शुक्रवार, 23 अप्रैल 2021

कुछ लोग जरूरत से ज्यादा मोटे और कुछ लोग जरूरत से ज्यादा पतले क्यों होते हैं ?/Why are some people excessively obese and some people excessively thin?

आपने अक्सर देखा होगा कि कुछ लोग जरूरत से ज्यादा मोटे और कुछ लोग जरूरत से ज्यादा पतले या कमजोर होते हैं। आज कल बहुत सारे बच्चे छोटी उम्र में ही मोटापे का शिकार हो जाते हैं और कई बीमारियों से ग्रसित हो जाते हैं। जबकि वहीं पर कुछ बच्चे काफी कमजोर या पतले होने की वजह से बीमारियों से ग्रसित होते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है ? ऐसा नहीं है कि इस तरह के लोग या बच्चे खाते-पीते नहीं है या उन्हें खाने की वस्तुएं नहीं मिलती हैं। 

वास्तव में इस तरह के मोटापे या बीमारियों  का सबसे बड़ा कारण होता है, उन्हें संतुलित आहार नहीं मिलना। मतलब वे लोग जो कुछ भी खाते हैं उसमें शरीर के लिए आवश्यक प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, विटामिन और खनिज-लवण जैसे पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा उपलब्ध नहीं होते हैं। संतुलित आहार नहीं लेने से न केवल शारीरिक और मानसिक विकास बाधित होता है बल्कि व्यक्ति की उत्पादकता भी काफी कम हो जाती है। अच्छी सेहत पाने के लिए संतुलित आहार का सेवन बेहद जरूरी होता है। अगर आप चाहते हैं कि आप जरुरत से ज्यादा मोटे या जरुरत से ज्यादा पतले न हों तो आपको संतुलित आहार लेने की जरुरत है।  संतुलित आहार लेने से आपका शारीरिक और मानसिक सेहत अच्छी रहती है और बीमारी होने की संभावना भी कम रहती है। संतुलित आहार लेने से वजन संतुलित होता है साथ ही लंबी उम्र भी मिलती है।      


आइए जानें क्‍या है संतुलित आहार और उसका हमारे जीवन में महत्‍व।

हमारे शरीर को पूरी तरह स्‍वस्‍थ रहने के लिए तमाम पोषक पदार्थों की जरूरत होती है। ये पोषक पदार्थ अलग-अलग तरह के भोजन से हमें मिलते हैं, जैसे - ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज, फलियां, सूखे मेवे, डेयरी उत्‍पाद और मीट वगैरह से। संतुलित आहार वह आहार है जिसमें शरीर के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्व जैसे प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, विटामिन, खनिज-लवण और पानी उचित मात्रा में पाया जाता हो। इसके इस्तेमाल से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। संतुलित आहार के लिए जरूरी है कि अपने खाने में सभी खाद्य समूहों जैसे अनाज, दालें, सब्जियां, फल, घी, दूध, दही, अंडा, मांस, मछली का पर्याप्त मात्रा में समावेश किया जाय। मौसम के अनुसार उपलब्ध फलों और सब्जियों को पर्याप्त मात्रा में अपने खाने में शामिल किया जाए।


आदर्श संतुलित आहार में आमतौर पर 50 से 60 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट, 20 से 25 प्रतिशत प्रोटीन और 25 से 30 प्रतिशत वसा शामिल होना चाहिए। एक बात पर हमेशा ध्यान देना चाहिए कि अत्यधिक मात्रा में भोजन करना बिलकुल जरूरी नहीं है। अधिक भोजन हमेशा गंभीर बीमारियों और मोटापे का कारण होता है।

दरअसल हर व्यक्ति को उसकी शारीरिक आवश्यकताओं, आयु, लिंग के आधार पर संतुलित आहार की जरूरत होती है। जैसे ज्यादा शारीरिक कार्य करने वाले व्यक्ति को भोजन में ज्यादा मात्रा में कार्बोहाइड्रेट लेना चाहिए। बच्चों की शारीरिक वृद्धि के लिए प्रोटीन की आवश्यकता अधिक होती है। इसलिए बच्चों के भोजन में प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों की अधिक मात्रा होनी चाहिए। इसी तरह स्त्रियों के लिए लौह तत्व और कैल्शियम की जरूरत अधिक होती है। इसलिए स्त्रियों के भोजन में लौह तत्वों और कैल्सियम तथा विटमिन से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल किया जाना चाहिए। शरीर की जरूरत और उम्र के हिसाब से संतुलित आहार लेना चाहिए। 

एक संतुलित आहार में ये सब चीजें होनी चाहिए:

प्रोटीन : प्रोटीन हमारे शरीर में होने वाली टूट-फूट की मरम्‍मत और शरीर के विकास के लिए आवश्यक होता है। मांसपेशियों से लेकर हमारी कोशिकायें भी प्रोटीन पर निर्भर करती हैं। प्रोटीन की कमी से गठिया, हार्ट डि‍जीज, गंजापन जैसी तमाम बीमारियां होने की संभावना बढ़ जाती है। हमें प्रोटीन मांस, मछली, अंडों, सी फूड, दूध, दही, दालों, सूखे मेवों से मिलता है।


विटामिन और मिनरल: ताजे फलों और सब्जियों से हमें जरूरी विटामिन और मिनरल या खनिज पदार्थ मिलते हैं। ये हमारे रक्तचाप को नियंत्रित रखते हैं, विटामिन की कमी से होने वाले ढेरों रोगों को रोकते हैं और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं।

कैल्शियम: कैल्शियम हमारे शरीर की हड्डियों और दांतों के विकास और उनके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए जरूरी है। इसके अलावा यह हमारी मांसपेशियों को मजबूत करता है। यह दूध और दूसरे डेयरी उत्‍पादों में अधिकता से पाया जाता है।

कार्बोहाइड्रेट: शरीर को कार्बोहाइड्रेट से ऊर्जा मिलती है। हमें अपनी हर डाइट में इन्‍हें शमिल करना चाहिए। हमें ऐसे कार्बोहाइड्रेट खाने चाहिए जो धीरे-धीरे शुगर में टूटें। इनमें साबुत अनाज, ब्राउन राइस, दालें, फलियां शामिल हैं। इनमें एंटी ऑक्सिडेंट भी भरपूर मात्रा में होते हैं इसलिए ये कैंसर जैसे रोगों से भी हमारी रक्षा करते हैं।

शुगर और फैट: चीनी और फैट पूरी तरह से सेहत के लिए खराब नहीं होते, इनकी अधिकता खराब होती है। एक संतुलित आहार में इनकी भी भूमिका है। बहुत सारे विटमिन ऐसे हैं (ए,डी,ई और के) जो फैट के जरिए ही शरीर में अवशोषित होते हैं। फैट और शुगर शरीर की प्रतिरोधी क्षमता को भी मजबूत करते हैं। फैट को घी, तेल, मक्‍खन और शुगर को गुड़, शहद वगैरह से हासिल किया जा सकता है।

संतुलित आहार लेने के लाभ  |


संतुलित आहार लेने से अनेकों फायदे हैं। संतुलित आहार लेने से व्यक्ति के शरीर के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्वों की पूर्ति होती है। जिससे हम स्वस्थ और तंदुरुस्त रहते हैं। हमारा शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहता है। संतुलित आहार अनेक रोगों और संक्रमण को रोकने में सहायता करता है। हमारी इम्युनिटी पावर बढ़ती है जिससे रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ जाती है। यह मनुष्य के मानसिक क्षमताओं और स्मरण शक्ति में भी वृद्धि करता है। संतुलित आहार आयु और लंबाई के अनुसार उचित शारीरिक वजन को बनाए रखने में भी काफी सहायक होता है। कम आहार ग्रहण करने से मनुष्य अल्पपोषण का शिकार हो जाता है जबकि अधिक आहार ग्रहण करने से मोटापा और अन्य बीमारियां घर बना लेती हैं। ऐसे में संतुलित आहार इन सब विकारों को दूर करने का काम करता है। स्वस्थ और संतुलित भोजन से मधुमेह, कैंसर, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों को रोकने में मदद मिलती है। 

संतुलित आहार से मुख्यतः आपके शरीर को ये लाभ होते हैंः-

  • शरीर को ऊर्जा मिलती है।
  • शारीरिक तन्तुओं का निर्माण होता है।
  • बीमारियों से बचाव होता है।
  • शारीरिक गतिविधियां सुचारू रूप से जारी रहती हैं।

 

महिलाओं और पुरुषों के संतुलित आहार में क्या फर्क है। 

दरअसल प्रत्येक व्यक्ति के शरीर की बनावट भिन्न होती है इसीलिए हर शरीर की पोषण आवश्यकताएं भी एक समान नहीं होती। इसलिए कोई एक आहार जो एक व्यक्ति के लिए संतुलित है वह दूसरे के लिए जरूरत से कम या अधिक पोषक तत्व प्रदान करने वाला साबित हो सकता है। ऐसे कई कारक हैं जो संतुलित आहार को प्रभावित करते हैं। इसलिए इस बात पर हमेशा ध्यान देने की जरूरत है कि किसी व्यक्ति की आयु, लिंग, शारीरिक क्षमता और जीवन शैली क्या है ? वह किस प्रकार की जलवायु में निवास करता है ? इन्हीं प्रश्नों के आधार पर संतुलित आहार का निर्धारण किया जा सकता है। जैसे बच्चे और बड़ों के संतुलित आहार में फर्क हो सकता है उसी तरह महिलाओं और पुरुषों के संतुलित आहार में भी फर्क होता है।

संतुलित आहार खाने वाले ‘स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली’ की नींव रखते हैं। इससे दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम कम होता है। साथ ही यह देश में मानव संसाधनों के विकास के लिए भी बेहद जरूरी है। हम सभी जानते हैं कि एक स्वस्थ समाज द्वारा ही एक स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि पूरे समाज के आहार और पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाए।

पुरुषों के लिए संतुलित आहार 


पुरुषों को संतुलित आहार के रूप में इन खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिएः-

  • कार्ब्स और प्रोटीनयुक्त भोजन करें।
  • सोने से लगभग एक घण्टा पहले भोजन करने की आदत डालें।
  • इसके साथ ही सुबह व्यायाम एवं टहलने की आदत डालनी चाहिए।
  • सुबह उठकर एक गिलास दूध, जिसमें मलाई ना हो ले सकते हैं। इसके साथ 3-4 बादाम खाएँ।
  • शाम को थोड़ी मात्रा में स्नैक्स जैसे- जूस, फल, ग्रीन टी, नट्स आदि लेने से ऊर्जा का स्तर बना रहता है।
  • नाश्ते में अंकुरित अनाज, मौसमी फल या उपमा ले सकते हैं। नाश्ते में कार्बोहाइड्रेट युक्त आहार का सेवन करना चाहिए।
  • दोपहर के भोजन में दाल, रोटी, सब्जी, चावल एवं सलाद ले सकते हैं। इसके साथ में एक कप दही या  छाछ भी लेना चाहिए।
  • रात में कम एवं हल्का भोजन करना चाहिए। रात के भोजन में चावल ना लें। केवल रोटी, सब्जी एवं सलाद ले सकते हैं।

महिलाओं के लिए संतुलित आहार 


  • महिलाओं के लिए पोषण संबंधी आवश्यकताएँ पुरुषों से भिन्न होती है। महिलाएँ को मासिक धर्म के कारण पुरुषों की तुलना में अधिक आयरन की आवश्यकता होती है। इसलिए महिलाओं को संतुलित आहार के रूप में इन खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिएः-
  • महिलाओं को नाश्ते में प्रोटीनयुक्त आहार लेना चाहिए।
  • ब्रेड या फिर दलिया के अंकुरित अनाज का सेवन करें।
  • मौसमी फलों का सेवन करें। दूध और नट्स भी नाश्ते में ले सकते हैं।
  • दिन का भोजन, कार्ब्स, प्रोटीन और वसा से युक्त करें।
  • भोजन में 2 रोटी, एक कटोरी चावल, दाल, सब्जी, सलाद एक दही का सेवन करें।
  • शाम के वक्त ग्रीन टी, जूस, फल या नट्स ले सकते हैं।
  • रात का भोजन दिन की तुलना में हल्का होना चाहिए। 2 रोटी, सब्जी, सलाद एवं कटोरी दाल लेनी चाहिए।
  • रात में सोने से पहले एक गिलास दूध पिएँ।