शनिवार, 22 अगस्त 2020

मैं कौन हूँ ? यह जानना क्यों ज़रूरी है

 


यदि आप  खुद को अच्छी तरह जानते हैं और यह भी जानते हैं कि आप किन उसूलों पर चलते हैं, तो कोई भी गलत काम के लिए कितना भी उकसाए लेकिन आप हमेशा अपने उसूलों और चरित्र के अनुसार सही फैसले ले पाएँगे।


आप अपना फ़ैसला ख़ुद कर पायेंगे - 


ज़रा सोचिए आप किसी पार्टी में गए हैं और वहां पर आपका कोई पुराना बचपन का दोस्त मिले ,और वह आपसे शराब पीने का आग्रह करे जो आपको पसंद न हो तो आप असमंजस की स्थिति में होगें। यह देखकर आपका दोस्त बोले अरे इतना क्या सोच रहे हो, "कुछ नहीं होता अब तुम बड़े हो गये हो।” आप मना तो करना चाहते हैं , लेकिन दोस्त को भी नाराज़ नहीं करना चाहते क्योंकि वह आपका पुराना व अच्छा दोस्त है। आप नहीं चाहते कि आपका दोस्त आपको पुराने ख़्याल वाला दकियानूस और उबाऊ समझे। आप मानते हैं कि आपका दोस्त अच्छा इंसान है और अगर वह पी रहा  है तो इसका मतलब पीने में कोई बुराई नहीं है। ऐसे हालात में सही फैसला लेने के लिए ज़रूरी है कि आपको पता हो कि आप कैसे इंसान हैं यानी आपकी पहचान क्या है। यह एक ऐसा एहसास है जो आपको बताता है कि आप कौन हैं और किन उसूलों पर चलते हैं। अगर आप खुद को अच्छी तरह पहचानते हैं तो आप अपने फैसले खुद ले पाएँगे और दूसरों के हाथ की कठपुतली नहीं बनेंगे।


आप के अंदर आत्म-विश्वास कैसे पैदा होगा  - 


 जब आप अपने बारे में पूरी तरह से जानते होंगे तो आपके अंदर आत्मविश्वास पैदा होगा। आपको अपने बारे में जानने और अपने आप को पहचानने में नीचे दिए सवाल आपकी मदद करेंगे।


1 - आपकी खूबियाँ क्या हैं?



अपनी काबिलीयत और खूबियाँ पहचानने से आपका आत्म-विश्वास बढ़ेगा।
खुद की जाँच कीजिए और अपनी किसी एक काबिलीयत या हुनर को लिखिए कि आपमें कौन-सा एक अच्छा गुण है। जैसे, क्या आप दूसरों की परवाह करते हैं ?, क्या आप दूसरों को मदद करने के लिए तैयार रहते हैं?, क्या आप दरियादिल हैं ?, क्या आप भरोसेमंद हैं ?, क्या आप वक्‍त के पाबंद हैं ? या इसी तरह की कोई अन्य ख़ूबी जो आपके अंदर हो उसके बारे में लिखिए । 


2 - आपकी कमज़ोरियाँ क्या हैं?



अपनी खूबियों की तरह आपको अपनी कमियां या कमजोरियों के बारे में भी जानना चाहिए, क्योंकि आपकी कमजोरी ही ज़ंजीर की वह कड़ी है जिससे आपके टूटने या आपके आत्मविश्वास के डिगने की ज़्यादा संभावना होती है। जब आपकी कमजोरियों पर आप हावी होते हैं तो आप का आत्मविश्वास बना रहता है और आप सही निर्णय लेने में सक्षम हो पाते है।  उसी तरह, जब आपकी कमज़ोरियाँ आप पर हावी हो जाती हैं तो आपको बिगड़ते देर नहीं लगती।

खुद की जाँच कीजिए: ऐसी कौन-सी कमज़ोरियाँ हैं जिन पर आप काबू पाना चाहते हैं?



3 - आपके लक्ष्य क्या हैं?



लक्ष्य न रखने की वजह से आप भटकते रहेंगे। मगर लक्ष्य रखने से आपको पता होगा कि आपको क्या करना है और कैसे करना है। अगर आप लक्ष्य निर्धारित नहीं करते हैं तो आप यहां -वहां की बेक़ार दौड़ लगाते रहेंगे और यह सोचते रहेंगे कि आपकी क़िस्मत जहां ले जाएगी वहां जाएंगे, और जीवन में निराशा पैदा होगी। इसके बजाय आपने लक्ष्य रखे और फिर उनके मुताबिक ज़िंदगी जी तो आप सफ़ल और ख़ुशहाल होंगे।

अब आप खुद की जाँच कीजिए और ऐसे पांच लक्ष्य लिखिए जिन्हें आप अगले एक साल में पूरा करना चाहते हैं।



4 - आप किन बातों पर विश्वास करते हैं?


अगर आपके अपने उसूल और सिद्धांत होंगे और आप उन्हीं के मुताबिक काम करते हैं तो आपकी अपनी एक अलग पहचान होगी, फिर चाहे कोई कुछ भी कहे आप अपने उसूलों पर डटकर खड़े रहेंगे और उसके अनुसार ही काम करेंगे। अगर आप अपने उसूलों पर बने रहें, तो आप उस पेड़ की तरह होंगे जिसकी जड़ें मज़बूत होती हैं और भारी तूफान में भी तनकर अपनी जग़ह पर खड़ा रहता है

अगर आपको 
अपने उसूल और सिद्धांत नहीं पता होंगे तो आपको यही नहीं पता चलेगा कि किसी भी चीज के बारे में आपकी क्या राय है तो आप फैसले कैसे ले पाएँगे? कोई भी आपको जो कुछ भी बोलेगा आप उसको ही मान लेंगे। इसका मतलब होगा कि आपकी अपनी कोई पहचान नहीं होगी।

खुद की जाँच कीजिए: आप क्या मानते हैं? क्या आप मानते हैं कि ईश्वर है और उसने ही दुनियां बनाई है? ईश्वर की  मर्जी के बिना कुछ भी नहीं हो सकता ? अगर इन प्रश्नों के उत्तर हाँ है, तो क्यों? किन सबूतों की वजह से आपको यकीन है कि वाकई ईश्वर है? अगर इन प्रश्नों के उत्तर नहीं है, तो क्यों? किन सबूतों की वजह से आपको यकीन है कि वाकई ईश्वर नहीं है?

क्या आपको यकीन है कि नैतिक उसूलों पर चलने से आपका भला होगा? अगर हाँ, तो क्यों?

तो खुद से पूछिए कि आप किसकी तरह बनना चाहते हैं—एक पत्ते की तरह जो हवा के झोंके के साथ यहाँ-वहाँ उड़ता फिरता है और अंत में बिना किसी उपयोगिता के अपनी जिंदगी को समाप्त कर लेता है। या फिर उस पेड़ की तरह जो ज़बरदस्त तूफान में भी खड़ा रहता है? अपनी पहचान बनाए रखता है।  जब आप पेड़ के जैसे होंगे तभी आप इस सवाल का जवाब दे पाएँगे, कि "मैं कौन हूँ"?


अब आपकी बारी है आप तय करिये कि आप कौन हैं और कमेंट बॉक्स में लिखिए।