आपके दौड़ने की गति को बढ़ाने के लिए आपको नियमित प्रशिक्षण, लक्ष्य पर फोकस देने और दृढ़ संकल्प की जरूरत होती है। अगर आप तेज गति से दौड़ना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको अपनी शुरुआती गति को जानना चाहिए, उसके बाद अपनी क्षमता को ध्यान में रखते हुए एक लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए और फिर उस लक्ष्य को हासिल करने के लिए अपनी पूरी कोशिश करनी चाहिए।
इस लेख में आज हम आपको कुछ तरीके बताने वाले हैं, जिसे अपनाकर आप अपनी दौड़ने की गति को बढ़ा सकते हैं।
1 - अपनी मौजूदा गति को जानें : अपनी गति को बढ़ाने के लिए प्रयास की शुरुआत करने से पहले, यह जानना बहुत जरूरी है कि आपकी मौजूदा गति कितनी है, आप अभी कितनी तेज़ी से दौड़ सकते हैं, जिससे आप अपने दौड़ने की गति के लिए लक्ष्य निर्धारित कर सकें। आपको अपनी क्षमता पता होने से ही आप अपने अंदर होने वाले सुधारों पर सही ढंग से गौर कर पायेंगें। इसके लिए आप एक स्टॉपवॉच लें या फिर मोबाईल में ही कोई एप्स डाउन लोड कर लें और फिर उसका इस्तेमाल करके पता करें कि आपको एक मील/ किलोमीटर दौड़ने में कितना समय लगता है। एक बार जब आपको सही समय का पता चल जायेगा तो फिर आप उसे सुधारने के लिए प्रयास कर सकते हैं, जैसे मान लीजिये आप एक किलोमीटर दूरी तय करने में 8 मिनट या 16 मिनट लेते हैं तो आप उसे सुधारने की दिशा में काम कर सकते हैं। आजकल मोबाईल में बहुत से ऐसे एप्स हैं जो आपको गति ,आपके स्टेप्स और समय की गिनती करते हैं, फिर भी यदि आपके पास ऐसे एप्स नहीं हों तो आप नीचे दी गयी विधि से अपने उद्येश्य को हासिल कर सकते हैं।
ऐसा करने के लिए आप ट्रैक का उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि ट्रैक का प्रत्येक 400 मीटर का लैप एक मील के एक चौथाई भाग के बराबर होता है, इसका अर्थ है 400 मीटर के चार लैप एक मील के बराबर हो जाते हैं।
आप अगर किसी ट्रैक का उपयोग नहीं कर सकते हैं, तो एक एकदम सीधी, ट्रैफिक से फ्री रोड पर पुरे एक मील की दूरी को मापें, और फिर उसका प्रयोग आपकी दौड़ने की स्पीड को नापने में करें।
आप एक मिनट में कितने लंबे कदम ले सकते हैं, ये भी पता कर लें। ऐसा करने के लिए खुद को पूरा एक मिनट देने के लिए घड़ी का इस्तेमाल कर सकते हैं, फिर जितनी बार भी आपका दाँया पैर जमीन पर लगे, उस नंबर को नोट करते जाएँ। फिर इसके रिजल्ट में आप के पास जो भी नंबर आता है, आपको अपनी दौड़ने की गति को बढ़ाकर उस नंबर से दोगुना करने की कोशिश करनी चाहिए।
2 - अभ्यास के लिए एक अच्छी लोकेशन की तलाश करें:
लगभग 1/4 मील (400 मीटर) के एक लोकल ट्रैक को या फिर एक प्लेन जगह की तलाश करें। अगर आप अपनी गति बढ़ाना चाहते हैं, तो आपके लिए ट्रैक एक आदर्श जगह है, क्योंकि सभी ट्रैक की एक स्टैंडर्ड लंबाई 400 मीटर होती है। जिससे आप आसानी से आपकी गति में आये सुधार को माप सकते हैं।
लोकल स्कूल भी अक्सर अपने ट्रैक को पब्लिक के लिए खोल देते हैं, और अगर आप कहीं और ट्रैक का उपयोग नहीं कर सकते हैं, तो ये आपके लिए काफी सुविधाजनक हो सकता है।
आप अगर फिर भी आसानी से ट्रैक का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं, तो आप जिम में एक ट्रेडमिल पर या किसी कम से कम ट्रैफिक वाली रोड पर दौड़कर अपनी गति में सुधार कर सकते हैं।
ऐसी रोड का इस्तेमाल कभी ना करें, जो घुमावदार या ऊँची-नीची हो, क्योंकि ये आपके दौड़ने की गति को प्रभावित कर सकते हैं।
3 - एक निश्चित समय सारिणी बनायें : अपनी गति को बढ़ाने के लिए बहुत ही ज्यादा अनुशासित होने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित होने की जरूरत होती है, इसलिए जरूरी है कि आप अपनी सामर्थ्य को ध्यान में रखते हुए एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य निर्धारित करें और उसे हासिल करने के लिए एक निश्चित समय - सारिणी बनायें। आप इस समय सारिणी का अनुशासित तरीके से समर्पित भाव से पालन करें। यदि आपने अपने समय - सारिणी अभ्यास करने के लिए खुद को तैयार करेंगे, तो इससे आप खुद को एक दिशा में बनाये रखेंगे और प्रेरित भी रहेंगे।
4 - प्रशिक्षण के लिए नियम तैयार करें : हफ्ते में 5 दिन दौड़ें और दो दिन आराम करें। आपको हर हफ्ते में अपनी दूरी को बढ़ाते रहना चाहिए। धीरे - धीरे दूरी बढ़ाते रहने से आपकी स्टैमिना और सहनशक्ति बढ़ती है। दौड़ने के लिए आप अपनी दिनचर्या में एक उपयुक्त समय का चुनाव करें जो आपके के लिए सुविधाजनक हो। और फिर हर दिन उसी समय पर दौड़ें।
अलग-अलग दूरी और समय को अपने प्रशिक्षण में शामिल करें। एक दिन लंबी दूरी तक दौड़ें और उसके अगले दिन कुछ कमदूरी तय करें। हफ्ते में कम से कम एक दिन जरा कम गति से दौड़ें। तेज़ गति से दौड़ने की तैयारी करने के साथ ही इस तरह से गति और दूरी में बदलाव करते रहने से आपका शरीर स्वस्थ बना रहता है और आपकी क्षमता बढ़ती है।
हर एक दौड़ से कुछ सीखने का लक्ष्य रखें। आपकी दौड़ को मापने के लिए, आपके पास में एक फिटनेस बैंड या फिर एक रेगुलर टाइमर जरुर रखें। अब आपके द्वारा दौड़ने में इस हफ्ते लिए गये समय की तुलना पिछले हफ्ते से करें और देखें कि आपकी गति बढ़ी है या नहीं।
5 - अपने लिए एक लक्ष्य निर्धारित करें: आपकी दौड़ने की गति बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण करते समय एक लक्ष्य निर्धारित करना आवश्यक है। अगर आप एक लक्ष्य निर्धारित कर लेते हैं तो यह आपको हमेशा प्रेरित करता है, और साथ ही आप इसे हासिल करने के लिए और अधिक मेहनत करते हैं। ध्यान रखें आप जो भी लक्ष्य चुनें, वह चुनौतीपूर्ण तो हो ही साथ ही यथार्थ हो, हासिल करने योग्य हो। जैसे 8 मिनट में एक मील दौड़ने का लक्ष्य निर्धारित कर सकते हैं। आप एक मिनट में उठाये गए कदमों की संख्या, या अपने ताल में वृद्धि करने जैसे लक्ष्यों को निर्धारित कर सकते हैं। दुनिया में सबसे तेज़ दौड़ने वाले लोगों की औसत ताल लगभग 180 कदम प्रति मिनट है। आप अपने ताल को पता करने के लिए, एक मिनट में कितनी बार दाहिने दाहिने पैर को जमीन पर रखते हैं इसकी गिनती करें और फिर इसे हर दिन बढ़ाने के लिए लक्ष्य बना सकते हैं।
6 - दौड़ने के लिए आवश्यक सामान रखें: दौड़ने का सही सामान - जूते, कपड़े आदि - हालाँकि ये आपकी दौड़ने की स्पीड को बढ़ाने के लिए जरूरी नहीं है, लेकिन इससे आप निश्चित रूप से आप कम्फर्टेबल महसूस करेंगे। मौसम के अनुसार हल्के, और आरामदायक कपड़े पहनें। आप एक हाई-टेक घड़ी भी खरीद सकते हैं, जिसका इस्तेमाल करके आप एकदम सटीक ढ़ंग से अपनी दौड़ने के समय को माप सकते हैं, और साथ ही आप उससे अपनी दूरी, स्पीड, बर्न हुई कैलोरी और हार्ट रेट (हृदय गति) को भी माप सकते हैं ।
7 - किसी साथी को चुनें :
अपने किसी साथी को शामिल करने से आपके अंदर आत्मविश्वास पैदा होगा और आपके प्रेरणा के स्तर में भी बढ़ोतरी होगी। साथी की वजह से आप आलस्य नहीं करेंगे। आपका दोस्त आप के साथ दौड़ भी सकता है या फिर आपका ट्रेनर भी हो सकता है।
8 - म्यूजिक सुनें: एक अध्ययन के अनुसार, जो लोग एक्सरसाइज़ करते हुए म्यूजिक सुनते हैं उनकी कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होती है, खासकर तब, जब वे उत्साहवर्धक संगीत सुनते हैं। आप ऐसे गानों को खोजें जो आपकी दौड़ने की गति से मेल खाते हों। यह गाने सुनते हुए, आपका शरीर स्वाभाविक रूप से संगीत के साथ ताल मिलाएगा और आपके जाने बिना आपकी गति में वृद्धि होगी।
9 - दौड़ने का लेखा - जोखा रखें : आपके दौड़ का लेखा - जोखा रखना आपकी अपनी प्रगति का पता लगाने का एक शानदार तरीका है। इसे देखकर आप समझ पाएंगे कि कौन सी परिस्थिति आपकी दौड़ने की गति को प्रभावित करती है। इससे आपको अतिरिक्त प्रेरणा मिलेगी। आपकी दौड़ का लेखा - जोखा रखने के लिए, आपका समय, आपकी औसत गति, आपके द्वारा चुना गया रास्ता, मौसम की स्थिति, दौड़ते समय होने वाली तकलीफ आदि को लिखें। इससे आप अपने दौड़ने के कार्यक्रम में यथोचित बदलाव कर सकते हैं।
10 - कुछ क्रॉस-ट्रेनिंग शामिल करें :
अपनी कार्यक्षमता और सहनशीलता बढ़ाने के लिए कुछ अन्य वर्क आउट अपने कार्यक्रम में शामिल करें। जैसे - ट्रेडमिल पर दौड़ें, रस्सी कूद करें। इससे आपकी सहनशीलता में बढ़ोत्तरी हो सकती है। जो आपको दौड़ते वक्त आपकी गति को बढ़ाने में मददगार होगी। 30 मिनट तक रस्सी कूदना आपके शरीर को संतुलित करने में और पैरों की गति को बढ़ाने में मदद करेगा। कूदने से आपके शरीर को झटकों को सहने की आदत बनती है। योग करें। योग से आपके अंदर लचीलापन बढ़ता है। योग करने से आपकी मांसपेशियों में तनाव से राहत मिलती है।
11 - अपनी मुद्राओं में सुधार करें: दौड़ते वक्त अच्छी मुद्रा के इस्तेमाल से आपके शरीर को सही ढ़ंग से काम करने की पुष्टि होगी और ये आपके दौड़ने की स्पीड को बढ़ाने में मदद करेगा, और इसके साथ-साथ ही चोटों को रोकने में मदद करते हुए, यह सुनिश्चित करेगा कि आपका शरीर जितना हो सके उतनी कुशलता से काम कर सके। दौड़ते वक्त आपको नॉर्मल और ढीलापन महसूस होना चाहिए - आपको तनाव या सख़्त महसूस नहीं होना चाहिए।
दौड़ते समय अपने सिर को सीधा रखें और सामने देखें। अपनी दृष्टि को एकदम सामने रखने से, आपको अपनी गर्दन और कमर को एक सीध में रखने में मदद होगी। साथ ही आप अगर दौड़ते वक्त आपके जूतों की बजाय सामने देखेंगे, तो आप काफी तेज़ी से दौड़ पायेंगे। आपकी बाँहों को 90-डिग्री के एंगल में घुमाएँ। मुट्ठी को ना बाँधें या कंधों को ना उठाएँ; आपकी बाँहों को एकदम शांत रखें और आपको आगे बढ़ाने के लिए हिलाएँ। आपको यदि आपके ऊपरी बदन में कुछ तनाव जैसा महसूस होता है, तो बाँहों को झटका दें।
आपके पैरों के बीच के भाग को नीचे रखें और अंगूठे को दबाएँ। आपके पैरों के बीच के भाग को जोर से नीचे रखें और आपके पैर के पंजे के बल दौड़ें । एकदम हल्के और लचीले कदमों पर ध्यान दें और हर एक कदम को सीधे बॉडी के नीचे ही रखें।
आपके घुटनों को धीरे-धीरे हिलाएँ। आपके पैरों के जमीन पर पड़ते समय आपके घुटनों को हल्का सा मोड़ें, ताकि वे खुद ही थोड़ा झुक जाएँ। आपको आपकी स्पीड को बढ़ाने के लिए, आपके घुटनों को ज्यादा टाइट नहीं करना है।
दौड़ते समय अपने सिर को सीधा रखें और सामने देखें। अपनी दृष्टि को एकदम सामने रखने से, आपको अपनी गर्दन और कमर को एक सीध में रखने में मदद होगी। साथ ही आप अगर दौड़ते वक्त आपके जूतों की बजाय सामने देखेंगे, तो आप काफी तेज़ी से दौड़ पायेंगे। आपकी बाँहों को 90-डिग्री के एंगल में घुमाएँ। मुट्ठी को ना बाँधें या कंधों को ना उठाएँ; आपकी बाँहों को एकदम शांत रखें और आपको आगे बढ़ाने के लिए हिलाएँ। आपको यदि आपके ऊपरी बदन में कुछ तनाव जैसा महसूस होता है, तो बाँहों को झटका दें।
आपके पैरों के बीच के भाग को नीचे रखें और अंगूठे को दबाएँ। आपके पैरों के बीच के भाग को जोर से नीचे रखें और आपके पैर के पंजे के बल दौड़ें । एकदम हल्के और लचीले कदमों पर ध्यान दें और हर एक कदम को सीधे बॉडी के नीचे ही रखें।
आपके घुटनों को धीरे-धीरे हिलाएँ। आपके पैरों के जमीन पर पड़ते समय आपके घुटनों को हल्का सा मोड़ें, ताकि वे खुद ही थोड़ा झुक जाएँ। आपको आपकी स्पीड को बढ़ाने के लिए, आपके घुटनों को ज्यादा टाइट नहीं करना है।
12 - फ़ार्टलेक्स (Fartleks) इस्तेमाल करने की कोशिश करें: फ़ार्टलेक का अर्थ है अपनी दौड़ने की रफ्तार को थोड़े-थोड़े अंतरालों में बदलते रहना। फ़ार्टलेक्स में आप पहले कुछ मिनटों के लिए जॉगिंग की रफ्तार से दौड़ सकते हैं और फिर अपनी वास्तविक गति पर दौड़ना जारी रख सकते हैं। फ़ार्टलेक्स ट्रेनिंग, एक बेहद फ्लेक्सिबल तरीका है। जॉगिंग और तेज़ी से दौड़ने के बीच कितना अनुपात होना चाहिए, यह आप अपनी क्षमतानुसार खुद तय कर सकते हैं। सर्वोत्तम परिणामों के लिए, आपको फ़ार्टलेक प्रशिक्षण को 40-60 के अनुपात में रखना चाहिए। ज्यादातर धावक इस फ़ार्टलेक ट्रेनिंग को करने के लिए किसी एकदम सटीक तरीके का या समय का इस्तेमाल नहीं करते हैं। बहुत से धावक किसी निश्चित स्थान तक अपनी पूरी क्षमता के साथ तेजी से दौड़ते हैं। दौड़ने की गति और दूरी पूरी तरह से आपकी शारीरिक क्षमता पर निर्भर करता है।
एक फ़ार्टलेक वर्कआउट करने से पहले, कम से कम 5 मिनट तक एक औसत गति से दौड़ कर वार्मअप करना जरूरी है। इसके अलावा आप आपके शरीर को आराम देने के लिए कम से कम 5 मिनट तक आराम से चलें। इससे आपकी मांसपेशियों को आराम मिलता है और अगले दिन आप अपनी पूरी ऊर्जा और उत्साह के साथ दौड़ सकते हैं।
13 - प्रभावी ढंग से सांस लेना सीखें: अपनी सांस लेने की क्षमता का अच्छे ढंग से प्रयोग करने से आपकी अपनी दौड़ने की गति तो बढ़ती ही है, साथ ही इससे आपके स्टैमिना भी बढ़ती है। गहरी सांस लेने से आपके खून में अधिक ऑक्सीजन पहुंचती है, जो मांसपेशियों को अधिक ऊर्जा देता है।
आपको अपने मुंह और नाक दोनों से सांस लेनी और छोड़नी होगी, और अपनी छाती के बजाय अपने पेट में सांस लेने का उद्देश्य रखना होगा।
पेट से सांस लेने के लिए गहरी सांस लेनी होती है, और, यदि यह सही ढंग से किया जाए, तो इसमें सांस अंदर लेने पर आपका पेट एक गुब्बारे की तरह फ़ूलना चाहिए, और सांस बाहर छोड़ते वक्त उससे सारी हवा बाहर निकल जानी चाहिए। ऐसे धावक जिन्हें ज्यादा अनुभव नहीं होता वे छाती से सांस लेने लगते हैं। दौड़ते वक्त, अपनी सांसों और कदमों के बीच तालमेल बिठाने की कोशिश करें।
14 - दौड़ने से पहले स्ट्रेचनिंग करें:
दौड़ने से पहले और दौड़ने के बाद स्ट्रेचनिंग जरुर करें। इससे आपके शरीर में लचीलापन बना रहेगा और प्रदर्शन में सुधार होगा। दौड़ते वक्त चोटों का जोखिम कम रहता है। ट्रेडिशनल स्टेटिक स्ट्रेच (खिंचाव करना और स्थिर रहना) की तुलना में, डायनामिक स्ट्रेच (जिसमें गतिविधि शामिल होती है) धावकों के लिए अधिक फायदेमंद साबित होता है।
15 - खूब आराम करें:
अच्छा भोजन करना, हाइड्रेटेड रहना और प्रभावी ढंग से प्रशिक्षण करने के अलावा, आपके शरीर को उपयुक्त आराम और रिकवरी के लिए समय मिलना चाहिए। आपको यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि शरीर अच्छी तरह से प्रदर्शन कर सके। ज़्यादा मेहनत करने से शरीर को थकान और चोट लग सकती है, जिससे आपकी दौड़ प्रभावित हो सकती है। इससे बचने के लिए जरुरी है कि आप सप्ताह में एक या दो दिन आराम करें, बिल्कुल भी ना दौड़ें। यदि आप चाहें, तो आराम के दिनों में योग या मेडिटेशन कर सकते हैं । आपको अच्छी नींद भी लेने की जरुरत है।
चेतावनी
शुरुआत में अपने शरीर पर अपनी क्षमता से अधिक ज़ोर न डालें, याद रखें कि हर व्यक्ति की क्षमता अलग होती है। आपका जीवन किसी भी दौड़ से ज़्यादा महत्वपूर्ण है। दौड़ के दौरान हाइड्रेट रहने के लिए, एक साथ अधिक मात्रा में पानी न पिएं। थोड़ी - थोड़ी, छोटे - छोटे घूंट में पानी पियें। यदि आपको कोई मेडिकल प्रॉब्लम हो, तो दौड़ने से पहले आपको अपने डॉक्टर से सलाह जरुर लेनी चाहिए।




