रविवार, 16 अगस्त 2020

अगर आपने इन 8 नियमों का पालन किया तो सफलता आपके कदम चूमेगी ।

 इस लेख के द्वारा हम सफ़लता पाने के कुछ प्रभावशाली तरीके के बारे में बताने का प्रयास करेंगे l इन सुझावों को अपनाने से कामयाबी पाने के लिए की जाने वाली आपकी मेहनत का असर दुगुना हो जाएगा और आप आसानी सफ़लता को हासिल कर पायेंगे l


वैसे तो सफलता पाने का कोई निश्चित फॉर्मूला नहीं है। सब आपकी मेहनत और सोच पर निर्भर करता है। इंसान सफल तभी होता है, जब वह  इसके लिए खुद को तत्पर रखता है, अपने अंदर जूनून रखता है।इन्सान सदैव अपने कर्मों से ही सफल या असफल होता है | हम अक्सर कई ऐसे महापुरुषों के बारे में सुनते हैं जिन्होंने एक गरीब परिवार में जन्म लेने के बावजूद जीवन में ऐसा कारनामा कर दिखाया जिसके लिए उन्हें दुनियां में सदा के लिये याद रखा  जाता है। सकारात्मक सोच और सही रणनीति की कमी के चलते कई बार कड़ी मेहनत के बावजूद इंसान सफलता नहीं पाता है। और कई बार ऐसा भी होता है कि थोड़ी सी कोशिश में भी बड़ी सफलता हासिल हो जाती है। किसी कार्य में लगने वाला समय महत्व नहीं रखता, बल्कि परिणाम ज्यादा महत्व रखता है ।


1. सफल होने के लिये जरुरी है अपने जुनून को पहचानना -



सफलता पाने के लिये सबसे पहले ज़रूरी है कि आप यह जानें कि आप जो कुछ भी कर रहे हैं, वह क्यों कर रहे हैं क्या हासिल करना चाहते हैंअगर आपको यह समझने में मुश्किल हो रही हो तो इसका सही उपाय होगा अपने जुनून, अपनी चाहत, और अपने मूल्यों को पहचानना किसी चीज़ को ज़बरदस्ती "करना" बंद कर दें। "जुनून" प्रामाणिकता से आता है, जब आप ऐसा महसूस करते हों कि किसी और को संतुष्ट करने के बजाय अपने फैसलों से आप अपने आप को सम्मानित कर रहे हैं । यह बेहद निजी है, और कोई व्यक्ति आपको यह नहीं बता सकता कि आपको क्या "प्रामाणिक" महसूस होता है; केवल आप ही यह तय कर सकते हैं कि आपके लिये क्या प्रामाणिक है। अपने लिए कुछ समय लें और खुद से पूछें कि आपको क्या चीज़ें सही लगती हैं, और क्या सही नहीं लगती हैं । अपने जुनून को पहचानने के लिये अपने आप से पूछिए कि, मैं ज्यादातर समय क्या करता हूं? जिससे मुझे ख़ुशी मिलती है , मेरा लक्ष्य क्या है?, मुझे क्या आकर्षित करता है?, मुझे क्या करना पसंद है? इससे आपको आपके जीवन को एक अर्थ देने में मदद होगी। जैसे कि अगर आपको लिखना पसंद हो तो आप उसी रूचि को अपना गोल बनाते हुए उस पर मेहनत करें|

2. समय की कद्र करना सीखें



समय कभी किसी का इंतज़ार नहीं करता
। अगर हम आज समय की कद्र करेंगे तो ही समय कल हमारी कद्र करेगा। अमीर - गरीब, जवान, बच्चे बूढे, सफल,असफल ,राजा ,रंक सबके लिये समय एक ही जैसा है। कुदरत ने हम सबके लिये हर दिन के केवल २४ घंटे ही दिये हैं न किसी के लिये ज्यादा न किसी के लिये कम। यह हमारे उपर निर्भर करता है कि हम उसका सदुपयोग करते हैं या दुरुपयोग  समय का सही उपयोग करके ,समय को व्यर्थ न गवांकर ही हम अपने जीवन को सफल सार्थक बना सकते हैं। हमारी आज की मेहनत ही हमारा कल का भविष्य तय करती है। समय की कीमत समझ कर, समय का सही उपयोग करके आप हमेशा स्वस्थ खुशहाल और सफल हो सकते हैं। एक बार समय निकल जाने पर दुबारा लौट कर वापस नहीं आता । इसलिये सोच समझ कर समय का सही उपयोग करना चाहिये। मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता खुद है। अगर वह समय का सदुपयोग करता है तो निश्चित ही विकास के मार्ग पर आगे की ओर अग्रसर रहता है। समय को व्यर्थ बर्बाद करना आत्महत्या करने जैसा है। अगर हमें अपने जीवन में कुछ खास मुकाम हासील करना हो, बुलंदियों को छूना हो तो हमें समय को पहचानना सीखना होगा। उदाहरण के लिए, एक विद्यार्थी के लिए ज़रूरी है कि वह अपना खाली समय टीवी पर व्यर्थ के प्रोग्राम देखने की बजाय उस समय को उन विषयों की तैयारी करने में उपयोग करे जिनमे वह कमज़ोर है। इससे वह आसानी से मनचाहा परिणाम पा सकता है। 

3. आज का काम कल पर ना टालें 
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ज्यादातर लोगों की आदत काम को टालने की होती है। कितने ही कार्य ऐसे होते हैं जिन्हें तुरंत ही किया जाना चाहिए। सफलता से आपको मीलों दूर रखने वाली सबसे बड़ी बीमारी है आलस्य, जिसके चलते आप हर काम को टालते रहते हैं  

अंग्रेजी के प्रसिध्द कवि शेक्सपियर ने ठीक ही कहा है-''आज का अवसर घूमकर खो दो, कल भी वही बात होगी और फिर अधिक सुस्ती आएगी।''

काम टालने की प्रवृत्ति से बहुत से नुकसान होते हैं। इससे हमारी कार्य-कुशलता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। जैसे-जैसे हम काम टालते जाते हैं, वैसे-वैसे उनकी संख्या बढ़ती जाती है। परिणाम यह होता है कि एक दिन आपके पास काम का ढेर जमा हो जाता है और जब हमारी नजर उन काम की ओर जाती है, तो मन में खीझ पैदा होती है। हम उसकी ओर से अपनी नजरें हटा लेते हैं और हमारे सारे कार्य अपूर्ण ही बने रहते हैं।इसीलिए जितना हो सके अपना काम तुरंत करने की आदत डालें और कल के भरोसे न बैठें कामों को टालते रहने से समय का बहुत नुकसान होता है। हम आज सोचते हैं, कल करेंगे, कल सोचेंगे, अगले दिन करेंगे। प्रतिदिन के इस सोचने में जो समय लगता है, यदि उसका लेखा-जोखा रखा जाए तो हम पाएंगे कि कितने ही अमूल्य घंटे हमने इसमें नष्ट कर दिये हैं। हमें अपनी इस दुष्प्रवृत्ति पर नियंत्रण रखना चाहिये। निश्चय कर लें कि प्रत्येक कार्य निश्चित समय पर करेंगे। हो सकता है ऐसा करने में प्रारंभ में थोड़ी अड़चन जरूर हो परंतु एक दिन आप पाएंगे कि आप सफलता की ऊंची सीढ़ियों पर चढ़ते जा रहे हैं। दिन भर के कार्यों को पूरा करने की एक अच्छी विधि यह है कि जो भी कार्य करने हो, उनकी सूची प्रात: काल ही बना ली जाए। सांझ ढलते-ढलते सभी कार्यों को विधिवत् पूरा कर लिया जाए और रात्रि में निश्चिंत होकर निद्रा की गोद में सोया जाए। कुछ व्यक्ति ऐसे होते हैं जो सदैव असामान्य अवसरों को खोजते रहते हैं, छोटे-छोटे अवसर उन्हें महत्वहीन लगते हैं, परंतु वास्तव में न कोई अवसर छोटा होता है, न ही बड़ा। हम अपनी बुध्दि और कार्य-कुशलता के द्वारा ही उन्हें छोटा या बड़ा बना देते हैं।

श्रेष्ठ व्यक्ति अवसर को अपने अधीन रखते हैं, न कि स्वयं उसके अधीनस्थ रहते हैं। कर्मठ व्यक्ति के सम्मुख अवसर सदैव उपस्थित रहता है और अकर्मण्य, आलसी के लिए लाखों बहुमूल्य अवसर भी निरर्थक हैं। जिसे झट से मुंह में रख लिया जाए। उसे तो सजग मन से, खुली आंखों से देखना ही पड़ता है और अपने उद्देश्य के अनुरूप बनाना पड़ता है। अवसर रूपी बीज के सदुपयोग से ही सफलता रूपी वृक्ष विकसित, पल्लवित होता है।


4. रिस्क लेने से ना डरें

चलते रहने की जिद हमें किसी न किसी मंजिल तक जरूर पहुंचायेगीमुश्किलों के आने पर हार मत मानिए। न चाहते हुए भी कई बार ऐसी परिस्थितियां पैदा हो जाती हैं कि हम किंकर्तव्यविमूढ हो जाते हैं हम जो करना चाहते हैं वह नहीं कर पाते। किंतु ऐसी परिस्थितियों को बहाना बनाकर कभी भी अपनी जिम्मेदारीयो से भागे नहीं । अपने आसपास कुछ लोगों को आपने देखा होगा, जो इतने जुझारु होते हैं की लोग उन्हें सनकी या जिद्दी भी कहते हैं। इसकी वजह यह होती है कि उन्हें जो चाहिए, उसे वह हासिल करके ही दम लेते हैं। ऐसे ही लोगों में दुनिया को बदलने का साहस होता है। इस दुनिया में कुछ भी पाना है तो आपको थोडी जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी, खतरे उठाने पडेंगे। डर को भगाना पडेगा एक मशहूर फ़िल्मी डायलाग है , “जो डर गया वो मर गया।” दरअसल यह डायलाग निजी ज़िन्दगी में भी कारगर है। अगर आप डर कर किसी काम को नहीं करेंगे तो असफलता निश्चित है। रिस्क लेकरं खतरे उठाकर कोई काम करने सफलता या असफलता दोनों मिलने कि संभावना रहती, लेकिन कुछ ना करणे की अवस्था में तो असफलता निश्चित ही है  इंसान बदलाव से डरता है। लेकिन वह यह भूल जाता है कि बिना बदलाव के उन्नती संभव ही नहीं है। परिवर्तन प्रकृति का नियम है और इसे अनदेखा करते हुए आगे बढ़ना असंभव है। हमेशा अपने पुराने अनुभव के आधार पर निर्णय लेना अच्छी बात नहीं है। जीवन में रिस्क ना लेने वाला व्यक्ति मरे हुए व्यक्ति के समान होता है। इसलिए सफलता पाने के लिए रिस्क उठाना  शुरु कर दें।

५. रुकावटों का डटकर करें सामना



सफलता की चोटी तक पहुँचने के लिए आपको मिलने वाला हर एक मौका एक चुनौती की तरह होता है
 ज़िंदगी में जो लोग इस बात को समझते हुए इन चुनौतियों का डटकर सामना करते हैं उनके सफल होने की संभावनाएं दूसरों के मुकाबले कई गुना अधिक होती है। दरअसल चुनौती आपकी दशा व दिशा तय करते हैं हर एक काम में कोई न कोई कठिनाई जरूर आती है, हमको उस कठिनाई से भागने की बजाय  उसका डटकर मुकाबला करना चाहिये उससे निपटने का रास्ता ढूढ़ना चाहिए। जो लोग चुनौती का सामना करने से घबराते हैं, वे कभी भी सफलता नहीं पा सकते हैं। इसलिए ज़िंदगी में सफल होने के लिए हर चुनौती का डटकर सामना करते हुए आगे बढ़ना चाहिए।

६. सही सोच से मिलती है सफलता 


किसी ने सच कहा है कि हम जो सोचते हैं वही हमारे जीवन में घटित होता है। हमारी सोच से ही हमारा भाग्य और भविष्य बनता है। अगर हम सकारात्मक सोचेंगे तो हमारे जीवन में सब कुछ सही होगा। हमारी सोच ही हमारे कल का निर्धारण करती है। जानकारों का मानना है कि जिसके बारे में हम ज्यादा सोचेंगे वही घटना हमारे आस-पास घटती है। हम जैसा सोचते हैं वैसा हमारे जीवन में होता है क्योंकि हमारी सोच की तरंगें उसे अपनी ओर गाहे- बगाहे आकर्षित करती हैं और फिर वैसा ही होता जाता है।

सफलता प्रकृति का जन्मजात सिध्दांत है। सभी मनुष्य अपनी कामयाबी और नाकामयाबी के लिए स्वयं जिम्मेदार होते हैं। ध्यान देने वाली बात है कि, सभी लोग सफल होना चाहते हैं और भगवान ने भी सभी को किसी न किसी खास मक़सद से दुनिया में भेजा है। सभी मनुष्य अद्वितीय हैं। कोई किसी का विकल्प नहीं है। सभी में कुछ न कुछ खास जरूर है या यूं कहें कि सभी में कुछ अनोखी क्षमता जरूर होती है। कोई भी महान पैदा नहीं होता है। सभी की सोच और कर्म ही उसे महान बनाती है। यह भी जरूरी नहीं है कि महान बनने के लिए धनवान के घर ही पैदा हुआ जाए। उदाहरण के तौर पर हम देख सकते हैं कि करीब 80 प्रतिशत महान पुरुष किसी आम परिवार में ही पैदा हुए। जैसे महात्मा गांधी, अब्राहम लिंकम, अब्दुल कलाम , आइंसटाइन, थॉमस एडिशन, बिल गेट्स, धीरूभाई अंबानी, इन सभी का जन्म बेहद ही साधारण परिवार में हुआ था लेकिन अपनी मेहनत और लगन के बल पर वे आज देश में ही नहीं बल्कि विदेश में भी अपना परचम फहरा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि कोई भी जन्म से बड़ा या छोटा नहीं होता है। सभी अपने कर्म और सोच से बड़े और महान बनते हैं। यदि आप अपने जीवन में कुछ खास करना चाहते हैं तो निसंदेह आप के जीवन में कुछ परेशानियां और चुनौतियां आएंगी। बस जरूरत है तो उसका निर्भयता से मुकाबला करने की। जिसके अंदर आत्मबल और आत्मविश्वास होता है उसे भगवान भी नहीं हरा पाते हैं। 

अगर पूरी ताकत और लगन के साथ कोई भी कठिन से कठिन कार्य किया जाए तो उसमें सफलता जरूर मिलती है। काम जितना बड़ा होगा, मुश्किलें भी उतनी ही बड़ी होंगी। किसी ने सच कहा है आसान काम तो सभी कर लेते हैं कठिन करके दिखाओ तो मानें। मुश्किल और मेहनत के बाद मिलने वाली सफलता का आनंद भी कई गुना यादा होता है।

७. उच्च शिक्षा से आसानी से करें मुकाम हासिल



शिक्षा से आपके ज्ञान, कुशलता और व्यक्तिगत उन्नति को बढ़ावा मिलता है। जितनी उच्च शिक्षा या उच्च पदवी आपके पास होंगी उतने ही सफलता के मौके आपके सामने आएंगे। शिक्षा जीवन के किसी भी स्तर पर हासिल की जा सकती है। इसके लिए उम्र की कोई समय सीमा नहीं होती। आदमी उमर के किसी भी पडाव पर शिक्षित हो सकता है
। आप जिस क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हों उसी से संबंधित महारत हासिल करें जिससे आप  सफलता पा सकें। 


८.  टाइम टेबल को बनाएं जीवन का अटूट हिस्सा 




जबतक आप किसी भी काम को योजना बन कर नहीं करेंगे तब तक आपको उस काम में सफलता मिलने का चांस बहुत ही कम होगा| टाइम टेबल सिर्फ़ विद्यार्थी जीवन के लिए ही महत्त्वपूरण नहीं है बल्कि उसके बाद भी आपको आपकी मंजिल की और निरंतर बढ़ने के लिए भी ज़रूरी है| टाईमटेबल आपको हर काम समय पे और सही तारीके से करने का निर्देश देता है| यह आपको समय का उचित प्रबंधन करने मेंअपकी सहायता करता है ताकि कोई भी काम सही ढंग से करने के लिए आपके पास काफी समय रहे| अपना टाइम टेबल कुछ ऐसे बनाएं कि जो भी कार्य आपको एक दिन में करने हैं, उनकी एक सूची बना लें और जैसे-जैसे वह काम खत्म होते जाएंगे, वैसे-वैसे उनके सामने राइट का चिन्ह लगाते रहें। ऐसा करने से आप सिस्टेमेटिक और प्रोत्साहित बने रहेंगे।

बेशक सफ़लता का कोई शार्ट कट नहीं होता लेकिन बिना सही रणनीति के की गई मेहनत भी आपको जीवन में मनचाहा सफलता नहीं दिला सकती l इस लिए ऊपर दिए गए टिप्स को अपनाकर आप कामयाबी की ओर बढ़ने के लिए की जाने वाली अपनी कोशिशों को पंख लगा सकते हैं और सफ़लता की ऊँचाइयों को छू सकते हैंl