आनंद लेने के लिए समय निकालना न भूलें जिन्हें आप करना पसंद करते हैं - टहलने के लिए जायें या पसंदीदा फिल्मों को देखें, एक अच्छी किताब पढ़ें, अपनी पसंदीदा टीवी शो देखें, अपने परिवार के साथ समय बिताएं। आपको जीवन में एक अच्छा संतुलन बनाये रखना होगा।

4. हमेशा मुस्कुराते रहें, हंसते रहें।

अपने दिन की शुरुआत एक अच्छी हंसी या कम से कम एक बड़ी मुस्कान के साथ करें, यह आपके स्वास्थ्य के लिए उतना ही फायदेमंद है जितना कि आपके मूड के लिए। वैज्ञानिक अध्ययनों ने निष्कर्ष निकाला है कि हँसी से हृदय, फेफड़े, पेट और अन्य अंगों को लाभ होता है। यह तनाव को कम करता है, दृष्टिकोण को बदलता है और शरीर के प्राकृतिक दर्द निवारक को बढ़ाता है। साथ ही इसका कोई हानिकारक दुष्प्रभाव नहीं है।

5. सुडौल बने रहें, स्वस्थ रहें।

व्यायाम आपके शरीर के साथ-साथ आपके दिमाग के लिए भी अच्छा है। अध्ययनों से पता चलता है कि स्वस्थ कर्मचारियों की काम पर उपस्थिति अच्छी रहती है , उनका प्रदर्शन बेहतर होता है और मनोबल हमेशा ऊंचा बना रहता है। मैंने हमेशा महसूस किया है कि एक स्वस्थ कर्मचारियों का समूह, हमेशा उत्पादक होता है।

मानव शरीर एकमात्र ऐसी मशीन है जो तेजी से खराब हो जाती है यदि इसका उपयोग सही तरीके से नहीं किया जाता है। अपने स्वास्थ्य को संवारें, बनाये रखें। यदि आप स्वस्थ हैं, तो वह करें जो आप इसे संरक्षित कर सकते हैं, सेहत को बनाये रख सकते हैं। यदि आपका स्वास्थ्य अस्थिर है, ख़राब है तो इसे सुधारें। देखें  कि आप इसमें क्या सुधार कर सकते हैं, यदि यह आपके सामर्थ्य से बाहर की चीज़ है तो विशेषज्ञों की सलाह लें।


6. खुश रहो।

अपनी खुशियों के लिए आप खुद जिम्मेदार होते हैं। हम कभी-कभी खुद को समझाते हैं कि बेहतर नौकरी पाने के बाद जीवन बेहतर होगा, अधिक पैसा कमा लेने के बाद, शादी कर लेने के बाद, बच्चे पैदा होने के बाद , बच्चों की नौकरी लगने के बाद या फिर बड़ा घर खरीदने के बाद हम ख़ुशहाल हो जायेंगे। लेकिन फिर भी इनमें से किसी एक की, या सब कुछ प्राप्त कर लेने से भी हमारी जिंदगी में कोई ख़ास फर्क नहीं पड़ता है। खुशी पाने के लिए कोई जादुई रहस्य नहीं है, बल्कि यह आपके मस्तिष्क में, मन में शुरू होता है।

7. अनावश्यक तनाव न लें।

आप तनाव से बच नहीं सकते, लेकिन आप अनावश्यक चिंता पैदा करने से बच सकते हैं। बस आपको एक तनाव निवारक उपाय खोजने की आवश्यकता है। मेरा मतलब है- किसी पसंदीदा खेल में भाग लेना, गोल्फ खेलना, तैराकी या टहलना।


यदि तनाव अभी दूर नहीं हुआ है, तो आपको अपने जीवन में कुछ बदलाव करने होंगे जो अल्पावधि में अधिक तनावपूर्ण हो सकते हैं, लेकिन लंबे समय में स्वास्थ्यवर्धक होते हैं, लाभदायक होते हैं।

8. अपराध बोध महसूस न करें।

भूल को सही साबित करने की बजाय उसे स्वीकार करो। औचित्य सिद्ध करना बहुत सतही है क्योंकि यह अपराधबोध को नहीं हटाता। बल्कि वह आपको अपराध का और भी अधिक बोध कराता है। 

अतीत की गलतियों के बारे में सोचते रहने के बजाय बस जाग जाओ और उसे स्वीकार करो। आगे बढ़ जाओ और दूसरों पर या स्वयं पर दोषारोपण में मत फंसो। दोष देना ठीक वैसे ही है जैसे कि आप कूड़ादान लेकर बैठे हो और किसी पर फेंकने को तैयार हो। आत्मज्ञान से भय, क्रोध, अपराधबोध, अवसाद जैसी सभी नकारात्मक भावनाएं गायब हो जाती हैं।

9. अपने आप को युवा और ऊर्जावान व्यक्ति के रूप में कल्पना करें, महसूस करें।

मैंने वर्षों पहले सीखा था कि दृश्यावलोकन (विज़ुअलाइज़ेशन) व्यक्तिगत लक्ष्यों को प्राप्त करने का सबसे शक्तिशाली साधन है। दूरदर्शी (विज़नरीज़) इसे प्राप्त करने के लिए एक योजना का निर्धारण करके और सकारात्मक परिणामों की अपेक्षा करके जो चाहें वह प्राप्त कर सकते हैं।

दृश्यावलोकन (विज़ुअलाइज़ेशन) नियोजन नहीं करता है, और यह बाधाओं का अनुमान नहीं लगाता है, लेकिन यह आपको एक वास्तविक विचार देता है कि क्या संभव है, यदि आप इसे बहुत बुरी तरह से चाहते हैं। दृष्टिकोण इससे अधिक कुछ नहीं है कि आप क्या सोचते हैं, आप कैसे सोचते हैं। यदि आप इसकी कल्पना कर सकते हैं, तो आप इसे कर सकते हैं।

 


बुधवार, 29 जुलाई 2020

जीवन के 7 नियम कैसे बनाएं जो आप के लिए काम करे । How to make 7 rules of life that work for you.


जीवन जटिल है, लेकिन आप इन कुछ सरल युक्तियों का पालन करके इसे थोड़ा आसान बना सकते हैं। जीवन के ये 7 नियम आपको याद दिला सकते हैं कि आपको अपनी ऊर्जा कहाँ केंद्रित और निवेश करनी है, ताकि आप जीवन का अधिक से अधिक आनंद ले सकें। कभी-कभी, उनका पालन करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन यह हमेशा फायदेमंद होता है। यहां पर आपके जीवन के लिए 7 नियमों को बनाने के लिए कुछ सुझाव दिए गए हैं।

 

जीवन के 7 नियम

अपने आप से और अपने रिश्तों से अधिकतम समाधान और संतुष्टि पाने के लिए इन नियमों पर विचार करें:

  1. अपने अतीत के साथ शांति बनाएं, ताकि यह आपके वर्तमान को बाधित न करे।
  2. दूसरे लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं, इससे आपका कोई लेना देना नहीं है अर्थात इसके बारे में आपको चिंता करने की जरुरत नहीं है। 
  3. समय सारे घावों को भर देता है। उसे कुछ टाइम और दो।
  4. आपके अलावा कोई और आपकी खुशी की जिम्मेदारी नहीं ले सकता है।
  5. अपने जीवन की तुलना दूसरों से कभी भी न करें, और उनके बारे में कोई भी राय न बनायें। आपको कोई अंदाजा नहीं है कि उनकी जीवन यात्रा कैसी रही है।
  6. बहुत सोचना बंद करो। यदि आप जवाब नहीं जानते तो यह बहुत ही अच्छा है। जब आप बहुत कम पाने की उम्मीद करेंगे तो वे आपको जरुर मिलेंगे।
  7. आप दुनिया की सभी समस्याओं के स्वामी नहीं हैं।

अपने जीवन के नियमों के शिल्पकार हैं 

ये छोटी - छोटी आसान सलाह आपके अपने जीवन की हर परिस्थितियों में लागू किया जा सकता है। कष्टदायक विचारों और अनावश्यक जिम्मेदारियों को छोड़ना स्वास्थ्य और स्वतंत्रता की दिशा में पहला कदम है। उत्तेजनाओं पर काबू पाना और अपने ऊपर संयम,धीरज रखना, आत्म-देखभाल के महत्वपूर्ण रूप हैं। इन उपयोगी नियमों को अपने दैनिक जीवन में लागू करने के कुछ तरीके यहां दिए गए हैं।

1: अपने अतीत के साथ शांति बनाएं

अतीत आपके वर्तमान को बहुत बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है। हमारे दिमाग का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि वह हमेशा अवसरों से भरे उज्ज्वल भविष्य की ओर देखता है। अतीत अपरिवर्तनीय है।  जैसा कि आपको पता है कि आप हर दिन आगे की ओर बढ़ते रहते हैं, आपको जानबूझकर अतीत से बाहर निकलकर हमेशा आगे की ओर बढ़ते रहना चाहिए। यहाँ पर उस यात्रा पर आगे बढ़ने के लिए  कुछ महत्वपूर्ण घटक दिए गए हैं:

  • अन्य लोगों द्वारा आपके ऊपर किये गए अन्याय, अपमान या गलतियों को क्षमा करें, भूल जायें।
  • अपने गलत कामों के लिए, अतीत में हुई अपनी गलतियों के लिए खुद को क्षमा करें, भूल जायें ।
  • विभिन्न प्रकार के नए विचारों को चुनाव करके, अपनाकर अपनी  दर्दनाक यादों के असर को फीका, धीमा कर दें।
  • जो आपके जीवन में जो कुछ भी हुआ है, घटा है, उसे स्वीकार करें।
  • हर दिन नयी प्रतिबद्धताएं बनाएं, तय करें।

2: दूसरों की चिंता छोड़कर अतीत को भूलें और आगे बढ़ें 

आप दूसरे व्यक्ति के विचारों को कभी नहीं जान सकते, समझ सकते। हमेशा दूसरों की प्रतिक्रिया, क्या होगी, कैसे होगी, इसके बारे में सोचते रहने या चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। इसके बजाय, खुद के प्रति सच्चे रहें, ताकि आप उन लोगों को आकर्षित कर सकें, ख़ुश कर सकें जो वास्तव में आपके जीवन में हैं, आपकी चिंता करते हैं। वह करें जो आपको खुश करे, जिससे आपको ख़ुशी मिले, और आपके इर्द - गिर्द, आपके आस - पास सही ईमानदार और अच्छे लोगों जमावड़ा बना रहे, सानिध्य बना रहे। दूसरों को भी इसी तरह की सौगात दें। ठीक यही सिद्धांत नियम 4 और नियम 5 पर भी लागू होता है। 

3: समय का इंतजार करें 

समय का इंतजार करें, समय बड़े से बड़े घाव को भर देता है। अक्सर, आपको बस चीजों को व्यवस्थित होने देना चाहिए, परिस्थितियों को अनुकूल होने का इंतजार करना चाहिए। आपको जीवन अभी थोड़ा मुश्किल लग सकता है, लेकिन यदि आपने सही तरीके से नियम 1 का पालन किया और अपने अतीत में न खोकर उससे बाहर निकले तो आप खुशी पाने के असली हक़दार बन सकते हैं ख़ुशहाल हो सकते हैं। अपने जिंदगी में आये दुःखों को स्वीकार करें, लेकिन उसे अपने ऊपर क़ब्ज़ा न करने दें, आप उनके वश में न हो जायें। जब आपको किसी भी सवाल का सही ज़बाब या सही चीजों का पता नहीं चल पा रहा हो, तो आप इस बात पर ध्यान दें कि आपको क्या करना अच्छा लगता है और क्या बुरा लगता है। यही सिद्धांत नियम 6 पर भी लागू होता है। 


4: हमेशा ख़ुशहाल रहें या नहीं 

यह थोड़ा विपरीत लग सकता है, लेकिन आपको हर समय खुद को खुश रहने के लिए मजबूर नहीं करना है। बल्कि आपको अपनी भावनाओं को पूर्णरुप से उसी तरह महसूस करना चाहिए जैसी वे हैं। खुशी का अर्थ कदापि यह नहीं होता है कि आप अपनी भावनाओं को दफना दें, दबा दें। बल्कि आपको उन्हें स्वीकार करने और उन्हें उनका उचित स्थान देने की जरुरत है। समस्याओं में उलझने की बजाय उनमें संतुलन, सामंजस्य बनाये रखना चाहिए। समस्यायों को निष्पक्ष रुप से परखने और उसकी ताकत, सामर्थ्य और क्षमता को समझकर उसके समाधान के बारे में प्रयास करना चाहिए और ख़ुशी की ओर अपने कदम बढ़ाना चाहिए।

5: खुद की तुलना दूसरों से करना बंद करें 

किसी के साथ तुलना करना आपकी ख़ुशी को कमतर कर सकता है, ख़ुशहाली को चुरा सकता है, ख़त्म कर सकता है। दूसरों के साथ अपनी योग्यता या स्वास्थ्य को मापना एक बेकार की गतिविधि है जो निराशा में समाप्त होती है।इससे मन में निराशा पैदा होती है। आपके पास जो कुछ भी है और आप जो भी हैं, हर दिन उसकी ख़ुशी मनाइये, उसका आनंद लीजिये। अपने पास जो कुछ भी है उसी से संतोष करने को चुनना और आपके अपने जीवन में जो कुछ भी अच्छा घटित हुआ हो उस पर ध्यान केंद्रित करना, तुलनात्मक आदतों को दूर करने के सबसे शक्तिशाली तरीके हैं।


6: अपने विचारों को नियंत्रित करें


आपके जीवन में ख़ुशहाली लाने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि आप हमेशा अपने सही विचारों पर ध्यान केंद्रित करें। नकारात्मक बातचीत का पूर्वाभ्यास करना या बार - बार दोहराना, आपके दिमाग में अतीत को फिर से देखना और नकारात्मक विचारों को दोहराना ये सभी अनैतिक व्यवहार हैं। अपने विचारों को बदलना सीखना एक महत्वपूर्ण उपकरण है। जब भी आप अनचाहे विचारों से जूझ रहे हों, तब इसका और अभ्यास करें।

7: अनावश्यक जिम्मेदारियों को जाने दें

कुछ चीजें आपके नियंत्रण में और कुछ आपके नियंत्रण के बाहर हैं। जब लोग या परिस्थितियाँ आपके नियंत्रण से बाहर होती हैं, तो उन्हें बहुत कसकर नहीं पकड़ना ही बुद्धिमानी है, जिंदगी के लिए महत्वपूर्ण है। असंतुलित जिम्मेदारियां आपको दुखी करती हैं। जिम्मेदारी के सही स्तर को स्वीकार करने से आपको अपनी सीमा के भीतर काम करने में मदद मिलेगी।

इन नियमों को अपने जीवन को ख़ुशहाल बनाने के लिए बनाइए, अपनाइये। 

Make these rules to make your life happy, adopt it.

जब आप अपने जीवन में इन नियमों का पालन करते हैं, अपनाते हैं तो आप अपने तनाव और चिंताओं को पिघलते हुए पाएंगे। यदि आपको इन नियमों का पालन करने में परेशानी हो रही है या किसी से बात करने की आवश्यकता है, तो एक पेशेवर सलाहकार का सहयोग लेने पर विचार करें जिससे आपको पता चल सके कि आप कहाँ फंस रहे हैं। यह प्लेटफॉर्म काउंसलर प्रदान कर सकता है। यह सुविधाजनक प्रक्रिया आपको एक उच्च-योग्य मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर से मिलाएगी जो आपके जीवन में इन महत्वपूर्ण नियमों को एकीकृत करने में आपकी मदद कर सकता है। 

निष्कर्ष (Conclusion)

जीवन के ये 7 नियम आपके काम आ सकते हैं वे आपको तनाव कम करने और खुशी बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। यह महत्वपूर्ण है कि आप अपनी सेहत को महत्व दें। आप महत्वपूर्ण हैं, और आप खुश रहने के लायक हैं। पहला कदम बढ़ाओ।





सोमवार, 27 जुलाई 2020

सफलता के 7 नियम (7 rules of success)




पढ़ने वाले सभी दोस्तों को नमस्कार आप सभी का हमारे साइट पर स्वागत है। आज के इस लेख में हम आपको सफलता के 7 नियम के बारे जानकारी देने वाले है। जिससे आप हर समय अपने आपको प्रेरित रख पायेंगे और अपने लक्ष्य तक आसानी से पहुंच जाएंगे। यह लेख पढ़ने के लिए विशेष आभार।

दुनियां में हर व्यक्ति सफल होना चाहता है, हर कोई जीवन में बड़े - बड़े सपने देखता है, हर कोई उचाईयों को छूना चाहता है, लेकिन अफसोस की बात यह है कि उनमें से कुछ गिने - चुने लोग ही सफल हो पाते हैं। अगर आपने अपने जीवन में इन 7 नियमों का पालन करना सीख लिया, इसे आत्मसात कर लिया तो दुनिया की कोई भी ताकत आपको कामयाब होने से रोक नहीं पाएगी।

1. अपने विचारों पर क़ायम रहें -


आज तक आपने जितने भी सफल और कामयाब लोगों के बारे में सुना होगा, पढ़ा होगा, वे कभी भी अपने विचारों से भटके नहीं। उन्होंने कभी भी हाथ में लिए हुए कार्य को छोड़ा नहीं भले ही उन्होंने अलग रास्ते अपनाये होंगे। इसलिए आपको भी अपने मन में आये विचारों को पकड़ना है और उस पर तब तक काम करना है, जब तक कि आप सफ़लता हासिल न कर लें। अपने पसंद या जुनून का कार्य करें। जैसे आप के दिल से आवाज आई कि मुझे प्रशिक्षक (trainer) बनना है तो आप अपने इस विचार को ही अपना एक प्रोफेशन बनायें और सबसे बड़ी बात यह कि आप अपने इस आइडिया पर धैर्य के साथ काम की शुरुवात करें। भले ही आपको कुछ दिनों तक उसमें सफलता न मिले या उसमें थोड़ा बहुत नुकसान ही क्यों न हो उस पर अडिग बने रहें और नए सिरे से जब तक सफलता न मिले तब तक प्रयास करते रहें। ज्यादातर लोग थोड़ी सी दिक़्कत आने पर उसे बीच में ही छोड़ देते हैं।

” कोई भी व्यक्ति एक बार में सफल नहीं हुआ है बार बार असफलता के बाद ही सफलता मिलती”



2. कोई बहाना नहीं मेहनत करो

बहाने बनाने की आदत ही व्यक्ति के जीवन में सफ़लता या असफ़लता का निर्णय करती है। जो व्यक्ति जितने ज़्यादा बहाने बनाता है सफ़लता उससे उतनी ही दूर चली जाती है। जीवन में सफलता हासिल करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात है 'मेहनत', मेहनत करने वाले आगे बढ़ते हैं और बहाने बनाने वाले सिर्फ बहाने ही बनाते रह जाते हैं और जिंदगी की दौड़ में पीछे रह जाते हैं। अगर आप सोच रहे हैं कि मेरे पास कुछ पैसे आ जाएंगे तब मैं बिजनेस या कोई दूसरा काम शुरु करूंगा या परिस्थितियां अनुकूल होने पर नए काम की शुरुवात करुंगा तो आप ग़लत हैं। आपको बता बता दूं कि हालात या परिस्थितियां कभी भी अपने अनुकूल नहीं होती हैं हमें ही परिस्थितियों के अनुसार अपने आपको बनाना पड़ता है। जितने भी लोग दुनियां में सफल हुए हैं वह सभी घंटों महीनों और सालों की मेहनत के बाद सफ़लता पायी है। ओर दोस्तो जैसे अभी आप मेहनत कर रहे हो वैसे ही करते रहोगे तो आपको वही मिलेगा जो अभी मिल रहा है। इस लिए ताबड़तोड़ मेहनत करिए। ओर किसी भी प्रकार कोई बहाना नहीं होना चाहिए, जैसे कि 'मेरे पास पैसे नहीं' , 'मुझे किसी का सपोर्ट नहीं मिलता है ' , मेरा समय ख़राब चल रहा है ' , 'मेरी क़िस्मत ख़राब है' इन सभी बहानों को आज से ही त्याग दीजिए।

” सही समय कभी नहीं आता है उसको लाना पड़ता है ”



3. हमेशा नया सीखते रहें।


जिंदगी में सीखना कभी भी बंद मत कीजिए, जिस दिन आपने सीखना बंद कर दिया उसी दिन से आपकी प्रगति रुक जायेगी। आप जिंदगी की दौड़ में पीछे रह जायेंगे। दुनियां में हर रोज़ कुछ न कुछ नया बदलाव हो रहा है, यदि हम उसके बारे में सीखेंगे नहीं, पढ़ेंगे नहीं तो हम लोगों से पीछे छूट जाएंगे। इस लिए रोज कुछ नया सीखने की कोशिश करें तभी जाकर आप जीवन में कुछ बड़ा कर पाएंगे, इतिहास रच पाएंगे।

आप अपनी गलतियों से, असफलताओं से सबक़ ले सकते हैं, क़िताब पढ़कर, इंटरनेट के माध्यम से आप सीख सकते हैं। आपको जहां से भी ज्ञान मिले वहां से लेते रहें। इस लिए आपको जीवन भर सीखते रहना है और उसे अपने जीवन और अपने प्रोफेशन में उपयोग करते रहना है।

''जिसने सीखने की कला खो दी उसने जीतना छोड़ दिया। ” इस लिए हमेशा सीखते रहें ,आगे बढ़ते रहें। ”

4. बदलाव जरूरी है -


''परिवर्तन संसार का नियम है।'' चीजें व परिस्थितियां हमेशा बदलती रहती हैं। इसलिए हमें जीवन में खुद को बदलना भी बहुत जरूरी है। जो व्यक्ति अपने बिजनेस या जीवन में समय और परिस्थितियों के अनुसार बदलाव नहीं करता वह हमेशा पीछे रहे जाता है। जैसे आज का युग डिजिटल, सूचना या टेक्नॉलाजी का जमाना है। अगर इस डिजिटल युग में आप अपने आप को या अपने बिजनेस को डिजिटल नहीं करेंगे तो आप पीछे रह जाएंगे। इसके अलावा नयी तकनीक के अनुसार अपने खुद के अंदर भी बदलाव लाने की जरुरत है। साथ ही साथ नयी सूचनाओं व जानकारी से भी अवगत रहने की ज़रुरत है।

इसका अर्थ है कि आपको अपने कार्य करने के तरीके में भी परिवर्तन करना है। अगर आप नहीं बदलेंगे तो दुनियां आपको बदल देगी। इसलिए अपने बिजनेस और जीवन में समय व परिस्थिति के अनुसार परिवर्तन करते रहें तभी आप दुनियां में टिक पाएंगे, स्थान बना पाएंगे। 

5. अपने विज़न पर विश्वास करो


जी हां आपको अपने विज़न पर पूरा का पूरा विश्वास होना बहुत ज़रूरी है। कामयाब होने के लिए आपका अपने विज़न या गोल के बारे में अपना दृष्टिकोण स्पष्ट रखना चाहिए। दुनियां कुछ भी कहे अगर आप अपने खुद के विज़न या गोल पर शक करेंगे, विश्वास नहीं करेंगे तो आप उसे कभी भी हासिल नहीं कर सकते। जैसे बिल गेट्स का विज़न स्पष्ट था कि एक दिन पूरी दुनिया में मेरा सॉफ्टवेयर होगा और आप सभी जानते हैं कि आज के दिन बिना सॉफ्टवेयर के दुनियां चल ही नहीं सकती। जब आपका विज़न स्पष्ट होगा और उस पर आपको पूरा विश्वास होगा तो उस तक पहुंचने में कोई बाधा आपको रोक नहीं सकती। अपने विज़न पर पूर्ण विश्वास से ही आप बड़ी कामयाबी हासिल कर सकते हैं। 

6. आप जो भी कर रहे हैं उसका आंनद ले


सबसे पहले तो वहीं काम करें जो आपको पसंद हो, जिसे करने में आपको आनंद आये ख़ुशी मिले और संतुष्टि मिले।दूसरों को देखकर, किसी दबाव या लालच में आकर किसी काम की शुरुवात न करें, नहीं तो आप जीवन भर पछताना पड़ेगा। जिस दिन आप अपने काम में आनंद लेने लग गए दुनियां की कोई भी ताकत आपको उस काम में सफ़लता हासिल करने, शिखर पर पहुंचने से रोक सके। अगर आप अपने काम को अपना जुनून बना लें तो आपको कभी भी ऐसा नहीं लगेगा कि आप उस कार्य को करते हुए थक रहे हैं, बोर हो रहे हैं। दोस्तों, परिवार या समाज के दबाव में आकर कोई भी ऐसा काम ना करें, जिसमें आपकी कोई रुचि नहीं हो। आप वही कार्य करे जिसको करते हुए आपको आंनद महसूस हो चाहे वह काम छोटा ही क्यों नही हो। ” कोई भी काम छोटा या बड़ा नही होता है उसे छोटा या बड़ा बनाया जाता है।”


7. हमेशा प्रेरित रहें 


यह एक तथ्य है कि जब आप चुनौतियाँ स्वीकार करने लग जाते हैं तो यह आपके दिमाग में एक सकारात्मक प्रभाव डालता है और आपके अन्दर ढेर सारा उत्साह भरता है और आपको प्रेरित करता है।

चुनौतियों को स्वीकार करना और उन्हें पूरा करना आपके अन्दर एक अलग स्तर का आत्मविश्वास भरता है और आपको हमेशा प्रेरित रखता है। इसलिए हमेशा अपनी क्षमता को पहचानिए और चुनौतियों को स्वीकार करने में जरा भी मत हिचकिचाइये।


जी हां दोस्तो सफल होने के लिए, अपने क्षेत्र में बुलंदियों तक जाने के लिए आपको हर वक्त मोटिवेट रहना होगा तभी जाकर आप बड़ी कामयाबी हासिल कर पाओगे, इतिहास रच पाओगे। 

नेगेटिव लोगो से हमेशा दूर रहे नहीं तो वह आपको भी नेगेटिव कर देंगे। ज़िन्दगी में मोटीवेशन का होना बहुत जरूरी है तभी जाकर आप कामयाब हो पाएंगे। 


निष्कर्ष


उम्मीद करते हैं कि आपको इस लेख से आपको बहुत कुछ सीखने को मिला होगा।  आप इन सुझाओं को अपनाकर अपने आप को एक कामयाब और  सफल इंसान बना पायेंगे। पोस्ट अच्छी लगी हो तो लाईक करें और अपने दोस्तो के साथ शेयर जरुर करें। 

शनिवार, 25 जुलाई 2020

अमीर बनाने वाली 16 आदतें । / 16 habits that make you rich.


बुद्धिमत्ता, प्रतिभा और आकर्षण महान हैं, लेकिन प्रायः इसकी वज़ह से हमारे बीच के सबसे दौलतमंद और सबसे गरीब के बीच के अंतर को परिभाषित नहीं किया जा सकता। बुद्धिमान, प्रतिभाशाली और आकर्षक व्यक्ति होने का मतलब यह नहीं हैं कि वह अमीर ही होगा। गरीबों में भी बुद्धिमत्ता प्रतिभा और आकर्षित करने की क्षमता हो सकती है।

इसके बजाय, हमारी दैनिक आदतों की वजह से हम गरीब या अमीर होते हैं। क्या आपको इसका एहसास है कि हम जितना समय तक जागते हैं और जो भी गतिविधि करते हैं उसमें से हमारी 40% गतिविधि हमारे अवचेतन मन की वज़ह से अपने आप होती हैं। इसका मतलब है कि हर दिन के पूरे दिन भर में हर पांच मिनट में से दो मिनट, हम ऑटोपायलट मोड अर्थात स्वचालित ढंग या बिना सोचे अप्रत्यशित ढंग से  काम करते हैं। यह सच है:कि हमारी आदतें हमारे अवचेतन मन में गहरे में बैठी रहती हैं। अपनी आदतों की वजह से हम स्वचालित रुप से कुछ काम करते रहते हैं। 

यह अवचेतन मन या तंत्रिका तंत्र हमारे मस्तिष्क की ऊर्जा को बचाने के लिए बनी है। जब हमारी कोई एक आदत बनती है और अवचेतन मन में संग्रहीत हो जाती है, तो हमारे मस्तिष्क के हिस्से को गहन निर्णय लेने वाले गतिविधि में पूरी तरह से भाग लेने से बचाती हैं। हालाँकि, हम सभी जानते हैं कि आदतें अच्छी और बुरी दोनों ही तरह की होती हैं।


अमीर और गरीब लोगों की आदतों के बीच के अंतर का अध्ययन करते हुए सैकड़ों लोगों से पूछताछ करने के बाद उनके द्वारा व्यक्त की गयी प्रतिक्रियाओं और दिए गए जबाबों का विश्लेषण करने पर पता चला की कौन सी ऐसी आदतें हैं जिसकी वज़ह लोग अमीर या ग़रीब बनते हैं। कौन सी ऐसी आदतें हैं जिसकी वजह से धनवान और समृद्धि पाते हैं और गरीब ,गरीब ही रह जाते हैं। 


अमीरों की आदतों और गरीबों की आदतों के बीच की खाई चौंका देने वाली हैं। यदि आप पहले से ही अच्छी आदतों का अनुसरण करते हैं, तो संभावना है कि आप  इनमें से अधिकांश अमीर आदतों (रिच हैबिट्स) का पालन कर रहे होंगे। इनमें से जिन आदतों की आपने अब तक नहीं अपनाया होगा उन्हें अपनाकर आप उन्नति कर सकते हैं, आगे बढ़ सकते हैं, अमीर बन सकते हैं। लेकिन आश्वस्त रहें ; यदि आप इन सिद्धांतों को ध्यान में रखे बिना भी अब तक ठीक कर रहे होंगे, तो यह आपको और अधिक मजबूत बनाएगा, समृद्ध बनायेगा।


अमीर और गरीब के बीच के कुछ अंतर स्पष्ट हैं, जबकि कुछ बहुत ही अधिक आश्चर्यजनक हैं। यहां कुछ सबसे महत्वपूर्ण अमीर आदतें हैं जिन्हें आप अपने धन की क्षमता तक पहुंचने और बनाए रखने के लिए अपना सकते हैं, अमल में ला सकते हैं।




1. अपनी संपत्ति पर जियो।

धनवान लोग अपनी प्रतिमाह की आय का 20 प्रतिशत हिस्सा निकालकर पहले अपने भविष्य की आय के लिए संपत्ति बनाने के लिए भुगतान करके फ़िजूलखर्ची से बचते हैं, और अपनी शुद्ध आय का 20 प्रतिशत निकालने के बाद शेष बचे 80 प्रतिशत पर अपना जीवन - यापन करते हैं।


आज जो लोग भी आर्थिक रूप से संघर्ष कर रहे हैं, उनमें से लगभग सभी लोग अपने संसाधनों से अधिक ख़र्च कर रहे होते हैं। वे जितना कमाते हैं उससे अधिक खर्च करते हैं, और उनका कर्ज उन्हें भारी पड़ता है। यदि आप अपने वित्तीय संघर्षों को समाप्त करना चाहते हैं, तो आपको अपने खर्चों को कम करने और बजट बनाने की आदत बनाने की आवश्यकता है। यहां आपके मासिक शुद्ध वेतन के लिए बजट के कुछ तरीकों के बारे में बताया गया है। 


  • आवास पर 25 प्रतिशत से अधिक खर्च न करें, भले ही घर आपका ख़ुद का हो या किराए पर रह रहे हों।

  • भोजन पर 15 प्रतिशत से अधिक खर्च न करें।

  • मनोरंजन को सीमित करें- मधुशाला या शराबख़ाना, फिल्में, ख़ेल - कूद या जो कुछ भी आप मनोरंजन के लिए करते हों , उस पर आपके खर्च का 10 प्रतिशत से अधिक ख़र्च नहीं होना चाहिए। छुट्टियां मनाने या पिकनीक आदि पर आपके वार्षिक शुद्ध वेतन के 5 प्रतिशत से अधिक ख़र्च नहीं होना चाहिए।

  • मोटर कार के ऋण पर 5 प्रतिशत से अधिक खर्च न करें, और न ही कभी कार को भाड़े पर लेने की कोशिश करें। चौरानबे प्रतिशत अमीर लोग लीज या भाड़े पर गाड़ी लेने के बजाय खरीदते हैं। ये लोग अपनी कारों को तब तक रखते हैं जब तक कि वह एकदम से ख़राब न हो जाय। वे बहुत सावधानी बरतते हैं ताकि लंबे समय में पैसे बचा सकें।

  • क्रेडिट कार्ड ऋण का भुगतान समय पर करते रहें। क्रेडिट कार्ड ऋण के बकाये का अंबार न जमा होने दें। यदि आप ऐसा कर रहे हैं, तो यह एक स्पष्ट संकेत है कि आपको कहीं न कहीं कटौती करने की आवश्यकता है।

  • बचत और निवेश को दो पूरी तरह से अलग चीजें हैं। आपको अपनी बचत पर हमेशा ध्यान देना चाहिए। कभी भी बचत के पैसों को ख़र्च नहीं करना चाहिए। यदि आप अपनी नौकरी खो देते हैं या आपके  व्यवसाय में घाटा हो जाता है, तो ऐसे आपातकालीन परिस्थिति के लिए आपके निधि में छह महीने के जीवन-यापन के खर्च के लिए आवश्यक रक़म बचत करने की कोशिश करें।

  • सेवानिवृत्ति योजना के लिए जितना हो सके उतना अंशदान का निवेश करें। यदि आप एक ऐसी कंपनी में काम करते हैं, जो एक निश्चित प्रतिशत तक आपके अंशदान के बराबर सेवानिवृत्ति योजना में निवेश करती हो तो या बहुत ही अच्छी बात है। आप इस सुविधा का लाभ उठायें और जितना हो सके हमेशा उस नि: शुल्क धन का लाभ लेने का प्रयास करें।

2. जुआ मत खेलो।

वित्तीय संघर्ष करने वाले 77 प्रतिशत लोग हर हप्ते लॉटरी खेलते हैं। वे भाग्य के भरोसे निर्भर रहते हैं। लेकिन शायद ही कोई ऐसा धनवान हो जो इस तरह से जुआ खेलता हो। धनवान लोग अपने धन के लिए इस तरह के बेतरतीब सौभाग्य पर भरोसा नहीं करते हैं। वे अपना सौभाग्य खुद बनाते हैं। यदि आप जोखिम जानने के बाद भी दांव लगाना चाहते हों, जुआ खेलना या लॉटरी खेलना चाहते हों तो अपने मनोरंजन बजट में से धन का उपयोग करें।

3. हर दिन कुछ पढ़ें।

ऐसी चीजों के बारे में पढ़ना चाहिए जो आपके व्यवसाय या कैरियर के बारे में आपके ज्ञान को बढ़ाये, जिससे आप सहयोगियों, कर्मचारियों और ग्राहकों की नज़रों में अधिक मूल्यवान बनेंगे। अमीर लोगों में, 88 प्रतिशत हर दिन 30 मिनट या उससे अधिक पढ़ते हैं। वे अपने पढ़ने के समय का अच्छा उपयोग करते हैं। अपनी दिनचर्या में पढ़ने को महत्वपूर्ण स्थान देते हैं। 

  • 63 प्रतिशत लोग अपने आवागमन के दौरान ऑडियोबुक सुनते हैं।
  • 79 प्रतिशत लोग शैक्षणिक, ज्ञानवर्धक और कैरियर से संबंधित सामग्री पढ़ते हैं।
  • 55 प्रतिशत लोग अपने व्यक्तिगत विकास के लिए पढ़ाई करते हैं।
  • 58 प्रतिशत लोग सफल लोगों की आत्मकथाएँ पढ़ते हैं।
  • 94 प्रतिशत लोग वर्तमान की घटनाओं को पढ़ते हैं।
  • 51 प्रतिशत लोग इतिहास के बारे में पढ़ते हैं।
  • 11 प्रतिशत - हां मात्र 11 प्रतिशत लोग ही विशुद्ध रूप से मनोरंजन प्रयोजनों के लिए पढाई करते हैं।

सफल लोगों के पढ़ने का कारण खुद को बेहतर बनाना होता है। यह उन्हें प्रतियोगिता से अलग करता है।अपने ज्ञान में वृद्धि करके, वे अधिक अवसरों को देखने में सक्षम हो पाते हैं, जिसकी वजह से अधिक धन कमा पाने में समर्थ होते हैं। तुलनात्मक रूप से देखें तो, संघर्ष करने वाले 50 लोगों में से केवल एक व्यक्ति ही इस दैनिक स्व-सुधार पठन - पाठन में संलग्न होते हैं। यही कारण है कि गरीब लोग पेशेवर रूप से विकसित नहीं हो पाते हैं और अमीरी की दौड़ से बहार हो जाते हैं। हमेशा तंगहाली में जीने के लिए मजबूर होते हैं। 


4. टीवी और इंटरनेट पर व्यर्थ में समय न बितायें।

आप अपने मूल्यवान समय का कितना हिस्सा टीवी या इंटरनेट पर गवां देते हैं ?  दो तिहाई अमीर लोग एक दिन में एक घंटे से भी कम टीवी देखते हैं और लगभग 63 प्रतिशत लोग एक दिन में एक घंटे से भी कम समय इंटरनेट पर खर्च करते हैं जब तक कि यह उनके नौकरी या व्यवसाय से संबंधित न हो।


इसके बजाय, ये सफल लोग अपने खाली समय का उपयोग, अपने व्यक्तिगत विकास करने में, संपर्को और रिश्तों को बनाने, बढ़ाने और मजबूत करने में, स्वयंसेवी गतिविधियों में, साइड जॉब या साइड बिज़नेस करने में करते हैं, या कुछ ऐसे लक्ष्यों को हासिल करने का प्रयास करते हैं जिससे समाज में सम्मान प्राप्त हो सके। लेकिन आर्थिक रूप से संघर्ष कर रहे लोगों में से लगभग 77 प्रतिशत लोग टीवी देखते हुए प्रतिदिन एक घंटा या उससे अधिक समय बिताते हैं, और 74 प्रतिशत से अधिक लोग एक दिन में एक घंटा या उससे अधिक समय इंटरनेट पर व्यर्थ में व्यतीत करते हैं। 

5. अपनी भावनाएं नियंत्रित करें।

आपके मन में आये हर विचार को आपके मुंह से बाहर आने देने की जरूरत नहीं है। हर भावना को व्यक्त करने की आवश्यकता नहीं है। जब आप आपके दिमाग में जो कुछ भी है, उसे कहते हैं तो आप उससे दूसरों की भावना को चोट पहुंचाने का जोखिम उठाते हैं। आर्थिक रूप से संघर्ष करने वाले  69 प्रतिशत लोगों की, कहीं भी, कभी भी कुछ भी बोलने की आदत होती है। इसके विपरीत, 94 प्रतिशत अमीर लोग अपनी भावनाओं को नियंत्रित करते हैं। वे इस बात का ध्यान रखते हैं और समझते हैं कि उनकी कौन सी बात उनके व्यक्तिगत, व्यवसायिक और घरेलू रिश्तों और संबंधो को नष्ट कर सकता है। वे समझते हैं कि भावनाओं को नियंत्रित करने से उन्हें व्यक्तिगत, व्यवसायिक और घरेलू रिश्तों और संबंधो को मजबूत बनाने में सहायता मिल सकती है। जब तक आपका मन शांत नहीं होता है और आप स्थिति को निष्पक्ष रूप से देखने में समर्थ नहीं होते हैं या परिस्थिति का विश्लेषण निष्पक्ष रुप से नहीं कर पाते हैं तब तक आपको अपने मन में चलने वाली बात कहने के लिए, अपनी भावना को व्यक्त करने के लिए इंतजार करना चाहिए, प्रतीक्षा करना चाहिए ।


डर सबसे महत्वपूर्ण नकारात्मक भावना है जिसे नियंत्रित करने की जरुरत है। कोई भी बदलाव, यहां तक ​​कि सकारात्मक बदलाव भी जैसे शादी या पदोन्नति, भय की भावनाओं को प्रेरित कर सकते हैं, बढ़ा सकते हैं। धनवान लोगों ने इन विचारों को दूर करने के लिए अपने दिमाग को अनुकूलित किया है, जबकि जो लोग आर्थिक रूप से संघर्ष करते हैं, वे डर को अपने मन में बिठा लेते हैं और वे डर के मारे अपने आपको आगे बढ़ने से रोकते हैं।  


चाहे आप बदलाव से डरते हों, गलतियाँ करने से, जोखिम उठाने से  या आपके मन में असफलता का डर हो, इन भावनाओं पर विजय पाना थोड़े समय के लिए मुश्क़िल काम हो सकता है, जब तक कि आप अपने अंदर आत्मविश्वास का निर्माण नहीं कर लेते हैं। आत्मविश्वास, आश्चर्यजनक रुप से इन भावनाओं पर विजय पाने में मदद करता है।

6. नियमित रूप से लोगों से संपर्क बढ़ाने और स्वयंसेवक के रुप में कार्य करने के लिए समय निकालें ।

यदि आप लोगों से मेल -जोल बढ़ाने और अपने समुदाय से जो कुछ पाया है, उसे समुदाय को वापस देने में समय बिताते हैं, तो आप लोगों के साथ मूल्यवान संबंध बना पायेंगे, समाज में सम्मान पायेंगे। जो आपके व्यवसाय या सेवा में वृद्धि के लिए मददगार हो सकता है। लगभग तीन-चौथाई धनाढ्य लोग संबंधो को बनाने, बढ़ाने और मजबूत करने में तथा स्वयं सेवक के रुप में काम करने में महीने में कम से कम पाँच घंटे या उससे अधिक समय बीताते हैं। जबकि आर्थिक रूप से संघर्ष करने वालों में, 10 में से केवल एक ही ऐसा करता है।

आपको अपनी कमाई का एक हिस्सा समाजसेवा करने वाली संस्थाओं के लिए रखना चाहिए। अधिकतर गैर-लाभकारी संस्थाओं के बोर्ड और समितियां अमीर, सफल लोगों से बनती हैं। इन लोगों के साथ व्यक्तिगत संबंधों को विकसित करने से अक्सर भविष्य के व्यापारिक संबंधों में  परिवर्तित हो सकते हैं और लाभ मिल सकता है।


7. अपने कार्य और व्यवसाय की जिम्मेदारी से अधिक करने की कोशिश करें।

असफल लोगों में "यह मेरा काम नहीं है, या यह मेरी ज़िम्मेदारी नहीं है" वाली मानसिकता होती है। इसके फलस्वरूप,उन्हें कभी भी अधिक जिम्मेदारी नहीं दी जाती है, और उनकी मजदूरी साल-दर-साल बहुत कम होती जाती है, भले ही वे अपने काम को करना जारी रखते हैं। दूसरी ओर, धनी व्यक्ति अपने नियोक्ता या ग्राहकों के लिए खुद को अमूल्य बनाते हैं, अपने उद्योग से संबंधित लेख लिखते हैं, उद्योग की घटनाओं और उसके विस्तार के तरीकों के बारे में बोलते हैं। सफल लोग अपने नियोक्ताओं या उनके व्यवसायों के पारस्परिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं।


8. लक्ष्य निर्धारित करें, इच्छाएं नहीं।

आप अपनी किसी इच्छा के परिणाम को नियंत्रित नहीं कर सकते, लेकिन आप अपने एक लक्ष्य के परिणाम को नियंत्रित कर सकते हैं।


हर साल, 70 प्रतिशत अमीर कम से कम एक प्रमुख लक्ष्य को पाने के लिए प्रयास करते हैं। जबकि आर्थिक रुप से संघर्ष करने वालों में से मात्र 3 प्रतिशत लोग ही ऐसा करते हैं।


9. टालमटोल करने से बचें।

सफल लोग यह समझते हैं कि शिथिलता गुणवत्ता को प्रभावित करती है; नियोक्ता, ग्राहकों या साथ में जुड़े सदस्यों को असंतुष्ट बनाता है; और अन्य गैर-व्यावसायिक रिश्तों को भी नुकसान पहुंचाता है। यहां पांच रणनीतियां दी गई हैं जो आपको शिथिलता से बचने में मदद करेंगी -

1 - दैनिक रूप से किये जाने वाले कार्यों की(टू-डू) सूची बनाएं, जो आपके दैनिक लक्ष्य हैं। आप हर दिन अपने "टू-डू" सूची का 70 प्रतिशत या उससे अधिक कार्य पूरा करने की कोशिश करें।

2 - "हर दिन पांच" के नियम का पालन करें। ये गतिविधियाँ उन महत्वपूर्ण चीज़ों का प्रतिनिधित्व करती हैं जो आपको किसी बड़े उद्देश्य या लक्ष्य को साकार करने में मदद करेंगी।

3 - कृत्रिम समय सीमा तय करें और उसे लोगों के साथ साझा करें । भले ही आप उसे  जल्दी खत्म कर लें। इसमें कोई बुराई नहीं है।

4 - जवाबदेही भागीदार बनायें। ये वे लोग होते हैं जिनके साथ आप एक बड़े लक्ष्य को पाने के लिए कोशिश करते हैं। हर हफ्ते कम से कम एक बार उनके साथ संवाद स्थापित करें, और यह सुनिश्चित करें कि वे आपको आगे बढ़ने में मदद करें, आपको प्रोत्साहित करें।

5 - "इसे अभी करो" कहें और उसके लिए प्रतिबद्ध रहें। यह एक स्व - छिद्रान्वेषी, ख़ुद का अवगुण ढूंढ़नेवाली तकनीक है। जब तक आप किसी कार्य या परियोजना को शुरू नहीं करते हैं, तब तक बार - बार "इसे अभी करो" जैसे शब्दों को दोहराएं।


10. बातें कम करें और सुनें अधिक।

5 और 1 का अनुपात सही है। अर्थात आपको अपने जीवन में एक मिनट बोलने और पांच मिनट दूसरों की बात सुनने के नियम का पालन करना चाहिए। धनवान लोग अच्छे संचारक अर्थात अपनी बात को प्रभावी ढंग से रखने वाले होते हैं, क्योंकि वे अच्छे श्रोता होते हैं। वे समझते हैं कि, केवल दूसरे लोगों द्वारा कही गयी बातों को सुनकर ही सीख सकते हैं और अपने आप को शिक्षित कर सकते हैं। जितना ही अधिक आप अपने रिश्तों के बारे में सीखते हैं, उतना ही आप उनकी मदद कर सकते हैं।

11. विषाक्त लोगों से बचें।

हम जिनके साथ अपना सबसे अधिक समय बिताते हैं केवल उतने ही सफल हो सकते हैं। धनवान और सफल लोगों में से, 86 प्रतिशत लोग अन्य सफल लोगों के साथ जुड़े होते हैं। लेकिन आर्थिक रूप से संघर्ष करने वाले 96 प्रतिशत लोग अपने जैसे आर्थिक रूप से संघर्ष करने वाले लोगों के साथ ही चिपके रहते हैं। 


यदि आप अपने वित्तीय संघर्षों को समाप्त करना चाहते हैं, तो आपको अपने प्रत्येक रिश्ते का मूल्यांकन करने और यह निर्धारित करने की आवश्यकता है कि क्या वे आपको समृद्ध बनाने में समर्थ हैं, आपको अमीर बना सकते हैं या आपको वित्तीय संघर्षों से बाहर निकालने में मदद कर सकते हैं, या आपको एक गरीब और वित्तीय संघर्षों में ही जकड़े रहने के लिए बाध्य करता है। आप अपना अधिक से अधिक समय सफल और धनवान लोगों के साथ बिताना शुरू करें और अपने जैसे गरीब और वित्तीय संघर्षों वाले लोगों के साथ कम से कम संबंध रखें। अमीर और सफ़ल लोगों के साथ रिश्ते आपको एक बेहतर अवसर को खोजने में मदद कर सकते हैं, आपके लिए नए व्यवसाय का सुझाव दे सकते हैं या नये अवसर के द्वार खोल सकते हैं।

12. कभी भी हार मत मानो

जो लोग जीवन में सफल होते हैं उनमें तीन चीजें समान होती हैं: फोकस, दृढ़ता और धैर्य। वे बस अपने बड़े लक्ष्यों का पीछा कभी भी नहीं छोड़ते हैं जब तक उसे हासिल न कर लें। जबकि जो लोग आर्थिक रूप से संघर्ष करते हैं वे थोड़ी सी भी अड़चन, परेशानी आने पर अपने लक्ष्यों को छोड़ देते हैं और नया कुछ करने लगते हैं।

13. आपके रास्ते में रुकावट पैदा करने वाले आत्म-सीमित विश्वासों को अपने से अलग रखें।

यदि आप आर्थिक रूप से परेशान हैं, तो शायद आपने अपने जीवन में जरुर कभी न कभी खुद को इनमें से कुछ असत्य के बारे में बताया हो, मानते हों, जैसे - ''गरीब लोग कभी भी अमीर नहीं बन सकते'' , ''अमीर लोगों की किस्मत अच्छी होती है और गरीब लोगों की किस्मत खराब होती है'' , ''मैं स्मार्ट नहीं हूँ'' , ''मैं कुछ भी ठीक ढंग से नहीं कर सकता'' या ''मैं अपनी हर कोशिश में हमेशा नाकाम ही रहा हूं।''  


इन आत्म-सीमित विश्वासों में से प्रत्येक आपके व्यवहार को नकारात्मक तरीके से बदल देता है। पाँच में से लगभग चार धनी लोग जीवन में अपनी सफलता का श्रेय अपनी मान्यताओं को देते हैं। नेपोलियन हिल, डेल कार्नेगी और जिम रॉन जैसे व्यक्तिगत विकास के महान लोगों की किताबें पढ़ें और उनसे सबक लेकर अपनी नकारात्मक मान्यताओं को सकारात्मकता में बदलें।



14. एक संरक्षक(मेंटर) खोजें।

93 प्रतिशत अमीर लोगों के पास जरुर कोई न कोई एक शिक्षक, संरक्षक (मेंटर) था, जिसे उन्होंने अपनी सफलता के लिए जिम्मेदार ठहराया।  शिक्षक, संरक्षक (मेंटर्स) नियमित रूप से और सक्रिय रूप से आपकी उन्नति में भाग लेते हैं जो आपको सिखाते हैं कि क्या करना है और क्या नहीं करना है। इस तरह के शिक्षक  संरक्षक (मेंटर)को खोजना अमीर बनने का सबसे अच्छा और कम से कम तकलीफदेह रास्ता है।


यदि आप अपने लक्ष्यों को जानते हैं, तो किसी ऐसे व्यक्ति को खोजें जो उन्हें पहले ही हासिल कर चुका हो। आप इस बात से हैरान होंगे कि कितने ही लोग आपकी मदद करने के लिए तत्पर रहते हैं, आपके साथ सहयोग करने के लिए तैयार रहते हैं और आपको मदद करना चाहते हैं।

15. अपनी शब्दावली से "बुरी किस्मत" को हटा दें।

जीवन में आर्थिक रूप से संघर्ष करने वालों के पास खुद के लिए ''बुरी किस्मत'' बनाने का एक तरीका है, वह है उनकी आदतें। उनकी आदतों का प्रतिफल है कि वे जीवन भर आर्थिक रुप से संघर्ष करते हैं। जैसे किसी पहाड़ी पर बर्फ के टुकड़े बार - बार गिरकर बड़ी - बड़ी चट्टानों का रुप पकड़ लेती हैं और जब अपरिहार्य रुप से हिमस्खलन होता है तो विषम परिस्थितियां पैदा हो जाती हैं।  ठीक उसी तरह से ग़रीबी की आदतें भी बार - बार  दोहराने से विचारों में संकीर्णता रुपी चट्टानें बन जाती हैं। जो हमारे विकास को अवरुद्ध करती हैं। जिसके परिणामस्वरूप नौकरी के छूटने, असफ़ल शादी, चिकित्सा संबंधी समस्या, दिवालियापन और टूटे हुए व्यापारिक संबंध जैसी समस्याएं पैदा हो जाती हैं।    


इसके विपरीत, सफल लोग अपने स्वयं के अनूठे प्रकार का सौभाग्य बनाते हैं। उनकी सकारात्मक आदतें पदोन्नति, बोनस, नए व्यवसाय और अच्छे स्वास्थ्य जैसे अवसरों को जन्म देती हैं।

16. अपने मुख्य उद्देश्य को जानें।

यह अमीर बनाने वाली अंतिम आदत है, लेकिन यह सबसे महत्वपूर्ण आदत है। वे लोग जो जीवन में एक सपने या किसी एक मुख्य उद्देश्य को पाने के लिए प्रयत्न करते हैं, वे ही हमारे बीच सबसे अमीर और सबसे खुशहाल व्यक्ति हैं। क्योंकि वे जीवित रहने के लिए जो कुछ भी करते हैं उससे बहुत प्यार करते हैं, वे अपने उद्देश्य को पाने के लिए हर दिन अधिक समय तक कार्य करने के लिए समर्पित रहते हैं और खुश रहते हैं।


यदि आप अपनी नौकरी में पर्याप्त आय अर्जित नहीं कर पा रहे हैं, तो इसका मतलब है कि आप कुछ ऐसा कर रहे हैं जो आपको विशेष रूप से पसंद नहीं है। लेकिन वहीं जब आप पर्याप्त आय अर्जित कर रहे हों और उसको करने में आपको आनंद मिल रहा हो, मजा आ रहा हो, तो आपको अपना मुख्य उद्देश्य मिल जाता है। यही है आपका मुख्य उद्देश्य जिसे करने में आपको संतुष्टि मिले, आनंद आये, थकावट व बोरीयत महसूस न हो।    


मानो या न मानो, इस उद्देश्य को खोजना आसान है। यहाँ एक  प्रक्रिया दी गई है, जिससे आप अपने मुख्य उद्देश्य को आसानी से पा सकते हैं :-


1. आपको जिन कामों को करने से खुशी मिलती हो उन सभी कार्यों को याद करें और उनकी एक सूची बनाएं। 

2 - अपनी बनायीं गयी सूची में से उन वस्तुओं को हाइलाइट करें, चिन्हित करें, जिसे पूरा करने के लिए आपको एक कौशल की जरुरत हो, उस कौशल की पहचान करें।

3 - आपके द्वारा चिन्हित किये गए वस्तुओं को रैंक करें। उन्हें 1 से 10 तक क्रमांक दें जिससे आपको सबसे अधिक आनंद मिलता हो, ख़ुशी मिलती हो उसे 10 अंक दें।

4 - अब जितने भी कार्यों को आपने हाइलाइट किया है, चिन्हित किया है उन वस्तुओं को उनकी आय क्षमता के संदर्भ में क्रमांक दें। सभी आकर्षक और लाभदायक कौशल  को 10 अंक दें।

5 - उच्चतम स्कोर वाले दो वस्तुएं ही आपके जीवन के संभावित मुख्य उद्देश्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। 


जैसा कि आप देख सकते हैं, अमीर और गरीब के बीच के अंतर करना सरल है। कभी-कभी सहज हैं, लेकिन महत्वहीन नहीं हैं। यदि आपने इन 16 आदतों को पूरा करने का लक्ष्य रखा, और उसे अपनाया तो इस बात की पूरी गारंटी है कि आप सफलता के चरम  पर पहुंचेंगे, उपलब्धियां हासिल करेंगे।



शुक्रवार, 24 जुलाई 2020

व्यस्त लोगों को खुद की देखभाल करने के लिए 13 टिप्स।




जब आप व्यस्त होते हैं, और किसी कारण से परिस्थितियां आपके प्रतिकूल हो जाती हैं, और आप व्याकुल होते हैं तो आप अपने आप को आसानी से दोषी मान लेते हैं। हालाँकि, ऐसा कोई नियम नहीं है जो कहता है कि आपको दुनिया भर का भार अपने कंधों पर उठाना चाहिए - वास्तव में, इन क्षणों में, ऐसी परिस्थितियों में अपने आपको एक कदम पीछे ले जाना, अपने ऊपर दया करना और अपना ख़ुद का ध्यान रखना विशेष रुप से महत्वपूर्ण होता है।


यहाँ पर व्यस्त लोगों के लिए, अपनी ख़ुद की देखभाल करने के लिए कुछ अच्छे सुझाव अनुशंसित किये गए हैं :-


1. अपनी ख़ुद की देखभाल के लिए अपनी सुबह की दिनचर्या स्थापित करें।


मैं अपने आप को अभिभूत या व्याकुल होने की अनुमति कभी भी नहीं देता और न तो किसी एक दिन आत्म-देखभाल करने की कोशिश करता हूं बल्कि इसके विपरीत, मैंने हर सुबह अपने आपको स्वस्थ और ख़ुशहाल रखने के लिए नियमित रुप से ध्यान, व्यायाम करना और पौष्टिक आहार लेना शुरू किया। प्रत्येक सुबह नियमित रुप से अपने लिए समय निकालने और अपने ऊपर ध्यान देने के कारण, मैं तनावमुक्त हो जाता हूं और खुद को ऊर्जावान महसूस करता हूं। काम करने के लिए हमेशा तैयार रहता हूं। यदि आप भी स्वस्थ ख़ुशहाल और ऊर्जावान रहना चाहते हैं तो आपको भी अपनी ख़ुद की दिनचर्या बनानी चाहिए।



2. अपने आप को पुरस्कृत करें।


अपने आप को समय-समय पर अपनी छोटी से छोटी उपलब्धियों के लिए एक व्यक्तिगत पुरस्कार से सम्मानित करें, खासकर तब जब आप एक कठिन परियोजना पर बहुत अच्छा काम करते हैं या किसी न किसी कठिन परिश्रम या तरकीब के माध्यम से अपने व्यवसाय को ऊचाईओं पर पहुंचाते हैं या व्यवसाय में सफलता प्राप्त करते हैं। इससे आपके बजट पर कोई विशेष फर्क नहीं पड़ने वाला है, बल्कि आप पुरस्कार पाकर एक नई ख़ुशी पाते हैं और उत्साह के साथ अगले परियोजना पर कार्य करने के लिए तैयार हो जाते हैं।



3.अवकाश लेने की योजना बनायें। 



मैं हप्ते में ६ दिन काम करता हूँ तो १ दिन विश्राम करता हूँ। मैं अपने साप्ताहिक दिनचर्या में एक दिन ऐसा रखता हूँ जिस दिन कोई भी काम नहीं करता हूं , बस आराम करता हूं। इससे मेरी जिंदगी में बड़ा फर्क पड़ा है। हमें कार्य के बीच में आवश्यकतानुसार अवकाश लेकर आराम करने से काम के तनाव से छुटकारा मिलता है और हम अधिक ऊर्जा के साथ काम करने के लिए तैयार हो जाते हैं। इसलिए काम कीजिये लेकिन साथ ही आराम भी ताकि आपके जीवन मे सकारात्मक सक्रियता बनी रहे।


4.आसान कार्यों को पहले करें।


व्यस्त व उच्च-तनाव वाले व्यक्तियों के लिए सबसे बड़ी समस्याओं में से एक समस्या यह है कि वे शुरू कहां से करें यही नहीं समझ पाते हैं। ऐसे लोगों के लिए हमारी सलाह है कि उन्हें सबसे पहले अपने कार्य सूची में से सबसे आसान कार्यों को पूरा करना चाहिए। इससे आपको ख़ुशी मिलती है,और आत्मविश्वास भी बढ़ता है तथा उत्पादकता भी बढ़ती है।

5. सकारात्मक भाषा का उपयोग और आत्म-चर्चा करें।


अपनी जिंदगी में मैंने एक सबसे महत्वपूर्ण सबक जो सीखा है, वह यह है कि सकारात्मक तरीके से खुद से और दूसरों से कैसे बात किया जाए। ध्यान दीजिये महत्वपूर्ण शब्द ''मैं हूं'' या ''तुम हो'' से उपयोग होने वाले नकारात्मक शब्दों से दुरी बनाएं। जैसे किसी भी चीज को समझ न पाने की अवस्था में अपने आप से कभी भी यह न कहें कि, ''मैं बेवकूफ हूं'' या दूसरों को कि, '' तुम बेवकूफ हो '' , बल्कि इसके बजाय हम इसे ऐसे कह सकते हैं कि, इसे मैं सीखूंगा या इसे तुम सीख सकते हो, हम ऐसा भी कह सकते हैं कि इसे सीखने के लिए मैं दूसरों से मदद लूंगा । भाषा बदलने से मन में आत्मविश्वास बढ़ता है। किसी भी नकारात्मक भाषा का प्रयोग करने से बचें। आपको लग सकता है कि आप बेवकूफ हैं, आपको कुछ नहीं समझता, लेकिन जबकि आप बेवकूफ नहीं हैं।


6 . परिवार और दोस्तों के लिए समय निकालें।



कई बार हम अधिक काम का भार होने की वजह से घर पर भी हमेशा बस काम ही करते रहते हैं और दिन ढलने के बाद हम इतना थक जाते हैं, काम के दबाव के कारण हम इतना टूट जाते हैं कि हम परिवार के सदस्यों और दोस्तों की तरफ ध्यान नहीं दे पाते हैं। उन्हें समय नहीं दे पाते हैं जिसकी वजह से रिश्तों में दूरी बढ़ती है तथा बेवजह का तनाव बढ़ता है। इसलिए परिवार और दोस्तों के लिए अपने व्यस्त समय में से थोड़ा समय निकालना महत्वपूर्ण होता है। कभी कभी परिवार व दोस्तों के साथ रात के खाने के लिए बाहर जाएं या कभी घर पर ही रात के खाने के लिए कुछ मेहमानों, दोस्तों को आमंत्रित करें। इससे आपसी सौहार्द बढ़ता है, प्रेम बढ़ता है, भरोसा बढ़ता है। आपको परिवार और दोस्तों से बिना शर्त समर्थन मिल जाता है, जिसकी आपको अपने मूड को अच्छा बनाने में आवश्यकता होती है।


7 . कुछ रचनात्मक कार्य करें।



जब आप काम करते हुए थकावट या बोरियत महसूस करने लगें , तो कुछ समय के लिए काम को छोड़कर कुछ रचनात्मक कार्य करने के लिए समय निकालें। चाहे वह पेंटिंग हो, रचनात्मक लेखन हो या आनंद के लिए कुछ डिजाइन बनाना हो, कुछ भी मनपसंद रचनात्मक कार्य करने से आपको थोड़ा आराम मिलता है और इससे नए विचारों को प्रेरित करने की क्षमता बढ़ती है। नया दृष्टिकोण और नई ऊर्जा मिलती है। जिससे हम नए उत्साह के साथ काम करने में सक्षम हो जाते हैं।


8 . जितना संभव हो अपने काम को स्वचालित (ऑटोमेटिक) करें।



हमारे जीवन को आसान बनाने में मदद करने के लिए हर दिन बहुत सारे नए उपकरण और तकनीक की खोज हो रही है। जिसकी वजह से हमारे व्यापार और घर के कामों को करने में आसानी होती है और हमारे समय तथा मेहनत में बचत होती है। जैसे हमारे घरों व कार्यालयों की सफाई के लिए रोबोट का उपयोग करना। ये आपके सहायक के रूप में कार्य करके आपके समय व मेहनत को बचाते हैं जिसका उपयोग करके आप अपनी व्यापारिक बैठकों (मीटिंगों) की संख्या को बढ़ा सकते हैं। उन तरीकों की तलाश करें, जिससे आपके अधिकतर कार्य स्वचालित रूप से हो सकें, जो आपको आराम पहुंचा सकें और आपका अधिक से अधिक समय बचा सकें। जिससे कि आप अपना अधिक ख्याल रख सकें।


9 . यथार्थवादी लक्ष्य निर्धारित करें और अपने आप को गतिशील करें ।



ध्यान रखें, आप एक साथ सब कुछ नहीं कर सकते। इसलिए हमेशा यथार्थवादी लक्ष्य निर्धारित करें और अपने आप को उन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करें और आगे बढ़ें, तत्पर रहें। अन्यथा, आपको उच्च-गुणवत्ता वाले परिणाम प्राप्त करना मुश्किल हो सकता है और आप थक हार कर बैठ जाते हैं । असफल हो जाते हैं। बड़ी तस्वीर देखने की बजाय छोटे छोटे कदम उठाने के बारे में थोड़ा समय देकर सोचना चाहिए। जिसे हासिल कर लेने से आप का उत्साह बना रहता है और नयी ऊर्जा और उत्साह के साथ आपको ताजगी का एहसास होता है और आप अधिक कार्यक्षम बनते हैं।


10 . भरपूर नींद लें।



मुझे हर रात कम से कम सात घंटे सोना पसंद है। मैं सुबह 5 बजे उठना पसंद करता हूं। जब तक 7 घंटे की नींद पूरी न हो, तब तक मैं अलार्म सेट नहीं करता। यह मुझे एक इष्टतम समय में जगाता है, बजाय इसके कि जब मैं गहरी नींद में हूं। नियमित रूप से, मैं व्यायाम करने के लिए समय निकालता हूं, रोजाना कुछ समय सूरज की रोशनी में बिताने की कोशिश करता हूं, स्वस्थ और पौष्टिक भोजन करता हूं और सप्ताह में कम से कम एक बार अपने शरीर के तापमान को 101 डिग्री तक ले जाने का प्रयास करता हूं।




11 . आज हुई तीन सबसे अच्छी चीजों पर चिंतन करें।





शाम में, आमतौर पर सोने से पहले, मैं उस दिन हुई तीन सबसे अच्छी चीजों को लिखता हूं। यह मुझे प्रशंसा और कृतज्ञता की स्थिति में पहुंचाता है। फिर मैं खुद से पूछता हूं कि मैं कैसे दिन को और बेहतर बना सकता था। मैं अगले दिन के लिए अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए इन 15 मिनटों का उपयोग करता हूं। इससे मेरी रात की नींद की गुणवत्ता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। मैं अपनी सुबह की दिनचर्या से प्यार करता हूं, लेकिन यह मेरी शाम की दिनचर्या है जहां मैं दिन भर की घटनाओं को प्रतिबिंबित कर सकता हूं।




12 . थेरेपिस्ट की मदद लें


अक्सर दौड़ भाग भरी जिंदगी और तनावपूर्ण कार्य की प्रकृति के कारण मैं अपने आप पर ध्यान नहीं दे पाता हूं। जो चीजें मुझे जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित करती हैं उन्हें समय न दे पाने के साथ मैंने समझौता कर लिया है। उत्पादकता आती जाती रहती है। इसलिए बुरे दिनों के लिए हमें अपना ध्यान रखने के लिए थोड़ा समय देना चाहिए। थेरेपी एक ऐसी चीज है जो हमें बहुत मदद करती है। इसलिए मेरी सलाह है कि हमें अपनी देखभाल के लिए समय समय पर थेरेपिस्ट की मदद लेनी चाहिए।


13 . दूसरों से ना और आत्म-देखभाल के लिए हाँ कहें।


ना कहना सीखना वास्तव में एक कठिन कार्य है।  हम में से कई लोग जब कोई हमारे समय या ऊर्जा के लिए पूछता है तो हम ''ना'' कहने के लिए अपने आपको असहाय महसूस करते हैं। हालाँकि, यदि आप पहले से ही तनावग्रस्त हैं या अधिक काम कर रहे हैं, तो प्रियजनों या सहकर्मियों को हाँ कहने से आप अपने आपको संकट में डाल देते हैं।  इससे आपके अंदर तनाव, चिंता और चिड़चिड़ापन पैदा हो सकता है। थोड़ा अभ्यास करने से ऐसा हो सकता है कि, आप लोगों को ''ना'' कह सकें। एक बार जब आप विनम्रता से नहीं कहना सीख लेते हैं, तो आप अधिक आत्मविश्वास महसूस करना शुरू कर देंगे, और आपके पास अपनी आत्म-देखभाल के लिए अधिक समय होगा। 


गुरुवार, 23 जुलाई 2020

फेसबुक ने फोटो ट्रांसफर टूल पेश किया है: यहां जानिए इसे कैसे इस्तेमाल करना है ?

 फेसबुक ने अपने फोटो ट्रांसफर टूल को विश्व स्तर पर उतारा है। नया टूल फेसबुक उपयोगकर्ताओं को सीधे Google फ़ोटो पर फ़ोटो और वीडियो स्थानांतरित करने की अनुमति देता है। फेसबुक से सीधे Google में फोटो को शिफ्ट करने की प्रक्रिया काफी सरल है। फेसबुक ने शुरुआत में इस फीचर को अमेरिका और कनाडा में पेश किया था। कंपनी ने पिछले साल दिसंबर में डेटा ट्रांसफर प्रोजेक्ट की घोषणा की। फेसबुक यूजर्स इस नए टूल को डेस्कटॉप और मोबाइल एप पर इस्तेमाल कर सकेंगे।


इसे कैसे उपयोग करे:


फेसबुक यूजर्स को फोटो ट्रांसफर टूल का इस्तेमाल करने के लिए सेटिंग में बदलाव करना होगा। यूजर्स को सेटिंग सेक्शन में जाकर अपनी फेसबुक की जानकारी सर्च करनी होगी। आप अपनी तस्वीरों या वीडियो की एक प्रति का स्थानांतरण देखेंगे। इसे सेलेक्ट करने के बाद फेसबुक आपसे वेरिफिकेशन के लिए फेसबुक अकाउंट का पासवर्ड मांगेगा। सत्यापन के बाद, उपयोगकर्ता ड्रॉपडाउन मेनू से तस्वीरें खींच सकेंगे। स्थानांतरण पुष्टि प्राप्त करने के बाद उपयोगकर्ताओं को Google फोटो पासवर्ड प्रक्रिया को पूरा करना होगा। स्थानांतरण पूर्ण होने के बाद उपयोगकर्ताओं को एक सूचना मिलेगी। यह अधिसूचना फेसबुक के साथ-साथ ई-मेल के माध्यम से भी होगी।


बता दें कि फेसबुक ने गूगल फोटोज के साथ साझेदारी की है। कंपनी जल्द ही कई नए साझेदारों को इस योजना से जोड़ेगी। वास्तव में, कंपनी को डेटा ट्रांसफर प्रोजेक्ट के तहत उपयोगकर्ताओं को ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म प्रदान करने के इरादे से लॉन्च किया गया था, ताकि उपयोगकर्ता ऑनलाइन सेवा प्रदाताओं के बीच अपना डेटा स्थानांतरित कर सकें। यह परियोजना ओपन-सोर्स लाइब्रेरी प्रदान करती है। बता दें कि फेसबुक ने हाल ही में एक नया फीचर लाने की घोषणा की है जो यूजर्स को बल्क में अपनी पुरानी पोस्ट डिलीट करने का विकल्प देगा। मतलब यूजर्स को अब एक पोस्ट डिलीट करने का झंझट नहीं रहेगा।

कंपनी ने घोषणा की कि वह जल्द से जल्द मैनेज एक्टिविटी फीचर को अपडेट करेगी। इसकी मदद से यूजर्स उन पुरानी तस्वीरों को डिलीट कर सकेंगे जो कभी बड़ी संख्या में पोस्ट की गई हैं। लेकिन, आज के समय में इन पदों का कोई मतलब नहीं है। लेकिन साल दर साल फेसबुक लगातार पुरानी पोस्टों की याद दिलाता रहता है। अब इस मुसीबत से जल्द छुटकारा मिल सकता है।

बुधवार, 22 जुलाई 2020

ज़िन्दगी से सीखे गये प्रेरणादायक विचार जिन्होंने बदली मेरी लाइफ



दोस्तों, मैंने ज़िन्दगी के साठ साल में बहुत सारे उतार -चढ़ाव देखें हैं, और उनसे बहुत कुछ सीखा भी है। आज मैं इस लेख के द्वारा अपने उन्हीं सब अनुभवों को साझा करने जा रहा हूं। मेरा यह छोटा सा प्रयास अगर आपकी जिंदगी में कुछ बदलाव ला सके और आपको सफलता दिला सके तो मैं अपने आपको धन्य समझूंगा।


  1. मेरा ऐसा मानना है कि अगर आप किसी के साथ अच्छा व्यवहार करते हैं तो आपको हमेशा उसका परिणाम अच्छा ही मिलेगा।
  2. किसी की मदद करने से मन को जो ख़ुशी और शांति मिलती है वह अनमोल होती है।
  3. आपके पास हमेशा दो विकल्प होता है, पहला परिणाम की परवाह न करते हुए प्रयास करना और दूसरा बिना प्रयास के हार मानकर बैठ जाना।
  4. यदि आपके अंदर किसी काम को करने का जूनून है तो उसे जरुर करिये, क्योंकि यह कुछ नहीं करने से बेहतर होता है।
  5. जब भी आप अपने को दुखी महसूस करते हैं तो इस बात का ध्यान रखिये कि आपके पास कितना कुछ है, जो दूसरों के पास नहीं है।
  6. जब तक आप नहीं सीखना चाहोगे, तब तक आपको कोई भी कितना भी ज्ञानी क्यों न हो आपको कुछ नहीं सीखा सकता।
  7. इस दुनिया में झूठे और सच्चे दोनों ही तरह के लोग हैं, इसलिए किसी पर भी विश्वास करने से पहले उसे अपने विवेक से परखिये फिर विश्वास कीजिये।
  8. सफलता का एक ही मंत्र है, किसी काम की शुरुवात करके उसे बीच में न छोड़ें, बल्कि तब तक निरंतर लगे रहें जब तक वह पूरा न हो जाय।
  9. इस दुनिया में कोई काम अगर कोई भी एक व्यक्ति कर सकता है तो वह काम आप भी आसानी से कर सकते हैं।
  10. आप अपनी तुलना किसी और से न करें, क्योंकि आपके अंदर कुछ नायाब गुण हैं जो औरों में नहीं है।
  11. दुनियां में कुछ भी नामुमकिन नहीं है, अगर आप उसको हासिल करने की ठान लेते हैं तो उसे हासिल कर लेते हैं।
  12. वे लोग अपनी जिंदगी में कुछ नहीं कर पाते हैं, जो हमेशा कुछ न कुछ बहाने बनाते रहते हैं।
  13. हार और जीत जिंदगी का एक हिस्सा है, अगर आप हारने के बाद तुरंत उठकर पुनः काम पर नहीं लगते हैं, तो फिर आप कभी भी जीत हासिल नहीं कर पायेंगे।
  14. दूसरों को दिखाने के लिए नहीं बल्कि अपने आपको कुछ बनाने के लिए किसी काम को शुरू करोगे तो आप उसमें सफलता हासिल कर सकते हैं।
  15. प्रतियोगिता किसी दूसरे के साथ नहीं बल्कि ख़ुद के साथ करें।
  16. किसी भी चीज को हासिल करना इन्सान के लिए बिल्कुल मुश्किल नहीं है, अगर वह अपनी चाहत को अपनी जरुरत बना ले, तो उसको वह हासिल कर सकता है जो वह चाहता है।
  17. किसी भी रिश्ते को लम्बे समय तक निभाने के लिए यह जरुरी है कि आप ऐसा समझिये कि यह रिश्ता जैसे आज से ही शुरू हुआ है।
  18. अपनी जिंदगी का एक लक्ष्य बनाओ और फिर उसे पाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दो।
  19. जब हम ख़ुशी बाहर तलाशते हैं तब हमें वह चीज न मिलने पर दुःख होता है।
  20. अगर आप जिंदगी में खुशहाल रहना चाहते हैं, तो दूसरों से उम्मीद रखना छोड़ दें। क्योंकि जब दूसरा व्यक्ति आप की उम्मीद पर खरा नहीं उतरता है तो आप दुःखी होते हैं।
  21. जब हम दूसरों से दुःखी होते है तो हम अपने आपको कमजोर बना लेते हैं।
  22. किसी भी व्यक्ति को अपनी गलती नहीं दिखती है, वह यह नहीं देखता की वह क्या कर रहा है, जिस दिन व्यक्ति अपनी गलती को समझ जाय तो उसकी जिन्दगी में सब कुछ चमत्कारिक रूप से बदल जाएगा।
  23. जिन्दगी में असफलता मिलना स्वाभाविक है, असफलता ही हमें सफलता पाने का सबक सिखाती है।
  24. असफलता और सफलता में बस एक ही अंतर होता है और वह है फोकस का।
  25. फोकस और कड़ी मेहनत से हम सब कुछ हासिल कर सकते हैं।
  26. संगत का हमारी जिंदगी पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता है। हम जिस तरह के लोगों के साथ रहते हैं वैसे ही बन जाते हैं, इसलिए हमेशा सकारात्मक सोच वाले, खुशहाल और अच्छे लोगों के साथ रहें।
  27. सच्चा दोस्त वह नहीं है जो आपके हर सही - गलत में आपका साथ दे, बल्कि अगर आप गलत रास्ते पर जा रहे हों तो जो आपको रोके वही सच्चा दोस्त होता है।
  28. आपके हर सही - गलत में आपका साथ देने वाला आपका दोस्त नहीं, बल्कि आपकी खुशामद करके आपसे फायदा उठाने वाला चापलूस होता है।
  29. रिश्तों को लम्बे समय तक बखूबी निभाने के लिए जरुरी है कि, आप रिश्तों से कुछ पाने की उम्मीद कभी भी न पालें।
  30. माता – पिता के अलावा कोई और आपको निःस्वार्थ समर्थन या प्यार नहीं दे सकता।
  31. अगर आपके अंदर किसी काम को करने की दृढ इच्छा शक्ति और लगन हो तो आप उस काम को सफलता पूर्वक कर पाएंगे।
  32. जब किसी काम को करने के लिए आप अंदर से उत्साहित होते हैं तो उस काम को करने में आपको आनंद आता है और आप उसे सफलतापूर्वक पूरा कर पाते हैं।
  33. जिंदगी के किसी भी एक क्षेत्र में अगर आप असफल हो जाते हैं तो इसका यह कतई मतलब नहीं है कि आपकी पूरी जिंदगी नाकारा है, असफल है, बल्कि आप अपनी जिंदगी के उस एक हिस्से में असफल हैं उसमें आपको अधिक मेहनत करने की, ध्यान देने की जरुरत है।
  34. हमारे लिए शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों ही पैसा और शोहरत से ज्यादा जरुरी है।सकारात्मक बुक पढना या मोटिवेशनल वीडियो देखना हमें काफी मदद करता है, इससे हमारी सोच विकसित होती है।
  35. मैं जब भी अपने कैरियर को लेकर चिंतित होता हूं तो मैं सोचता हूं कि, मेरे पास कम से कम इतनी आमदनी तो है कि मैं अपने परिवार का भरण - पोषण कर सकता हूं।
  36. जब भी हम काम को महत्व देना छोड़कर पैसों के पीछे भागने लगते हैं, तब हम हतोत्साहित हो जाते हैं।
  37. अगर हम किसी एक चीज पर अपना पूरा फोकस रखते हैं तो उसमें हम बहुत महारत हासिल कर लेते हैं।
  38. किताबी ज्ञान और सुनी सुनाई बातों के अलावा हमें प्रत्यक्ष रूप से प्रयोग करके अनुभव से ज्ञान लेना चाहिए।
  39. आप कहीं और से सीखें या न सीखें, लेकिन अपनी ज़िन्दगी से हमेशा सीखते रहें।
  40. बहुत ज्यादा या बहुत कम बोलने वाले दोनों ही तरह के लोगों को लोग बहुत पसंद नहीं करते हैं, इसलिए जितना जरुरी हो उतना ही बोलें। गलतियां करने से डरें नहीं, हां एक ही गलती को बार - बार न दुहराएँ। गलतियों से सीखें।